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    Bihar News: बक्सर में चौसा पावर प्लांट के गेट पर भारी बवाल, पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच हिंसक झड़प; कई घायल

    Updated: Wed, 20 Mar 2024 04:30 PM (IST)

    बिहार के बक्सर में निर्माणाधीन ताप बिजली घर के मुख्य गेट पर स्थानीय भूमिदाता किसानों का धरनास्थल बुधवार को रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। आंदोलनकारी किसानों ने गेट से हटने से मना किया तो प्रशासन ने लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद किसानों ने भी लाठी-डंडे से प्रशासन पर हमला कर दिया। दोनों तरफ से कई लोगों के घायल होने की सूचना है।

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    बक्सर के चौसा पावर प्लांट के गेट पर भारी बवाल। (सांकेतिक फोटो)

    जागरण टीम, बक्सर। चौसा में निर्माणाधीन बक्सर ताप बिजली घर की राह में अड़चनें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। यह परिसर करीब एक साल के बाद दूसरी बार किसानों और पुलिस के बीच भीषण हिंसक संघर्ष का गवाह बना। पावर प्लांट के मुख्य गेट पर धरना दे रहे किसानों का कहना था कि उनकी मांगों को प्रशासन और कंपनी सुन नहीं रही है, बल्कि सुनने का दिखावा कर रही है।

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    किसानों का कहना था कि इस बार बिना ठोस कार्रवाई के वह गेट से नहीं हटेंगे। इधर, प्रशासन ने चुनाव की घोषणा से पहले ही प्लांट के आसपास निषेधाज्ञा लगाकर किसानों को वहां से हटने की चेतावनी दी थी।

    चुनाव की घोषणा के बाद प्रशासन ने एक बार पुन: किसानों को हटने के लिए चेतावनी दी। इस बीच किसानों से दो राउंड बातचीत भी हुई, लेकिन नतीजा नहीं निकला। इसे देखते हुए प्रशासन बीते दो-तीन दिनों से कड़ी कार्रवाई का मन बना रहा था।

    मंगलवार की शाम भी कई थानों की पुलिस चौसा पहुंची थी। हालांकि प्रशासन स्थिति भांपकर लौट गया। बुधवार को मौसम खराब था। इसी बीच प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की।

    इधर किसानों को भी इसका अंदेशा पहले से था और वे पहले से ही विरोध की रणनीति तैयार कर बैठे थे। किसानों के पास भी लाठी-डंडे से पहले से जमा थे।

    पुलिस की चार गाड़ियां क्षतिग्रस्त

    पुलिस के बल प्रयोग से आक्रोशित किसानों के पथराव से पुलिस की चार गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई। वही प्लांट के गेट पर खड़ी बीआइएसएफ की एक गाड़ी को उग्र भीड़ ने आग के हवाले कर दिया।

    आग लगने की सूचना मिलते ही बक्सर से फायर ब्रिगेड की गाड़ी चौसा पहुंच गई, पर भीड़ की उग्रता को देखते हुए दमकल भी जलते वाहन की आग बुझाने मौके पर नहीं पहुंच सका।

    50 से अधिक वाहनों से दोबारा पहुंची पुलिस

    किसानों का उग्र रूप देखते हुए बल प्रयोग के लिए सभी थानों को अलर्ट करते हुए घटनास्थल पर बुलाने के साथ पुलिस लाइन से जवानों को बुलाया गया है।

    इस दौरान कुछ ही देर के अंदर 50 से अधिक वाहनों से पुलिस मुफस्सिल थाना पहुंच गई और आदेश का इंतजार करने लगी।

    धरना समाप्त करा प्लांट कराया खाली

    गांव में सर्च अभियान जारी कार्रवाई के पहले ही पुलिस ने चौसा गोला के पास मुख्य मार्ग पर आवागमन को बंद करा दिया जिससे कोई भी आगे नहीं बढ़ पाया।

    कार्रवाई के क्रम में पुलिस ने प्लांट पर धरना दे रहे किसानों को हटाते हुए प्लांट को खाली करा लिया, वहीं किसान नेता मौके से फरार हो गए।

    इस बीच धरना पर बैठे किसान नेताओं की तलाश में पुलिस बल को लेकर शाम 4.45 बजे अधिकारी कोचाढ़ी ओर उसके बाद बनारपुर गांव में पहुंच गए हैं। हालांकि, गांव में पुलिस द्वारा क्या कार्रवाई हुई इसकी जानकारी फिलहाल नहीं मिल पाई है।

    महिलाओं को भी बेरहमी से पीटा

    ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने पावर प्लांट के गेट पर धरना दे रही महिलाओं को भी बेरहमी से पीटा। इससे जुड़ी तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर तेजी से प्रसारित हो रहे हैं। इनमें पुलिस और किसान दोनों तरफ से लाठियां भांजी जा रही हैं। दोनों तरफ से पत्थर और रोड़े भी चलाए जा रहे हैं।

    इधर, परियोजना का गेट खाली करने के बाद प्रशासन की टीम कोचाढ़ी और बनारपुर सहित अगल-बगल के गांवों में पहुंची। इन गांवों में लोगों के घरों पर पत्थर चलाते पुलिस वालों के वीडियो सामने आए हैं।

    लोगों का कहना है कि गांव में भी महिलाओं और युवतियों सहित कई निर्दोष लोगों की पिटाई पुलिस ने कर दी है। कुछ घरों को भी नुकसान पहुंचाने का दावा ग्रामीणों ने किया है।

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