Bhagalpur News: ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट योजना में बड़ी लापरवाही, प्रोपराइटर के खिलाफ दर्ज हुई FIR
मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने वाली एजेंसी के प्रोपराइटर के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया है। प्रोपराइटर पर फर्जी परफॉर्मेंस बैंक गारंटी समर्पित करने का आरोप है। एजेंसी के प्रोपराइटर गगन कुमार को धोखाधड़ी में आरोपित बनाते हुए नामजद किया है। एजेंसी को 2560 सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य आदेश मिला था जिसके बाद 40 लाख 48 हजार 322 रुपये की एक्सिस बैंक गारंटी समर्पित की गई।

जागरण संवाददाता, भागलपुर। खरीक के प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी नागेश्वर प्रसाद ने मेसर्स आदर्श इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल इकोनॉमिक डेवलपमेंट एजेंसी की तरफ से फर्जी परफॉर्मेंस बैंक गारंटी समर्पित करने मामले में केस दर्ज कराया गया है।
जोगसर थाने में दर्ज केस में उन्होंने एजेंसी के प्रोपराइटर गगन कुमार को धोखाधड़ी में आरोपित बनाते हुए नामजद किया है। पुलिस अब इस पूरे मामले की जांच कर रही है।
एजेंसी का प्रधान कार्यालय खगिड़या जिले के मध्य विद्यालय राटन, गोगरी में है। प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी, खरीक ने दर्ज केस में कहा है कि कंपनी के प्रोपराइटर गगन कुमार ने फर्जी पीबीजी समर्पित करने वाली एजेंसी के प्रोपराइटर की तरफ से किए गए फर्जीवाड़े को एक मार्च 2025 को जिला पदाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता वाली बैठक की कार्यवाई में भी लाया गया था। उसके बाद एजेंसी के प्रोपराइटर के विरुद्ध आपराधिक केस दर्ज कराने की कवायद शुरू की गई।
2560 सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का मिला था कार्य आदेश
- एजेंसी को 2560 सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य आदेश दिया गया था, जिसके विरुद्ध इस एजेंसी की तरफ से एकरारनामा के तहत 40 लाख 48 हजार 322 रुपये का एक्सिस बैंक गारंटी 10 सितंबर 2024 को समर्पित किया गया।
- एजेंसी की तरफ से समर्पित की गई बैंक गारंटी के सत्यापन के लिए जिला पंचायत राज कार्यालय, भागलपुर की तरफ से एक्सिस बैंक कंफरमेशन डेस्क मुंबई को दस सितंबर 2024 को पत्र भेजा गया।
- सत्यापन प्रतिवेदन अप्राप्त रहने के कारण फिर 23 नवंबर 2024 को पत्र भेजा गया। जिसके सत्यापन में बैंक की तरफ से फर्जी बताया गया।
इसके बाद एजेंसी को इस आशय का जब 11 दिसंबर 2024 को जवाब तलब किया गया तो उसका एजेंसी की तरफ से जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद 14 दिसंबर 2024 को फिर से स्पष्टीकरण की मांग की गई।
एजेंसी ने 16 दिसंबर 2024 को स्पष्टीकरण समर्पित कर उसका उल्लेख किया कि एजेंसी की तरफ से जमा की गई गारंटी फर्जी नहीं है।
फिर से जांच कराई गई तो पता चला कि कटिहार में मिसमैच होने के कारण उस गारंटी को भागलपुर में जमा करा दिया गया। मामले में जब पंचायती राज विभाग पटना से मार्गदर्शन मांगा गया तो मामले में फर्जी बैंक गारंटी सौंपे जाने मामले में केस दर्ज कराने का निर्णय लिया गया।
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