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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

भागलपुर पुलिस की खुली पोल... जिस मशीन से जांच कर नशेड़ियों को भेजते हैं जेल, उसका खुद को नहीं ज्ञान; छूटे पसीने

By Aysha SheikhEdited By: Aysha Sheikh
Published: Mon, 09 Oct 2023 02:34 PM (IST)

Bhagalpur News बिहार के भागलपुर में पुलिस पदाधिकारियों पर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल पदाधिकारी जिस ब्रेथ एनालाइजर मशीन के ...और पढ़ें

भागलपुर पुलिस की खुली पोल... जिस मशीन से जांच कर नशेड़ियों को भेजते हैं जेल, उसका नहीं है प्रशिक्षण; छूटे पसीने
भागलपुर पुलिस की खुली पोल... जिस मशीन से जांच कर नशेड़ियों को भेजते हैं जेल, उसका नहीं है प्रशिक्षण; छूटे पसीने

HighLights

  1. शराब पीने वालों की अल्कोहल जांच के लिए ब्रेथ एनालाइजर मशीन से जांच करने वाले पुलिस पदाधिकारी नहीं हैं प्रशिक्षित
  2. विशेष उत्पाद न्यायाधीश ने मांगा पुलिस पदाधिकारियों से प्रशिक्षण प्रमाण पत्र तो एसएसपी ने शुरू कराया प्रशिक्षण

कौशल किशोर मिश्र, भागलपुर। शराब पीने वालों की अल्कोहल जांच के लिए जिस ब्रेथ एनालाइजर मशीन का सहारा पुलिस पदाधिकारी ले रहे हैं, उसका उन्होंने प्रशिक्षण लिया ही नहीं है। यह चौंकाने वाली जानकारी ब्रेथ एनालाइजर से जांच कर नशे के आरोप में गिरफ्तार कर शख्स को न्यायालय भेजे जाने के बाद प्रकाश में आई है।

विशेष उत्पाद न्यायाधीश ने इसको लेकर घोर आपत्ति जताई है। डीएम और एसएसपी को इस संबंध में पुलिस पदाधिकारियों को प्रशिक्षित करा, उसका बाकायदा प्रमाण पत्र जारी करने का आदेश दिया है।

पुलिस पदाधिकारियों की तरफ से सुनवाई के दौरान आरोपित पर लगे आरोप पुख्ता नहीं हो पा रहे हैं, क्योंकि पुलिस पदाधिकारियों पर ब्रेथ एनालाइजर मशीन से जांच का प्रशिक्षण प्रमाण पत्र नहीं है।

इसकी वजह से आरोपित न्यायालय में निर्दोष साबित हो रहे हैं। उत्पाद न्यायालय की तरफ से पुलिस की कार्यशैली पर उठे इस सवाल के बाद यह माना जा सकता है कि अभी तक शराब पीने वालों की अल्कोहल जांच में जैसे-तैसे जांच कर आरोपितों को पुलिस नशेड़ी बना न्यायालय भेज दे रही थी।

कैसे मान लिया जाए कि सही जांच की?

शराब के नशे में धुत होने के आरोप में धरे जा रहे आरोपितों को पुलिस पदाधिकारी विशेष उत्पाद न्यायालय में भेज रहे हैं। अल्कोहल की मात्रा इतनी थी... ऐसा दावा ब्रेथ एनालाइजर मशीन से की गई जांच के आधार पर पुलिस पदाधिकारी करते हैं।

विशेष न्यायाधीश ने जब उक्त मामले की सुनवाई में पुलिस पदाधिकारी से ब्रेथ एनालाइजर मशीन से जांच में दक्ष होने का प्रमाण पत्र मांगा तो पुलिस पदाधिकारी सकते में आ गए। उनके पास ब्रेथ एनालाइजर मशीन चलाने का प्रशिक्षण प्रमाण पत्र नहीं मिला।

इसके बाद एसएसपी आनंद कुमार ने सभी पुलिस पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिला उन्हें प्रमाण पत्र निर्गत करने की कवायद शुरू कर दी है। अब सभी थानों में तैनात ओडी पुलिस पदाधिकारी और गश्ती पुलिस पदाधिकारियों को छोड़कर सभी पुलिस पदाधिकारियों को ब्रेथ एनालाइजर मशीन जांच का बाकायदा प्रशिक्षण दिलाना शुरू कर दिया गया है

एसएसपी ने इसको लेकर जिले के सभी थानाध्यक्षों को उनके थानों के पुलिस पदाधिकारियों के लिए प्रशिक्षण की तय समय अवधि में प्रशिक्षण प्राप्त कर लेने का निर्देश दिया है। यही नहीं सभी सक्षम पुलिस पदाधिकारियों को उक्त प्रशिक्षण को सुनिश्चित करा लेने की भी जिम्मेदारी दी है।

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