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    CJI सूर्यकांत और BJP विधायक मैथिली ठाकुर में खास बातचीत, खुसरो पर कही दिल छू लेने वाली बात

    By Ajit kumarEdited By: Ajit kumar
    Updated: Sat, 03 Jan 2026 02:52 PM (IST)

    Maithili Thakur News- पटना में CJI सूर्यकांत ने लोकगायिका मैथिली ठाकुर की प्रस्तुति की सराहना की। मैथिली ने अमीर खुसरो की "छाप तिलक सब छीनी रे" गाकर स ...और पढ़ें

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    Patna High Court Event- मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने मैथिली ठाकुर को सम्मानित किया। फोटो सौ: एक्स पोस्ट

    डिजिटल डेस्क, दरभंगा। CJI Suryakant Maithili Thakur: पटना हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस आवास पर शुक्रवार की शाम सजी सांस्कृतिक संध्या केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारतीय कला, न्याय और संवेदना के सुंदर संगम की गवाह बनी। मंच पर थीं लोकगायिका और अलीनगर की भाजपा विधायक मैथिली ठाकुर और श्रोताओं में देश के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत। 

    गायन नहीं एक सूफियाना यात्रा

    मैथिली ठाकुर की प्रस्तुति जैसे-जैसे आगे बढ़ी, माहौल में संगीत नहीं, अनुभूति घुलती चली गई। जब उन्होंने अमीर खुसरो की अमर रचना “छाप तिलक सब छीनी रे” को स्वर दिया, तो यह केवल गायन नहीं रहा—वह एक सूफियाना यात्रा बन गई। प्रस्तुति समाप्त होने के बाद मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने उन्हें सम्मानित किया और जो कहा, वही इस शाम की आत्मा बन गई।

    मुख्य न्यायाधीश ने मुस्कराते हुए मैथिली ठाकुर से पूछा—“आपने खुसरो को गाया… या जिया?” 

    Justice suryakant and Maithili thakur 1

    छाप तिलक सब छीनी 

    यह प्रश्न प्रशंसा से कहीं आगे था। यह उस गहराई की स्वीकृति थी, जिसमें खुसरो की रचना सिर्फ सुरों में नहीं, बल्कि भावों में उतर आती है। न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने मैथिली को विशेष रूप से “छाप तिलक सब छीनी” के लिए बधाई दी और कहा— “God bless you.”

    शनिवार को मैथिली ठाकुर ने इन यादगार क्षणों की तस्वीरें अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर साझा कीं। तस्वीरों में सम्मान का भाव भी है और संगीत से उपजी आत्मीयता भी।

    गौरतलब है कि मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत दो दिवसीय बिहार दौरे पर पटना पहुंचे हैं। इस दौरान उन्होंने पटना हाईकोर्ट परिसर में एडीआर भवन, सभागार, प्रशासनिक ब्लॉक, बहुमंजिला पार्किंग, आईटी भवन, आवासीय परिसर, महाधिवक्ता कार्यालय के एनेक्स भवन और अस्पताल भवनों का शिलान्यास किया। इसके साथ ही गया स्थित जजेज गेस्ट हाउस का ई-उद्घाटन भी पटना से किया जाएगा।

    पुनपुन प्रखंड के पोठही गांव में प्रस्तावित बिहार न्यायिक अकादमी के नए कैंपस के भूमि पूजन समारोह में भी उनकी भागीदारी तय है। इन कार्यक्रमों में सर्वोच्च न्यायालय और पटना हाईकोर्ट के कई वरिष्ठ न्यायाधीश शामिल हो रहे हैं। 

    Justice suryakant and Maithili thakur 2

    फारसी और हिंदवी के बीच सेतु 

    जहां तक अमीर खुसरो का सवाल है, तो 13वीं-14वीं शताब्दी के इस महान सूफी कवि को भारतीय सांस्कृतिक परंपरा की आत्मा कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी। “तूती-ए-हिंद” कहलाने वाले खुसरो ने फारसी और हिंदवी के बीच सेतु बनाकर कविता और संगीत को जन-जन तक पहुंचाया। कव्वाली, ख्याल और तराना जैसी शैलियों में उनका योगदान आज भी जीवित है। 

    शब्दों से पहले संवेदना 

    मैथिली ठाकुर की गायकी में खुसरो की रचनाएं इसलिए अलग चमकती हैं, क्योंकि वहां शब्दों से पहले संवेदना बोलती है। “छाप तिलक सब छीनी” हो या “ऐ री सखी मोरे पिया घर आए”, मैथिली के स्वर खुसरो की रूह से संवाद करते प्रतीत होते हैं।

    शायद इसी वजह से उस शाम न्याय के सर्वोच्च आसन पर बैठे व्यक्ति ने यह नहीं पूछा कि आपने खुसरो को कितना अच्छा गाया, बल्कि यह पूछा कि आपने खुसरो को गाया नहीं जिया। यही सवाल उस सांस्कृतिक संध्या की सबसे बड़ी उपलब्धि बन गई।