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    Bhagalpur Metro Latest News: भागलपुर मेट्रो की डीपीआर कब होगी तैयार? आ गई नई जानकारी; 6 समस्याओं की होगी स्टडी

    Updated: Sun, 11 Aug 2024 02:50 PM (IST)

    Bhagalpur Metro भागलपुर मेट्रो का काम शुरू हो गया है। इससे जुड़े अधिकारी सर्वे करने में जुट गए हैं। पहले फीजिबिलिटी जांच की जा रही है फिर डीपीआर तैयार किया जाएगा। इस दौरान 6 समस्याओं का अध्ययन किया जाएगा। लोगों की दिनचर्या से लेकर वाहनों के रूट का पता लगाया जा रहा है। कितने सड़क किनारे से चल रहे हैं इसके बारे में भी जानकारी ली जा रही है।

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    भागलपुर मेट्रो की फीजिबिलिटी जांच होगी (जागरण)

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। Bhagalpur News: मेट्रो चलाने से पहले शहर को मेट्रो सिटी के रूप में विकसित करना जरूरी है। कंपनी मेट्रो के लिए शहर के एंट्री पाइंट के सर्वे के बाद अब सोमवार से सभी चौक-चौराहों पर 26 कमरे की मदद से स्पीड एंड डिले सर्वे करेगी।

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    रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (राइट्स लिमिटेड) के प्रोजेक्ट को-ओर्डिनेटर जयशंकर कुमार ने बताया कि सेपरेट कैमरे से ट्रैफिक की निगरानी की जाएगी। स्पीड एंड डिले सर्वे में एजेंसी की कई टीम गाड़ियों के साथ शहर की सड़कों पर चलेगी और अपने साथ चलने वाली गाड़ियों की स्पीड को रिकार्ड करेगी।

    इस दौरान यह भी देखा जाएगा कि गाड़ी अगर स्पीड चलती है तो सड़क की स्थिति क्या रहती है। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान शहर की सड़कों पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग, सड़कों पर जानवरों का होना जैसी कई चीजें दिखी हैं। शहर की चौड़ाई बहुत कम है।

    कब तैयार होगी भागलपुर मेट्रो की डीपीआर (Bhagalpur Metro)

    मेट्रो सेवा शुरू करने से पहले शहर सुव्यस्थित हो, इसीलिए यह सर्वे किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि तीन महीने का समय है। शहर की पूरी फीजिबिलिटी जांच करने के बाद इसकी रिपोर्ट तैयार होगी। उसके बाद डीपीआर तैयार किया जाएगा।

    चौक-चौराहों पर फुट ओवर ब्रिज की जरूरत है या नहीं इसकी हुई जांच

    लोगों से लिए गए फीडबैक में शहर के चौक-चौराहों पर फुट ओवर ब्रिज है या नहीं इसकी भी जांच की गई। इस दौरान देखा गया कि कितने लोग शहर की सड़कों पर चल रहे हैं। कितने लोग बिना गाड़ी देखे सड़क पार कर रहे हैं, कितने सड़क किनारे से चल रहे हैं। इन सभी की जांच की गई।

    नन मोटराइज्ड सर्वे के दौरान सैंडिस कंपाउंड के चारों ओर अलग से फुटपाथ और साइकिल रिक्शा चलने वालों के लिए अलग से ट्रैक बनाने का सर्वे किया गया। ताकि अगर शहर मेट्रो सिटी में तब्दील होती है तो शहर में गाड़ियों की स्पीड बढ़ेगी, जिससे दुर्घटना का खतरा भी बढ़ेगा। दुर्घटना पर लगाम लगाने के लिए सड़क किनारे ट्रैक, फुटपाथ आदि की जरूरत है, इस विषय में भी लोगों से राय ली गई।

    स्पीड एंड डिले सर्वे में इन चीजों का होगा अध्यन

    1. वाहनों की औसत गति

    2. वाहनों की अधिकतम गति

    3. यात्रा समय और दूरी

    4. सड़कों की क्षमता और उपयोग

    5. यातायात संकेतों और निर्देशों का प्रभाव

    6. सड़कों की स्थिति और रखरखाव का प्रभाव

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