Bihar Crime News : आरा कमलेश अपहरण कांड केस की जांच करेगी CBI, अफेयर में हत्या की आशंका
Bihar Crime News बिहार में भोजपुर जिले के आरा में कमलेश अपहरण कांड की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो को सौंप दी गई है। हाईकोर्ट में मामले को लेकर स्वजन की ओर से याचिका दाखिल की गई थी। बीते नौ महीने में पुलिस की जांच धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थी। इधर स्वजन की ओर से अफेयर के चलते अपहृत की हत्या की आशंका भी जताई गई है।

जागरण संवाददाता, आरा। Bihar Crime News : भोजपुर जिले के सिन्हा (बड़हरा) थाना के महुली घाट से करीब नौ महीने पूर्व अपहृत प्राइवेट शिक्षक कमलेश कुमार के अपहरण से जुड़े केस की जांच अब नए सिरे से सीबीआई करेगी।
सीबीआई की टीम अपहरण कांड से जुड़े दस्तावेजों को भोजपुर पुलिस से प्राप्त करने के बाद अपने साथ लेकर चली गई है।
स्वजन जता रहे हत्या की आशंका
केन्द्रीय जांच ब्यूरो की टीम खुद अपने यहां केस अंकित कर नए सिरे से पूरे मामले की जांच करेगी। इसके लिए डीएसपी एवं इंस्पेक्टर रैंक के आफिसर आरा आए थे और पुलिस अफसरों से भी मुलाकात की थी।
इस केस में केन्द्रीय जांच एजेंसी की इंट्री के बाद संदेह घेरे में आए तीन संदिग्धों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। क्योंकि, स्वजन हत्या की आशंका जता रहे हैं।
50 हजार का इनाम भी किया घोषित
इससे पूर्व बरामदगी को लेकर क्लू देने वाले को 50 हजार रुपये इनाम देने की भोजपुर एसपी प्रमोद कुमार ने अनुशंसा की थी। जिस पर शाहाबाद डीआइजी नवीनचन्द्र झा ने स्वीकृति की मुहर लगाई थी।
इसके बाद भी क्लू नहीं मिला। अपहृत कमलेश कुमार मूल रूप से बड़हरा के कोल्हरामपुर गांव निवासी राजेश कुमार राय के पुत्र है।
आरा के फ्रेंड्स कालोनी एवं अनाईठ में भी रहकर प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करते थे। विगत 13 जुलाई 2023 को 30 वर्षीय कमलेश कुमार अपने ससुराल मौलाबाग से ददिया सास के दाहसंस्कार में भाग लेने बड़हरा के महुली गंगा घाट पर बाइक से गए थे।
इसके बाद संध्या साढ़े चार बजे अपने रिश्तेदार से यह बोलकर निकले थे कि बड़हरा किसी काम से जाना है। लेकिन, रात तक वे अपने घर नहीं पहुंचे थे।
इसके खोजबीन करने पर भी कोई सुराग नहीं मिला था। मोबाइल भी बंद बता रहा था, जिसके बाद 14 जुलाई 2023 को बड़हरा थाना में अपहरण की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
सीसीटीवी फुटेज खंगाली थी
उस समय जांच में सरैया तक सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई थी। एक फुटेज भी मिली थी। बबुरा, बड़हरा के आसपास मोबाइल का अंतिम लोकेशन मिली थी।
इधर, पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात आ रही है कि पढ़ने-पढ़ाने के दौरान एक छात्रा से कमलेश का अफेयर चल रहा था। इस दौरान छात्रा का चयन 2019 बैच की महिला दारोगा के रूप में हो गया था।
इस दौरान रहस्यमय तरीके से गायब होने को लेकर स्वजन हत्या की आशंका जता रहे हैं। हालांकि, जिला पुलिस अभी अपहरण मानकर ही चल रही थी।
पुलिस ने जांच के दौरान तीन साथियों का लिया था बयान
पूर्व में केस की जांच में लगी पुलिस ने अपहृत कमलेश से जुड़े तीन साथियों अंजली, रूपेश एवं शुभम आर्या का बयान लिया था।
तीनों के बयान की कापी हाईकोर्ट एवं सीबीआई को सील बंद कर उपलब्ध करा दी गई है। इसमें दो साथी पुलिस विभाग में ही दारोगा के पद पर अलग जिले में कार्यरत हैं। ये कमलेश से पढ़ाई के दौरान ही संपर्क में आए थे।
हाईकोर्ट में पिता ने दायर की थी याचिका
विगत महीने अपहृत के पिता राजेश कुमार ने इस मामले में पटना हाईकोर्ट में एक याचिका भी दायर की थी। इस पर कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए सीबीआई से जांच कराने का आदेश दिया था।
स्वजन प्रेम-प्रसंग में हत्या की आशंका जता रहे हैं। लेकिन, अभी तक जांच पूरी होने तक ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है। अपहृत की बाइक से लेकर मोबाइल तक नहीं मिल सका है।
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