भागलपुर : नए साल में रहे मशगूल, पहले दिन ही 15402 शिक्षक भूल गए यह महत्वपूर्ण कार्य, अब होगी कार्रवाई
भागलपुर में नए साल के पहले दिन सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति चिंताजनक रही। विभाग के निर्देश के बावजूद 1 जनवरी को 15,402 शिक्षकों ने ई-शिक्षा ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर
जागरण संवाददाता भागलपुर। नए साल के पहले ही दिन जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों के अनुशासन और समयबद्धता की तस्वीर चिंताजनक रही। विभाग के निर्देश पर एक जनवरी को जिले के सभी विद्यालय खुले थे। जिलाधिकारी के निर्देश पर भले ही कक्षा एक से आठ तक की पढ़ाई स्थगित थी, लेकिन शिक्षकों की उपस्थिति अनिवार्य की गई थी।
विभाग के निर्देश को जिले के शिक्षकों ने दिखाया ठेंगा
इसके बावजूद आदेश की अवहेलना करते हुए जिले से बड़ी संख्या में शिक्षकों ने ई-शिक्षाकोष पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं कराई। सामने आई तस्वीर ने शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की मनमानी को उजागर कर दिया है। हालांकि मामले को लेकर डीईओ ने जांच कर कार्रवाई की बात कही है। लेकिन सवाल उठता है, क्या विभाग के निर्देश को भी सरकारी शिक्षक अब मानने को तैयार नहीं। मुख्यालय से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार जिले में एक जनवरी को कुल 15,402 शिक्षकों ने ई-शिक्षाकोष पर अटेंडेंस नहीं बनाया। केवल 1,139 शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की, जबकि 185 शिक्षक अवकाश पर थे और 26 शिक्षकों ने ‘मार्क आन ड्यूटी’ के माध्यम से हाजिरी लगाई।
दो जनवरी को 13,110 शिक्षकों ने अटेंडेंस बनाया
दो जनवरी को शुक्रवार होने के कारण जिले के 50 से 70 उर्दू विद्यालय बंद रहे। इस वजह से 3,242 शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी। हालांकि दोपहर एक बजे तक 13,110 शिक्षकों ने अटेंडेंस बनाया, 237 शिक्षक ‘मार्क आन ड्यूटी’ पर रहे और 185 शिक्षक अवकाश पर थे। इसके बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं कि क्या एक जनवरी की लापरवाही की जांच होगी या मामला कागजों तक ही सीमट कर रह जाएगा।
व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
- 1139 शिक्षकों ने बनाई हाजिरी, 185 छुट्टी पर, 26 की मार्क आन ड्यूटी से लगी हाजरी
- दो जनवरी को 3,242 शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज नहीं हो सकी, उर्दू विद्यालय रहे बंद
- ई शिक्षाकोष एप पर दर्ज उपस्थिति से हुआ खुलासा, मार्क आन ड्यूटी भी सवालों के घेरे में
ई-शिक्षाकोष की रिपोर्ट में ‘मार्क आन ड्यूटी’ अटेंडेंस को लेकर भी संदेह जताया गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार फिलहाल जिले में कोई प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित नहीं है और प्रतिनियुक्त शिक्षक भी 30 से कम हैं। इसके बावजूद दो जनवरी को 237 शिक्षकों का ‘मार्क ऑन ड्यूटी’ दर्ज होना जांच का विषय है।
ई-शिक्षाकोष का टू-पाइंट वर्जन जल्द होगा शुरू
इधर शिक्षा विभाग ने व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ई-शिक्षाकोष का टू-पाइंट वर्जन शुरू करने की तैयारी की है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद द्वारा विकसित इस प्रणाली में शिक्षक अपनी व्यक्तिगत जानकारी अद्यतन कर सकेंगे, उपस्थिति दर्ज करेंगे और आनलाइन अवकाश आवेदन कर पाएंगे। साथ ही छात्र नामांकन, उपस्थिति, शैक्षणिक प्रगति, विद्यालय की आधारभूत संरचना, निरीक्षण और रिपोर्टिंग की सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। फिलहाल यह प्रणाली विकास के चरण में है, लेकिन जल्द इसे पूर्ण रूप से लागू करने की तैयारी है।
आखिर इतने शिक्षक किस कारण से आनलाइन अटेंडेंस क्यों नहीं बनाएं इसकी जानकारी ली जाएगी, कही कोई तकनिकी गड़बड़ी तो नहीं रही, जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
राजकुमार शर्मा, डीईओ

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