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    भागलपुर मरीन ड्राइव निर्माण में 250 भवन बन रहे बाधक, सरकारी तोड़े जाएंगे; निजी पर अधिग्रहण

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 12:50 PM (IST)

    भागलपुर मरीन ड्राइव (गंगा पथ) निर्माण में लगभग 250 भवन बाधा बन रहे हैं। एक विशेषज्ञ टीम ने मानिक सरकार घाट से बरारी पुल घाट तक सर्वे किया है। सरकारी ज ...और पढ़ें

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    मरीन ड्राइव ( प्रतीकात्मक तस्वीर )

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। नगर निगम की एजेंसी के साथ 12 विशेषज्ञों की टीम ने मानिक सरकार घाट से बरारी पुल घाट तक का सर्वे किया। जिसमें मरीन ड्राइव (गंगा पथ परियोजना) के निर्माण में करीब 250 भवनों के बाधक बनने की बात सामने आ रही है। 

    बरारी वाटर वर्क्स और कई सीढ़ी घाट भी इसके दायरे में आ सकते हैं। अगर ये भवन सरकारी जमीन पर हुए तो उन्हें तोड़ दिया जाएगा। निजी जमीन पर हुए तो उसका अधिग्रहण कर बहुप्रतिक्षित योजना की बाधा को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। 

    दूसरे चरण में सुल्तानगंज से भागलपुर होते हुए सबौर तक सर्वेक्षण कार्य किया जाएगा। पहले और दूसरे चरण में मुंगेर से सबौर तक मरीन ड्राइव का निर्माण कार्य एक साथ आरंभ होगा।

    प्रस्तावित स्थलों का भौतिक सत्यापन 

    इस परियोजना के पूर्ण होने से यातायात व्यवस्था में तो सुधार होगा ही, भागलपुर और आसपास के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी गति मिलेगी। मरीन ड्राइव के निर्माण के लिए एक संयुक्त निरीक्षण टीम गठित की गई है, जो प्रस्तावित स्थलों का भौतिक सत्यापन कर रही है। 

    टीम ने सबौर, इंजीनियरिंग कॉलेज से बरारी श्मशान घाट तक सर्वे किया। आगे के सर्वेक्षण के दायरे में बरारी के श्मशान घाट में नवनिर्मित विद्युत शवदाह गृह और स्मार्ट सिटी द्वारा निर्मित गंगा रिवर फ्रंट का हिस्सा भी आ रहा है। इसका अर्थ है कि नदी तट से 15 से 30 मीटर तक मरीन ड्राइव का दायरा हो सकता है।

    नाथनगर दियारा की ओर से गुजरेगा गंगा पथ

    मानिक सरकार घाट से नाथनगर दियारा की ओर गंगा पथ गुजरेगा। इसके लिए चंपापुल से गंगा पथ तक लगभग 3.5 किलोमीटर लंबा संपर्क मार्ग बनाया जाएगा, जिससे फारलेन से इसका सीधा जुड़ाव हो जाएगा। इससे शहर के बाहरी क्षेत्र से गंतव्य तक पहुंचने में सहूलियत होगी।

    रिपोर्ट के आधार पर होगा संशोधन

    सर्वेक्षण की रिपोर्ट के आधार पर जिला प्रशासन संशोधन करेगा, तभी एनओसी मिलेगा। सर्वेक्षण कार्य मार्च तक जारी रहेगा। सर्वेक्षण के साथ मिट्टी की जांच भी की जा रही है। 

    रिपोर्ट सौंपने के बाद निर्माण कार्य आरंभ होगा। यह परियोजना बिहार सरकार की एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा योजना है, जिसे बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित किया जा रहा है।

    बीएसआरडीसी के उप महाप्रबंधक ने 15 दिसंबर को लिखा था पत्र

    बीएसआरडीसी के उप महाप्रबंधक (तकनीकी) ने 15 तारीख को निगम प्रशासन को पत्र लिखा था। इसके आधार पर भागलपुर निगम क्षेत्र के अधिकारियों और कर्मियों को संयुक्त निरीक्षण के लिए नियुक्त किया गया है। 

    इस टीम में कार्यपालक अभियंता, नगर विकास प्रमंडल, अरुण कुमार (सहायक अभियंता), नगर प्रबंधक असगर अली, कनीय अभियंता अनुपम अनुराग और अमीन अजीज आलम शामिल हैं। 

    टीम द्वारा गंगा पथ परियोजना के निर्माण के लिए प्रस्तावित स्थलों की मापी की जा रही है। प्रस्तावित स्थल का भौतिक सत्यापन कर आंकलन रिपोर्ट तैयार की जा रही है। संयुक्त निरीक्षण के बाद आवश्यक एनओसी और तकनीकी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। 

    टीम की रिपोर्ट के आधार पर नगर आयुक्त और जिला प्रशासन द्वारा चिह्नित स्थल पर निर्णय लिया जाएगा। फेरबदल भी किया जा सकता है, ताकि गंगा पथ परियोजना का निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ हो सके और किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।