Janta Darbar: कर्ज लेकर पटना पहुंची सुपौल की शांति को नहीं मिले CM नीतीश, दबंगों ने जमीन छीन तोड़ दिया था हाथ
Janta Darbar टूटा हाथ लेकर पटना पहुंची सुपौल की शांति देवी न्याय की आस लेकर जनता दरबार पहुंची लेकिन उसे सीएम नीतीश नहीं मिले ताकि वो अपनी शिकायत बता ...और पढ़ें

आनलाइन डेस्क, भागलपुर/पटना। CM नीतीश कुमार का जनता दरबार (Janta Darbar) फिर से शुरू हुआ और वे खुद लोगों की समस्याओं को सुन उन्हें दूर करने का फरमान संबंधित अधिकारियों को दे रहे हैं। इन सबके बीच उनतक पहुंचने वाले फरियादियों को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। मामला सुपौल की एक महिला से जुड़ा है, जो किसी तरह कर्ज लेकर सुपौल से पटना पहुंची लेकिन जनता दरबार में अपनी गुहार नहीं लगा सकी, मानें सीएम नीतीश से नहीं मिल सकी।
सुपौल के छातापुर निवासी जख्मी शांति देवी जनता दरबार सीएम नीतीश से गुहार लगाने पहुंची। वो कहती हैं कि पटना तक जाने के लिए मेरे पास पैसे तक न थे, किसी तरह 2 हजार रुपये कर्ज लेकर मैं यहां आई कि सीएम साहब सुनेंगे और न्याय करेंगे। लेकिन मुझे सीएम से मिलने ही न दिया गया। दरअसल, शांति देवी का मामला भूमि विवाद से जुड़ा हुआ है। इसके लिए वो जनता दरबार आई।
दबंगों ने छीन ली जमीन-शांति देवी
सुपौल की शांति देवी की मानें तो उन्होंने मेहनत मजदूरी कर जमीन खरीदी थी लेकिन दबंगों ने उनकी जमीन पर कब्जा कर लिया। इसका विरोध करने पर दबंगों ने उनके साथ मारपीट की। दबंगों ने उन्हें इस कदर पीटा कि शांति का हाथ तक टूट गया। शांति का कहना है कि थाने में इसकी शिकायत की लेकिन किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई। टूटे हाथ का इलाज में भी पैसा खर्च हो गया।
जनता दरबार के लिए कराया था रजिस्ट्रेशन?
सीएम नीतीश कुमार से जनता दरबार में मिलने के लिए रजिस्ट्रेशन होता है। लिहाजा शांति से जब सवाल किया गया कि उन्होंने रजिस्ट्रेशन कराया था? तो उन्होंने अपने सारे कागज दिखाए और तपाक से बोलीं हां, रजिस्ट्रेशन कराया लेकिन सीएम साहब से नहीं मिलने दिया गया। जनता दरबार में फरियाद लेकर पहुंचे लोगों को आखिर समस्या का सामना क्यों करना पड़ रहा है इसके पीछे की वजह अधिकारियों द्वारा सही जानकारी न देना है।
सोमवार को जनता दरबार
सीएम नीतीश के जनता दरबार में आज स्वास्थ्य, शिक्षा, वित्त विभाग, समाज कल्याण पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण, विज्ञान एवं प्राद्योगिकी विभाग, सूचना प्रावैधिकी विभाग, कला संस्कृति एवं युवा विभाग, श्रम संसाधन विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग से संबंधित शिकायतें सुनी गई। कोविड प्रोटोकॉल के चलते इस बार सीएम से मिलने की प्रक्रिया थोड़ी जटिल हो गई है। एक वजह ये भी है कि लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

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