भोजपुर: दिसंबर में 87 हजार लाभुकों को नहीं मिला राशन, 'अभी नहीं आया, बाद में आना' कार्डधारी हर बार खाली हाथ लौटे
भोजपुर जिले में दिसंबर की कड़ाके की ठंड में खाद्य आपूर्ति विभाग की लापरवाही से 80 हजार से अधिक गरीब परिवारों को राशन नहीं मिला। समय पर अनाज न मिलने से ...और पढ़ें

दिसंबर में 80 हजार लाभुकों को नहीं मिला राशन। फोटो जागरण
जागरण संवाददाता, आरा। भोजपुर जिले में दिसंबर की कड़ाके की ठंड के बीच खाद्य आपूर्ति विभाग की गंभीर लापरवाही ने हजारों गरीब परिवारों की परेशानी बढ़ा दी। ठंड से पहले ही जूझ रहे आम लोगों के साथ-साथ राशन पर निर्भर करीब 80 हजार से अधिक लाभुक पूरे महीने चावल और गेहूं के लिए दर-दर भटकते रहे। समय पर राशन वितरण नहीं होने से कई इलाकों में भोजन का संकट तक उत्पन्न हो गया, जिससे विभागीय व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।
जिले में कुल 4.79 लाख कार्डधारियों को प्रत्येक माह सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत अनाज उपलब्ध कराया जाना है, लेकिन दिसंबर माह में वितरण की गति बेहद धीमी रही। जिस कारण 31 दिसंबर की सुबह तक 3.92 लाख लोगों के बीच ही वितरण हुआ था। इसकी बड़ी वजह रही कि कई डीलरों के यहां स्टॉक समय पर नहीं पहुंचा।
इसका खमियाजा लाभार्थियों को भुगतना पड़ा, जो ठंड के मौसम में रोज की मजदूरी और सीमित संसाधनों के सहारे जीवन यापन करते हैं। सबसे अधिक परेशानी आरा सदर और तरारी प्रखंड के लाभुकों को झेलनी पड़ी। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कार्डधारी राशन दुकानों के चक्कर लगाते रहे, लेकिन उन्हें कभी अनाज नहीं आया तो कभी बाद में आने का जवाब देकर लौटा दिया गया। कई लाभुकों का कहना है कि दिसंबर जैसे ठंडे महीने में राशन नहीं मिलने से बच्चों और बुजुर्गों के लिए भोजन की व्यवस्था करना मुश्किल हो गया। कुछ परिवारों को उधार लेकर या कम खाकर गुजारा करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि खाद्य आपूर्ति विभाग ने वितरण की नियमित मॉनिटरिंग नहीं की। शिकायत के बावजूद जिम्मेदार पदाधिकारी मौके पर स्थिति का जायजा लेने नहीं पहुंचे। इससे विभागीय उदासीनता साफ झलकती है। ठंड के मौसम में राशन वितरण में जरा सी चूक भी गरीब परिवारों के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकती है।
जिले में दिसंबर में हुई यह लापरवाही प्रशासनिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़े करती है। लाभुकों की मांग है कि अधिकारियों पर कार्रवाई हो तथा आने वाले महीनों में राशन वितरण की व्यवस्था समयबद्ध और पारदर्शी बनाई जाए, ताकि ठंड में किसी गरीब को भूखा न सोना पड़े। जिला आपूर्ति पदाधिकारी विनय कुमार ने बताया कि राशन वितरण का समय तीन दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है, ताकि सभी के बीच वितरण हो सके।
सबसे ज्यादा वितरण गड़हनी में, आरा में सबसे कम
विभाग के डाटा पर नजर डाले तो राशन वितरण की सबसे अच्छी व्यवस्था गड़हनी अंचल में दिखी। यहां पर कुल 18833 लाभुकों में से 16850 के बीच वितरण हो चुका था। सबसे कम यहां 1983 लाभुक के बीच ही अब वितरण करना शेष रह गया था। दूसरी तरफ सबसे ज्यादा वंचित लाभुक आरा में 11 हजार, तरारी में 10641 और जगदीशपुर में 9422 समेत अन्य अचलों के लाभुक शामिल हैं।
| प्रखंड का नाम | वंचित लाभुक |
|---|---|
| अगिआंव | 6400 |
| आरा | 11000 |
| बड़हरा | 7935 |
| बिहिया | 3633 |
| चरपोखरी | 3642 |
| गड़हनी | 1983 |
| जगदीशपुर | 9422 |
| कोईलवर | 5877 |
| पीरो | 5555 |
| सहार | 3890 |
| संदेश | 3069 |
| शाहपुर | 8121 |
| तरारी | 10641 |
| उदवंतनगर | 6209 |
| कुल | 87,371 |

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