भागलपुर [राम प्रकाश गुप्ता]

भागलपुर को उत्तर बिहार, पश्चिम बंगाल और नेपाल से जोड़ने वाली विक्रमशिला सेतु पर नित्य दिन लगने वाली जाम से निजात दिलाने की एक और पहल हुई है। सेतु पर होमगार्ड सहित पुलिस पदाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति और तैनाती का भी असर नहीं हो रहा है। जाम से निजात दिलाने के लिए सेतु पर पुलिस चौकी भी स्थापित हो चुकी है। सभी कवायदों में सेतु के एक छोर से दूसरे छोर के बीच समन्वय का अभाव रहता है जिसके कारण समस्या का समाधान जड़ से नहीं हो सका है। अब भागलपुर पुलिस ने राज्य के अन्य सेतुओं की तरह विक्रमशिला सेतु पर भी उत्तर और दक्षिण भाग के बीच समन्वय स्थापित करने के लिए वायरलेस (वितंतु स्टेशन) स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक आशीष भारती ने आईजी प्रोविजन सह नोडल पदाधिकारी, यातायात (पटना) को मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराते हुए संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित करने का आग्रह किया है। एसएसपी ने कहा है कि भागलपुर जिले को अन्य जिलों से जोड़ने के लिए एक मात्र विकल्प विक्रमशिला सेतु ही है।

मालूम हो कि राज्य में पहले से वीर कुंवर सिंह सेतु (आरा-छपरा), जय प्रकाश सेतु (दीघा-सोनपुर), महात्मा गांधी सेतु (पटना-हाजीपुर) और राजेंद्र सेतु (हाथीदह-चकिया) के दोनों छोरों पर वितंतु स्टेशन स्थापित कर सुचारू रूप से यातायात परिचालन किया जा रहा है।

एसएसपी ने कहा है कि भागलपुर जिले में गंगा नदी पर अवस्थित विक्रमशिला सेतु पर प्रत्येक दिन दस हजार से अधिक ट्रक, ट्रैक्टर, बस और अन्य छोटे वाहन पार करते हैं। सेतु का दक्षिण भाग शहर के बीचोंबीच स्थित है। झारखंड के मिर्जाचौकी से स्टोन चिप्स की आपूर्ति होती है जो बिहार के अन्य जिलों में ले जाई जाती है। वहीं बांका और भागलपुर से बिहार के कई जिलों में बालू की आपूर्ति की जाती है। इन दोनों कारणों से सेतु पर ट्रक और ट्रैक्टरों का लोड अधिक है जिसकी वजह से भी जाम लगा रहता है। एसएसपी ने कहा है कि भागलपुर विक्रमशिला सेतु से मोकामा तक लगभग डेढ़ सौ किलोमीटर के बीच कोई भी सड़क पुल नहीं है। भागलपुर से मुंगेर के बीच चंपानाला और घोरघट पुल है जो क्षतिग्रस्त है। जिसके फलस्वरूप विभिन्न जिलों के लिए भारी वाहन विक्रमशिला सेतु से ही पार करते हैं। भागलपुर जिला के अन्य हिस्से में भी काफी संख्या में यातायात संधारण के लिए पुलिस पदाधिकारी प्रतिनियुक्त किए गए हैं, इसके बावजूद जाम की समस्या बनी रहती है। इन समस्याओं से निजात दिलाने के लिए डेडीकेडेट वायरलेस चैनल स्थापित किए जाने की आवश्यकता है। ताकि समन्वय स्थापित कर ट्राफिक पर नियंत्रण किया जा सके।

Posted By: Jagran

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप