कटिहार [प्रवीण आनंद]। Katihar News: खरगोश पालन का शौक देखते ही देखते व्यवसाय का रुप ले लिया। आज यह अच्छी आमदनी का जरिया भी बन गया। सेमापुर सकरैली के मधुबनी निवासी शशि शेखर उर्फ बमबम यादव के लिए आज यह जीने का जरिया बन चुका है। इसी के जरिए वे परिवार का भरण-पोषण भी कर रहे हैं।

शशि शेखर को शुरु से ही जानवर व पक्षी पालने का शौक रहा है। उसके पास रंग बिरंगे पक्षी के साथ खरगोश, बकरा व गाय भी पालते रहे हैं। आसपास के लोग इनके घर खरगोश आदि जानवरों को देखने के लिए पहुंचते हैं।

चार साल पहले शुरू किया था कारोबार 

उसने बताया कि महज दो जोड़ी नर मादा खरगोश उसने चार साल पहले लिया था। आज उसके पास 30 जोड़ा खरगोश है। एक जोड़ा खरगोश की कीमत 500 से 600 रुपये मिल जाता है। महीने में इससे करीब सात से आठ हजार तक की आमदनी हो जाती है। खरगोश पालन में कोई परेशानी भी नही है। सबके लिए जालीदार घर बना रहता है। खरगोश सभी प्रकार के शाकाहारी भोजन करते है। वही एक जोड़ा व्यस्क खरगोश माह में चार से पांच बच्चे को जन्म देता है। इससे इसकी संख्या भी बढ़ती जाती है। व्यापारी आकर यहां से ले जाते है। साथ ही स्‍थानीय लोग भी इसे खरीदते हैं। आसपास के लगभग हर घरों में आज लोग खरगोश का पालन कर रहे हैं। 

स्‍थानीय लोग भी हो रहे प्रेरित 

स्थानीय लोग भी खरगोश पालने के लिए खरीदते है। बमबम ने बताया कि शुरू में जब खरगोश ने बच्चा दिया तो उसने लोगों के बीच उसे बांट दिया। बाद में इसे खरीदने के लिए व्यापारी खुद पहुंचने लगे। इसके अलावा स्‍थानीय लोग अपने घरों में भी इसका पालन कर रहे हैं। बकरा व पक्षियों को भी वे पाल रहे हैं और इसे भी व्यवसाय का रुप देने का प्रयास कर रहे हैं।

 

Edited By: Abhishek Kumar