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    Ara News: फसलों का डेटा बेस तैयार कर रही है नीतीश सरकार, सर्वे के लिए अपनाई गई ये तकनीकी

    Updated: Sun, 02 Mar 2025 05:47 PM (IST)

    आरा में फसलों का डाटा संग्रहित करने के उद्देश्य से डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। प्रत्येक मौजा में जाकर सभी प्लाटों में लगे खड़ी फसलों का डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। साथ ही साथ जियोटैग के माध्यम से डिजिटल फोटो के माध्यम से संग्रहित किया जा रहा है। अब तक करीब 85 से 90 प्रतिशत प्लॉटस का सर्वे किया जा चुका है।

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    आरा में किया जा रहा Digital Crop Survey। (सांकेतिक फोटो जागरण)

    संवाद सूत्र, शाहपुर(आरा)। प्रखंड स्तर पर फसलों का डाटा संग्रहित करने के उद्देश्य से डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। कृषि विभाग द्वारा डीसीएस को लेकर सभी पंचायत में मौजावार विभागीय कर्मियों सलाहकार और समन्वयकों की तैनाती की गई है।

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    जिनके द्वारा प्रत्येक मौजा में जाकर सभी प्लॉटों में लगे खड़ी फसलों का डेटाबेस तैयार किया जा रहा है। साथ ही साथ जियोटैग के माध्यम से डिजिटल फोटो के माध्यम से संग्रहित किया जा रहा है। ताकि, इसका डेटाबेस तैयार किया जा सके।

    शाहपुर प्रखंड में सर्वे के लिए जिला कृषि कार्यालय से कुल 51671 प्लॉट का डाटा बेस तैयार करने का टारगेट दिया गया है। जिसको लेकर सभी मौजों में किसानों के साथ खेतों में लगे खड़ी फसल का सर्वे किया जा रहा है।

    साथ ही जानकारी इकट्ठी की जा रही है कि किस मौजा में किस प्रकार की खेती होती है और मिट्टी किस तरह की है। हालांकि, फिलहाल अभी उन्हीं प्लॉट्स का डेटाबेस तैयार किया जा रहा है, जो अंचल कार्यालय के पंजी टू में दर्ज हैं।

    हालांकि, बहुत सारे प्लॉट ऐसे हैं जो पंजी टू में दर्ज नहीं हैं। वहीं, जिन प्लॉट्स में जल जमाव है या नदी नाले हैं। उनका डेटाबेस नहीं तैयार हो पा रहा है।

    सर्वे करने वालों कर्मियों सीमा राय, मोनू कुमार, विश्वकर्मा कुमार, रविभूषण प्रसाद, संतोष सिंह द्वारा बताया गया कि दियारांचल क्षेत्र में ज्यादातर खेसारी, मसूर, सरसों, परवल व गरमा मक्का की खेती अधिक है।

    वहीं, ऊपरी क्षेत्र में सब्जी, गेंहू, मसूर, चना की खेती अधिक मात्रा में किसानों द्वारा की जा रही हैं। प्रखंड कृषि पदाधिकारी शम्भू शरण ने बताया कि अब तक कृषि समन्यवकों व किसान सलाहकारों द्वारा करीब 85 से 90 प्रतिशत प्लॉटस का सर्वे किया जा चुका है। अगले एक सप्ताह के भीतर लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा।

    कृषि मेला में किसानों को खेतीबारी की नई तकनीक की जानकारी के साथ मिला सम्मान

    वहीं, दूसरी ओर नवादा जिला मुख्यालय के सरकारी आईटीआई परिसर में शनिवार को “दैनिक जागरण” की ओर से दो दिवसीय कृषि मेला सह यशस्वी किसान सम्मान समारोह 2025 का आयोजन किया गया।

    इस समारोह का उद्घाटन मुख्य अतिथि रहे जिला कृषि पदाधिकारी संतोष कुमार सुमन, विशिष्ट अतिथि सह जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. दीपक कुमार, पैक्स अध्यक्ष रामनरेश सिंह, अर्थशास्त्री प्रो. बच्चन कुमार पाण्डेय, सदर प्रखंड कृषि पदाधिकारी अनिल कुमार, केवीके कृषि विज्ञानी रोशन कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

    कृषि मेला में विभिन्न प्रखंडों से प्रगतिशील किसान, पान उत्पाद, कृषि उद्यमी, पशुपालक और मत्स्यपालक पहुंचे। समारोह को संबोधित करते हुए जिला कृषि पदाधिकारी संतोष कुमार सुमन ने कहा कि सरकार किसानों की आर्थिक समृद्धि के लिए कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, जिससे उनके फसलों की उपज में उत्तरोत्तर वृद्धि हुई है।

    कृषि विभाग जिले के किसानों को खेतीबाड़ी की नई तकनिकियों की जानकारी दे रहा है। फसलों के नए-नए प्रभेदों से उत्पादन में आशातीत बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसानों को जागरूक करना जरूरी है।

    जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि “दैनिक जागरण” की ओर से कृषि मेला सह यशस्वी किसान सम्मान समारोह का आयोजन एक सराहनीय पहल है, जो किसानों को खेतीबाड़ी की नई तकनीक की जानकारी देने के साथ ही सम्मान भी दे रहा है।

    इधर, जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. दीपक कुमार ने कृषकों को पशुपालन अपनाकर आय में अतिरिक्त वृद्धि करने के उपाय बताए। बकरी, भेड़, गाय, भैंस, सुअर, कुक्कुट, मछलीपालन आदि के बारे में नई-नई जानकारियां दी, साथ ही कृषकों को सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।

    कृषि विज्ञान केंद्र सोखोदेवरा के कृषि विज्ञानी रोशन कुमार ने जिले की जलवायु और कृषि के लिए अनुकूल तत्वों की जानकारी देते हुए किसानों को उन्नत और वैकल्पिक खेती करने के गुर बताए, तो अर्थशास्त्री प्रो. बच्चन कुमार पाण्डेय ने कृषि को जिले की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कृषकों, पशुपालकों और कृषि उद्यमियों के आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर दिया। समारोह में मंच संचालन कृषि समन्वयक सतपाल ने किया।

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