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    दरभंगा में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जागरूकता और जल स्रोतों की सुरक्षा की जगी है उम्मीद

    By Vinay Kumar Edited By: Dharmendra Singh
    Updated: Mon, 05 Jan 2026 04:04 PM (IST)

    दरभंगा में लोहिया स्वच्छता मिशन-टू और जल जीवन हरियाली अभियान के तहत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया जा रहा है। इसका ...और पढ़ें

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    जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत जल संचय के लिए कुएं का जीर्णोद्धार किया गया। जागरण

    जागरण संवाददाता, दरभंगा । लोहिया स्वच्छता मिशन-टू के तहत, विभागों और ग्रामीणों को जल संरक्षण के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, जागरूकता और जल स्रोतों की सुरक्षा की उम्मीद है।

    यह मिशन सिर्फ शौचालय निर्माण तक सीमित नहीं है, गांवों में कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से ग्रामीण स्वच्छता और समृद्धि लाने पर केंद्रित है, जिसमें विभाग और आम लोग मिलकर काम करने की आवश्यकता है।

    जिसमें अधिकारियों को जागरूकता बढ़ाने, कचरा प्रबंधन सुनिश्चित करने और ग्रामीणों से पानी के सही उपयोग और संरक्षण में सक्रिय भागीदारी की उम्मीद है, ताकि स्वच्छ और समृद्ध गांव बन सकें और पानी के सही भंडारण व उपयोग की आदतें विकसित हों।

    ग्राम पंचायतों को कचरा मुक्त बनाना, सूखा व गीला और तरल कचरे के निपटान के लिए इकाइयां स्थापित करना और उसे प्रोसेस करके दोबारा उपयोग लायक बनाना। लोगों को स्वच्छता और कचरा प्रबंधन के महत्व के बारे में बताना और उन्हें ग्राम पंचायत के कार्यों में सक्रिय करना, जैसे पानी और स्वच्छता सुविधाओं के रखरखाव में आसानी हो सकें।

    अपने घरों के साथ-साथ पूरे गाँव को साफ-सुथरा रखना और उसे सुंदर बनाना। पानी का दुरुपयोग न करना, सुरक्षित पानी का भंडारण करना और व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाना। जल स्रोतों और स्वच्छता सुविधाओं की सुरक्षा करना और उनके संचालन व रखरखाव में योगदान देना। पानी और स्वच्छता से जुड़े मुद्दों पर ग्राम सभाओं में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए।

    जल जीवन हरियाली अभियान के तहत सार्वजनिक जल संरचनाओं का उड़ाहीकरण एवं सुंदरीकरण का कार्य जिला में तेजी से लक्ष्य के अनुसार पूरा किया जा रहा है। वर्ष 2019 से नवंबर 2025 तक 1102 अतिक्रमित सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं के विरुद्ध 1099 संरचनाओं को अतिक्रमण मुक्त करा लिया गया है।

    जल जीवन हरियाली के तहत नए जल स्रोतों का भी सृजन किया है। इसकी संख्या 2413 बताई जा रही है। पांच एक एकड़ से अधिक रकबा वाले 19 तालाब व पोखरों का जीर्णोद्धार किया गया। पांच एक एकड़ से कम रकबा के तालाब और पोखरों की संख्या 810 के विरुद्ध 730 का जीर्णोद्धार किया गया।

    सरकार के निर्देशानुसार, एक एकड़ से अधिक रकबा के तालाब व पोखरों का जीर्णोद्धार लघु जल संसाधन विभाग द्वारा किया जा रहा है। दरभंगा जिला में एक एकड़ से अधिक एक जल संरचना का जीर्णोद्धार किया गया है। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा योजना के तहत सार्वजनिक कुओं व चापाकलों के किनारे सोख्ता व अन्य जल संचयन संरचनाओं का निर्माण कराया गया है।

    जल जीवन हरियाली अभियान के तहत भू-गर्भ जलस्तर को नियंत्रित करने की दिशा में भी कार्य किए जा रहे हैं। जिला में जैविक खेती एवं टपकन सिचाई प्रणाली को भी बढ़ावा मिल रहा है। इसमें 50 एकड़ भूमि में जैविक खेती की जा रही है एवं 152 एकड़ भूमि में लगे फसलों की सिचाई में टपकन प्रणाली का उपयोग किया जा रहा है।

    विद्युत ऊर्जा की खपत में कमी करने एवं वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाने की दिशा में भी कार्रवाई शुरू की गई है। जिला में अवस्थित कुल 3428 सरकारी भवनों में से 2500 भवनों में सौर ऊर्जा से बिजली की आपूर्ति की जा रही है।

    जी राम जी पोर्टल लांच होने के कारण पुराना सभी काम ठप पड़ा हुआ था। अब विभाग से इसे लेकर गाइड लाइन प्राप्त हुआ है। फिर से काम में तेजी आएगी।
    रवि कृष्ण सिंह,मिशन मैनेजर, जल जीवन हरियाली।