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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 16, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

VKSU News: शिक्षकों और कर्मियों को रास नहीं आ रही बायोमेट्रिक मशीन, जब मर्जी तब आ रहे विश्वविद्यालय

By Kanchan KishoreEdited By: Mohit Tripathi
Published: Mon, 16 Oct 2023 05:38 PM (IST)

बिहार शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालयों और कॉलजों में बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी बनाने का निर्देश दिया है। हालांकि कुंवर सिंह ...और पढ़ें

शिक्षा विभाग के आदेश के बावजूद वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में बायोमेट्रिक मशीन से नहीं बन रही हाजिरी।
शिक्षा विभाग के आदेश के बावजूद वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में बायोमेट्रिक मशीन से नहीं बन रही हाजिरी।

HighLights

  1. वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय में बायोमेट्रिक मशीन से नहीं बन रही हाजिरी।
  2. 2019 में लगाई अधिकांश बायोमेंट्रिक मशीनें हो चुकी हैं खराब।
  3. विश्वविद्यालय के कुलपति ने कुलसचिव ने मांगी रिपोर्ट।

जागरण संवाददाता, आरा। शिक्षा विभाग के आदेश के बावजूद वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के विभागों और कार्यालय में बायोमेट्रिक मशीन से हाजिरी नहीं बन रही है। इसके कारण विश्वविद्यालय के कई शिक्षक और कर्मचारी विभाग और कार्यालय मनमानी तरीके से आते-जाते हैं।

बता दें कि शिक्षा विभाग ने 2019 में विश्वविद्यालय के सभी विभागों और कार्यालयों में करीब ढाई लाख की बायोमेट्रिक मशीन लगवाई थी। इनमें से अधिकांश मशीनें खराब हो गई हैं।

इसकी पुष्टि करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति शैलेंद्र चतुर्वेदी ने बताया कि विश्वविद्यालय के सभी विभागों और कॉलेजों में बायोमेट्रिक मशीन से उपस्थिति बनाने क निर्देश दिया गया है।

कुलसचिव से मांगी गई रिपोर्ट

उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार निर्देश दिया गया है। इसके अमल करने में कहां कमी रह गई। इसे लेकर कुलसचिव प्रो. रणविजय कुमार से जानकारी मांगी गई है। वह एक सप्ताह के भीतर इस संबंध में रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे।

सभी विभागों में चेहरे के स्कैन वाली बायोमेट्रिक मशीन लगाने का निर्देश दिया गया है। किन-किन विभाग और कहां पर बायाेमीट्रिक मशीन से उपस्थिति नहीं बनती है। इस संबंध में विस्तृत ब्योरा मांगा गया है।

विभिन्न विभागों में बायोमेट्रिक मशीन है खराब

विश्वविद्यालय के कई विभाग, मुख्यालय और परीक्षा विभाग में बायोमेट्रिक मशीन नहीं है। इसके कारण दो सौ से अधिक कर्मियों की उपस्थिति मैन्युअल बनती है।

जीरो माइल स्थित परीक्षा विभाग में 40 से अधिक कर्मचारी, मुख्य प्रशासनिक कार्यालय में भी 32 कर्मचारी और अधिकारी कार्यरत हैं, लेकिन मैन्युअल उपस्थिति के आधार पर वेतन का भुगतान होता है।

भोजपुरी विभाग में तीन माह, हिंदी में दो साल, दर्शन शास्त्र में एक साल, भूगोल में चार माह, बोटनी और फारसी विभाग में एक साल से बायोमेट्रिक मशीन खराब है।

आने-जाने का समय बायोमेट्रिक में दर्ज करने का निर्देश

कुलसचिव प्रो. रण विजय कुमार ने बताया कि कुलपति के आदेशानुसार सभी अंगीभूत कालेजों में शिक्षकों की उपस्थिति बायोमेट्रिक से बनाने के लिए प्राचार्याें को पत्र भेजा गया है।

जिन कॉलेजों में बायोमेट्रिक मशीन नहीं है, संबंधित कालेजों के प्राचार्य शिक्षकों की उपस्थिति अपने सामने बनाकर विश्वविद्यालय मुख्यालय भेजेंगे।

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