दरभंगा में बुडको ने गिराई डाइट की दीवार, परिसर में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी
दरभंगा में बुडको के निर्माण कार्यों से नागरिक परेशान हैं। मिर्जापुर में नाला निर्माण के दौरान पेयजल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हुई और अब धूल से लोग जूझ रहे ...और पढ़ें

क्षतिग्रस्त किलाघाट स्थित डाइट की दीवार। जागरण
संवाद सहयोगी, दरभंगा। बुडको जिधर सड़क निर्माण करता है, या नाला बनाता है, उधर ही अपनी बदनामी की छाप छोड़ जाता है। गुणवत्ता का पता तो बाद में चलेगा, लेकिन निर्माण अवधि में ही यह त्राहि त्राहि मचाए हुए है।
मिर्जापुर में सड़क के पूर्वी किनारे से नाला का निर्माण किया जा रहा है। वह भी मात्र कुछ दूरी छोड़कर। निर्माण के क्रम में पहले तो नाला खोदने के दौरान पेयजल की मुख्य पाइप लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके कारण भगवती स्वीट्स के सामने से वी मार्ट तक पूरे सड़क पर भीषण शीतलहरी में पानी फैल गया।
लोगों के जूते जब पानी में भीग रहे थे तो उनके मुंह से बुडको के लिए निकलने वाले प्रशंसा के शब्द सुनने वाले थे। दो दिन के बाद पाइप लाइन की मरम्मत कर दी गई। सड़क से पानी सूख गया।
अब नाले से निकलने वाली मिट्टी और सीमेंट के कण मिले बालू की धुंध संता रही है। स्थिति यह है कि मिर्जापुर हनुमान मंदिर चौक से लेकर आयकर चौराहा तक धूल इतनी है कि सड़क से गुजर रहे लोगों का चेहरा ही पहचानना कठिन हो जाता है।
फुटपाथी दुकानदार हरीश कुमार ने कहा कि प्रतिदिन शाम में खेला लगाकर पांव भांजी बेचता था। लेकिन विगत दस दिनों से धूल के कारण ग्राहक इधर आना नहीं चाहते। अगर पानी के टकर से निर्माण एजेंसी छिड़काव भी कर देती तो कुछ ही देर के लिए धूल दब जाती।
दूसरे दुकानदार मनीष कुमार ने कहा कि नाला ही बनाना है तो पहले निर्माण की राह में आने वाले बिजली पोल, ट्रांसफार्मर आदि को शिफ्ट कर दिया जाता, तब निर्माण कार्य आरंभ होता। मगर यहां तो स्थिति उलट है। 20 फीट में खुदाई कर नाला बन रहा है।
बाकी छोड़ रहा है। इसका मतलब निर्माण कार्य पूरा होने में साल भी लग सकता है। हम लोग कब तक धूल फांकते रहेंगे। उधर किलाघाट स्थित जिलास्तरीय शिक्षक प्रशिक्षण संस्थान डाइट परिसर नवनिर्मित दीवार दक्षिणी छोड़ से बीते मंगलवार की रात 30 फीट में अचानक गिर गई।
प्राचार्य को सूचना मिली तो वह भी भीषण ठंड में दौड़े-दौड़े आए। देखा तो बुडको वाले जेसीबी से दीवार के किनारे नाला निर्माण के लिए खुदाई कर रहे थे। गड्ढा अधिक होने से दीवार पीलर सहित क्षतिग्रस्त हो गई।
प्राचार्य ने महिला प्रशिक्षणार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर जैसे तैसे बांस बल्ला से घेराव कर तत्काल व्यवस्था की। हालांकि कोई बोर्ड भी नहीं लगा था जिससे पता चले कि नाला कौन बना रहा है। बहुत मशक्कत के बाद पता चला तब बुडको के कार्यपालक अभियंता को सूचना दी। लेकिन आज तक दीवार निर्माण नहीं होने से परिसर असुरक्षित है।
प्राचार्य से बात हो गई है। संबंधित अभियंता ने क्षति का आकलन कर लिया है। शीघ्र ही चहारदीवारी का निर्माण कर दिया जाएगा।
अभय कुमार पाण्डेय, कार्यपालक अभियंता, बुडको, दरभंगा।

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