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    Coronavirus effect: लॉकडाउन में गिर गया बाजार का ग्राफ, हर दिन मात्र 70 लाख हो रहा निवेश

    By Dilip Kumar ShuklaEdited By:
    Updated: Tue, 11 May 2021 08:38 AM (IST)

    मार्च माह के दूसरे सप्ताह से कोरोना वायरस ने कहर बरपा रहा है। इसका असर अलग-अलग कंपनियों के शेयरों पर भी पड़ा है। इस वजह से लोग शेयरों की खरीदारी कम कर ...और पढ़ें

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    औद्योगिक सलाहकार और वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रदीप झुनझुनवाला।

    भागलपुर [रजनीश]। कोरोना ने शेयर बाजार का खेल बिगाड़ दिया। हर दिन एक करोड़ रुपये भागलपुर से शेयर बाजार में निवेश होता था। लेकिन, 10 मार्च के बाद यह घटकर 70 लाख हो गया है। भागलपुर में करीब दो माह में 18 करोड़ का शेयर बाजार का ग्राफ गिरा है। शेयर मार्केट में शेयर की खरीद की और पैसे का निवेश पहले की तुलना में काफी कम गया है बाजार में गिरावट दिख रही है। दरअसल, मार्च माह के दूसरे सप्ताह से कोरोना वायरस ने कहर बरपा रहा है। इसका असर अलग-अलग कंपनियों के शेयरों पर भी पड़ा है। इस वजह से लोग शेयरों की खरीदारी कम कर रहे हैं। जिन्हें जरूरत है वैसे शेयर धारक अपने शेयरों को औने-पौने दाम पर बेच भी रहे हैं।

    जिले में 25 हजार हैं शेयर धारक

    जिले में छोटे से लेकर बड़े शेयर धारकों की संख्या लगभग 25 हजार है। सभी धारक हर दिन शेयर में अपनी पूंजी लगाते हैं। इधर, कोरोना के बढ़ते मामलों के बाद शेयर बाजार औंधे मुंह गिर गया। लॉकडाउन और कोरोना से शेयर धारकों की परेशानी बढ़ गई है। पहले की तरह लोग शेयर नहीं खरीद रहे हैं। सक्रिय शेयर धारक अभी वेट एंड वॉच की स्थिति में है। विभिन्न कंपनियों के शेयरों पर नजर बनाए हुए हैं। शेयर धारक रवि जैन ने कहा की मार्केट में उठा-पटक की स्थिति है। इसका असर मार्केट पर पड़ रहा है।

    अप्रैल से तेज हुई गिरावट

    जिले के औद्योगिक सलाहकार और वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रदीप झुनझुनवाला बताते हैं कि शेयर बाजार ने मार्च में रिटेल निवेशकों ने जमकर खरीदारी की। नतीजा, सूचकांक में तेजी आई। मार्च के शुरुआती दौर में जिन शेयरों के दाम लगभग सौ रुपये थे। इसके बाद गिरावट होता चला गया। कोरोना के चलते निवेशकों ने शेयरों को बेचना चालू कर दिया। सिर्फ फॉर्मा यानी दवाइयों के शेयरों में तेजी रही। ने कहा कि कोरोना महामारी से शेयर बाजार बेहद अस्थिर है। इस साल की शुरुआत से ही शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है, जिसके कारण निवेशक असमंजस में हैं। कोरोना में गिरे बाजार को पटरी पर लौटने में समय लगेगा।