बक्सर में 12 करोड़ से GIS आधारित सब स्टेशन; आंधी-वर्षा में भी गुल नहीं होगी बिजली, जानें खासियत
बक्सर में 12 करोड़ रुपये की लागत से पहला गैस इंसुलेटेड सिस्टम (GIS) आधारित विद्युत उपकेंद्र बनेगा। यह नया सबस्टेशन शहर की बिजली व्यवस्था को सुरक्षित औ ...और पढ़ें

बक्सर पर पहली बार जीआइएस आधारित सब स्टेशन का होगा निर्माण। सांकेतिक तस्वीर
जागरण संवाददाता, बक्सर। शहर की बिजली व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और मौसम-प्रतिरोधी बनाने के लिए पहली बार गैस इंसुलेटेड सिस्टम (GIS) तकनीक पर आधारित विद्युत उपकेंद्र (Power Sub Station) का निर्माण किया जाएगा।
इस परियोजना पर करीब 12 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके लिए सोन नहर की मृत शाखा के किनारे जिला परिवहन कार्यालय के ठीक पास जगह चिह्नित कर ली गई है।
जीआइएस सब स्टेशन कम जगह में स्थापित किया जा सकेगा, जो इस तकनीक की प्रमुख विशेषता है। नया सब स्टेशन चालू होने के बाद चरित्रवन और औद्योगिक क्षेत्र पावर सब स्टेशन पर पड़ने वाला भार कम हो जाएगा।
वर्तमान में अधिक लोड के कारण ट्रिपिंग, वोल्टेज उतार-चढ़ाव और बिजली कटौती की समस्या बनी रहती है, जिससे शहर के उपभोक्ता प्रभावित होते हैं।
33 केवी और 11 केवी की लाइनें होंगी भूमिगत
परियोजना के तहत 33 केवी और 11 केवी की विद्युत लाइनों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। इससे तार टूटने, झूलने, आपस में टकराने, बारिश में इंसुलेशन खराब होने और शॉर्ट सर्किट जैसी समस्याएं समाप्त होंगी।
आंधी-वर्षा में भी नहीं कटेगी बिजली
अब तक ओपन सिस्टम सब स्टेशनों में मौसम के कारण बार-बार फाल्ट की समस्या आती रही है। जीआइएस सब स्टेशन पूरी तरह सील और गैस आधारित होता है, जिससे धूल, नमी, पानी और हवा का असर नहीं पड़ता और बिजली आपूर्ति बाधित नहीं होती।
कैसे काम करता है जीआइएस?
इस सिस्टम में सर्किट ब्रेकर, बस बार और स्विचगियर जैसे सभी उपकरण इंसुलेटेड गैस के भीतर बंद रहते हैं। इससे मेंटेनेंस कम होता है, कर्मचारियों की जरूरत घटती है और सुरक्षा बढ़ती है।
उपभोक्ताओं को होंगे ये लाभ
- मौसम में भी बिजली कटौती नहीं
- फॉल्ट और ट्रिपिंग में भारी कमी
- वोल्टेज की समस्या से राहत
- कम मेंटेनेंस, ज्यादा सुरक्षा
- आधुनिक और भरोसेमंद बिजली व्यवस्था
कहते हैं अधिकारी
जीआइएस आधारित सब स्टेशन बनने से शहर के उपभोक्ताओं को लगातार, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति मिलेगी। विभाग इस दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
मधु प्रकाश सिंह, कार्यपालक अभियंता, बिजली कंपनी

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