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    35 साल बाद भाजपा प्रत्याशी आरके सिंह ने दोहराया इतिहास

    By JagranEdited By:
    Updated: Fri, 24 May 2019 06:24 AM (IST)

    बिहार की आरा लोकसभा सीट पर वर्ष 1984 के लोकसभा चुनाव के बाद यह पहला मौका है जब भाजपा प्रत्याशी सह केन्द्रीय मंत्री आर के सिंह लगातार दूसरी बार जीत दर् ...और पढ़ें

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    35 साल बाद भाजपा प्रत्याशी आरके सिंह ने दोहराया इतिहास

    आरा। बिहार की आरा लोकसभा सीट पर वर्ष 1984 के लोकसभा चुनाव के बाद यह पहला मौका है जब भाजपा प्रत्याशी सह केन्द्रीय मंत्री आर के सिंह लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। कोई 35 वर्ष बाद ऐसा संभव हो सका है। इसके पहले जनता पांच सालों तक परखने के बाद नये सांसद का चुनाव करती रही। लेकिन इस बार जनता ने परखने के बाद पुन: आर के सिंह को अपना सांसद प्रतिनिधि चुना। वैसे वर्ष 1952 से लेकर 1984 के बीच आरा सीट पर कांग्रेस नेता बलिराम भगत को करीब छह बार प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला था। जबकि जनता पार्टी के नेता चन्द्रदेव प्रसाद वर्मा को दो बार जनता ने चुनकर लोकसभा में भेजा था। हालांकि उसके बाद प्रत्येक पांच साल पर निर्वाचित लोकसभा सदस्यों के बदलने का सिलसिला अनवरत जारी रहा। यहां तक कि 2014 का लोकसभा चुनाव भी इसका साक्षी बन गया था। मगर 2019 के चुनाव में यह सिलसिला टूट गया। वर्ष 1989 के लोकसभा चुनाव में आइपीएफ के नेता रामेश्वर प्रसाद निर्वाचित घोषित हुए थे । फिर वर्ष 1991 के लोकसभा चुनाव में जनता दल के टिकट पर रामलखन सिंह यादव चुनाव जीतकर संसद में गये थे। हालांकि इन्हे भी दुबारा मौका नहीं मिला। वर्ष 1996 के लोकसभा चुनाव में जनता दल के टिकट पर चन्द्रदेव प्रसाद वर्मा निर्वाचित घोषित किये गये थे, लेकिन पूर्व की तरह दो साल बाद हुए अगले लोकसभा चुनाव में जनता ने इन्हे नकार दिया। वर्ष 1998 के लोकसभा चुनाव में समता पार्टी के टिकट पर हरिद्वार प्रसाद सिंह को जनता ने जीता कर संसद में भेजा था। लेकिन इन्हे भी दूसरी बार सफलता नहीं मिली। वर्ष 1999 के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर राम प्रसाद कुशवाहा चुनाव लड़े थे और जीत भी थे। हालांकि पूर्व के इतिहास को देखते हुए दूसरी बार पार्टी ने इन्हे आरा सीट पर नहीं आजमाया। वर्ष 2004 के लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल की दूसरी उम्मीदवार कांति सिंह चुनाव जीती थीं। फिर वर्ष 2009 के लोकसभा चुनाव में जनता ने जदयू उम्मीदवार मीना सिंह को विजयी बनाकर लोकसभा में भेजा था, लेकिन वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में इन्हे पराजय का सामना करना पड़ा। इन्हे भी दूसरी बार प्रतिनिधित्व करने का मौका नहीं मिला। इसमें बहुत हद तक मोदी लहर भी फैक्टर रहा। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में आरा सीट पर भाजपा के पहले उम्मीदवार के रूप में पूर्व केन्द्रीय गृह सचिव राजकुमार सिंह ने अच्छे मतों से जीत दर्ज की थी। लगभग 35 वर्ष बाद यह सिलसिला टूटा और भाजपा के आरके सिंह 2014 के बाद 2019 में लगातार दूसरी बार जीत दर्ज कर 35 वर्ष बाद इस परम्परा को दोहराया।

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    इतिहास के आईने में आरा लोकसभा

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    साल नाम पार्टी

    1952 बलिराम भगत कांग्रेस

    1957 बलिराम भगत कांग्रेस

    1962 बलिराम भगत कांग्रेस

    1967 बलिराम भगत कांग्रेस

    1971 बलिराम भगत कांग्रेस

    1977 चन्द्रदेव प्र.वर्मा जनता पार्टी

    1980 चन्द्रदेव प्र.वर्मा जनता पार्टी

    1984 बलिराम भगत कांग्रेस

    1989 रामेश्वर प्रसाद आइपीएफ

    1991 रामलखन सिंह जनता दल

    1996 चन्द्रदेव प्र.वर्मा जनता दल

    1998 हरिद्वार प्र. सिंह समता पार्टी

    1999 राम प्र. कुशवाहा राजद

    2004 कांति सिंह राजद

    2009 मीना सिंह जदयू

    2014 राजकुमार सिंह भाजपा

    2019 राजकुमार सिंह भाजपा