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    गजब बेइज्जती है! विदाई से पहले रूठा दूल्हा, चचरी पुल पर पैदल जाने से किया इनकार; ससुर को करनी पड़ी मिन्नतें

    By Ranjit KumarEdited By: Aditi Choudhary
    Updated: Sat, 01 Jul 2023 12:25 PM (IST)

    भागलपुर के नाथनगर स्थित शंकरपुर पंचायत अभी भी मूलभूत सुविधाओं से काफी पीछे हैं। गांव की बदहाल स्थिति देख यहां कोई अपने बेटे या बेटी की शादी नहीं कराना ...और पढ़ें

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    नाथनगर के शंकरपुर सराय किला घाट स्थित चचरी पुल पारकर विदा हुई दुल्हन। जागरण

    नाथनगर (भागलपुर), जागरण संवाददाता। भागलपुर के नाथनगर में बीते एक सप्ताह पूर्व एक दुल्हन की विदाई की खूब चर्चा हो रही है। सोशल मीडिया पर विदाई का वीडियो वायरल हो रहा है। दरअसल, इस गांव में पक्का पुल नहीं है। गांव में आने-जाने के लिए लोगों को चचरी पुल का सहारा लेना पड़ता है। 

    दुल्हन के पिता शत्रुघन मंडल ने बताया कि हमारा पंचायत अभी भी मूलभूत सुविधाओं से काफी पीछे हैं। इलाके के जनप्रतिनिधि चुनाव के वक्त बड़े बड़े वादे करते है, लेकिन जितने के बाद यहां झांकने तक कोई नहीं आता। गांव की बदहाल स्थिति देख यहां कोई अपने बेटे या बेटी की शादी नहीं करना चाहता है।

    बड़ी मिन्नतों के बाद उन्होंने अपनी बेटी की शादी तय की थी। विदाई के समय शंकरपुर पंचायत के सराय किला घाट स्थित चचरी पुल को पैदल पारकर दूल्हा-दुल्हन को गांव से बाहर निकलना था। हालांकि, दूल्हा पैदल चचरी पुल पार करने के लिए राजी नहीं था। काफी मान-मनौव्वल के बाद दूल्हे को मनाया गया।

    इसके बाद करीब 15 मिनट पैदल चलकर गांव की बेटी चचरी पुल पारकर विदा हुई। वायरल वीडियो में चचरी पुल पर एक ठेला पर सामान लादकर पिता अपनी बेटी को विदा करते नजर आ रहे है। इस दौरान गांव की दर्जनों महिलाएं और बच्चे भी दुल्हन के पीछे-पीछे चचरी पुल पर गीत गाती नजर आ रहीं हैं। बेटी की विदाई का यह नजारा बेहद मार्मिक था। 

    दुल्हन के पिता ने बताया कि गांव की महिलाओं ने बेटी की शादी में काफी सहयोग किया। तब जाकर शादी संपन्न हो सकी। गांव में एक पक्की पुल का निर्माण कार्य अति आवश्यक है। पुल नहीं होने से गांव के बच्चे भी पढ़ाई से दूर होते जा रहे हैं।