बक्सर एनएच 120 पर कृषि कॉलेज मोड़ का गड्ढा फिर बना मुसीबत, डुमरांव का संपर्क टूटने का खतरा
बक्सर एनएच 120 पर कृषि कॉलेज के पास का गड्ढा फिर मुसीबत बन गया है, जिससे डुमरांव का संपर्क टूटने का खतरा है। बार-बार मरम्मत के बावजूद गड्ढा उभर आया है ...और पढ़ें

बड़े वाहनों के दबाव में उखड़ गई सड़कें
संवाद सहयोगी, डुमरांव (बक्सर)। विधानसभा चुनाव के बीच एनएच 120 पर कृषि कॉलेज मोड़ का बड़ा गड्ढा एक बार फिर बदहाल हो गया है। चुनाव से ठीक एक दिन पहले की गई भराई बड़े वाहनों के दबाव में उखड़ गई, जिससे वाहनों का परिचालन फिर बाधित हो रहा है।
गड्ढे के पास जाम की स्थिति बन रही है, खासकर ओवरलोडेड ट्रकों से। यदि सुधार नहीं हुआ तो डुमरांव का बिक्रमगंज, बक्सर मुख्यालय और रेलवे स्टेशन से संपर्क पूरी तरह ठप हो सकता है।
चुनाव से पहले इस सड़क की बदहाली पर खूब राजनीति हुई। निवर्तमान विधायक अजीत कुमार सिंह की किरकिरी हुई, जबकि जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
16 अक्टूबर को अंचल अधिकारी ने ठेकेदार सीताराम कंस्ट्रक्शन पर एफआईआर दर्ज कराई, लेकिन मरम्मत गुणवत्ताहीन होने से हालात जस के तस हैं।
स्थानीय लोग पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। चुनाव में वादे तो बड़े-बड़े हुए, लेकिन सड़क की हालत देखिए।
रोजाना जाम में फंसकर घंटों बर्बाद होते हैं, स्थानीय वसंत राय, सुनील गुप्ता और पप्पू कुमार ने आक्रोश जताया। उनका कहना है कि अस्थायी पैबंद से काम नहीं चलेगा; स्थायी मरम्मत जरूरी है। एनएच प्राधिकरण की लापरवाही से क्षेत्रीय व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।
प्रशासनिक सूत्रों का दावा है कि चुनाव आचार संहिता हटते ही टेंडर के अनुरूप कार्य शुरू होगी, लेकिन फिलहाल कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, ओवरलोडिंग पर सख्ती और डामरीकरण की गुणवत्ता जांच आवश्यक है। यदि शीघ्र हस्तक्षेप नहीं हुआ, तो परिवहन ठप होने से आर्थिक नुकसान बढ़ेगा।
राजनीतिक दलों ने इसे मुद्दा बनाया, मगर जनता अब स्थायी समाधान चाहती है।

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