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    Bhagalpur News: 10 दिनों में सरकारी जमीन को चिह्नित कर खाली कराने का आदेश, कार्रवाई शून्य

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 01:56 PM (IST)

    भागलपुर में सरकारी जमीनों पर वर्षों से अतिक्रमण है, जिसमें रेलवे, नगर निगम और एनएच की भूमि शामिल है। ठोस कार्ययोजना के अभाव में राजस्व का भारी नुकसान ...और पढ़ें

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    10 दिनों में सरकारी जमीन को चिह्नित कर खाली कराने का आदेश, कार्रवाई शून्य

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। शहरी क्षेत्र में बेशकीमती सरकारी जमीन पर अतिक्रमणकारियों ने वर्षों से कब्जा जमा रखा है। इनमें रेलवे, नगर निगम, एनएच, पथ निर्माण विभाग और बिहार सरकार की जमीन शामिल है। हैरानी की बात यह कि लंबे समय से अतिक्रमण के बावजूद संबंधित विभाग ने अब तक इन जमीनों को खाली कराने की ठोस कार्ययोजना तक नहीं बनाई है।

    यदि इन भूखंडों को चिह्नित कर अतिक्रमणमुक्त करा लिया जाए तो उसका व्यावसायिक उपयोग कर बड़े पैमाने पर राजस्व अर्जित किया जा सकता है, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण न सिर्फ सरकारी संपत्ति का नुकसान हो रहा है, बल्कि अवैध बसावट लगातार बढ़ता जा रहा है।

    वैसे अब लोगों को उम्मीद जगी है कि उपमुख्यमंत्री के संवाद कार्यक्रम के बाद जिला प्रशासन और संबंधित विभाग नींद से जागे और अतिक्रमण हटाने के लिए ठोस कदम उठाए।

    निगम की आधा दर्जन जमीन पर बस गई हैं कॉलोनियां

    भीखनपुर से बरारी तक रेलवे की जमीन पर बड़े पैमाने पर लोगों ने कब्जा कर रखा है। नगर निगम क्षेत्र में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं। निगम की आधा दर्जन से अधिक जमीनों पर कॉलोनियां बस चुकी हैं। कई किलोमीटर लंबे हथिया नाला पर घर, शौचालय और पार्किंग एरिया तक बना लिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग की जमीन पर भी अतिक्रमण का दायरा तेजी से बढ़ा है।

    पथ निर्माण विभाग की ललमटिया चौक पर सड़क के 20 फीट हिस्से पर झोपड़ी बनीं है। बरारी में एनएच की जमीन पर अवैध कॉलोनी बसी है। बरारी और कंपनीबाग समेत कई इलाकों के तालाबों का निजी उपयोग किया जा रहा है। स्थिति यह है कि नगर निगम को खुद अपनी जमीनों की पूरी जानकारी नहीं है। जिसके कारण निगम अपनी ही जमीन पर अधिकार जताने में असमर्थ नजर आ रहा है।

    नाथनगर के पीपरपांती में बेशकीमती जमीन पर धीरे-धीरे कब्जा बढ़ रहा है। यहां अब तक घेराबंदी नहीं की गई। कौआकोली में निगम की जमीन पर पूरी बस्ती बस चुकी है। कंपनीबाग में निगम के तालाब पर अतिक्रमणकारियों का कब्जा है। मंसूरगंज में निगम की जमीन पर अवैध कब्जा किया गया है।

    नाथनगर के नसरतखानी मोहल्ले में नगर निगम की लगभग 2950 हेक्टेयर जमीन पर अवैध रूप से इंदिरा कॉलोनी बसा ली गई है। यहां 40 से अधिक लोगों ने अवैध रूप से मकान बना लिए हैं। दाउदवाट के पास निगम का 10 बीघा प्लॉट में पांच बीघा पर भूमिहीनों को बसाया गया था, जबकि शेष जमीन पर अतिक्रमण है।

    अतिक्रमण पर नहीं चल रहा बुलडोजर

    अंचलों में सरकारी जमीन पर हुए अतिक्रमण पर बुलडोजर नहीं चल रहा है। सन्हौला बाजार में एसएच-84 के दोनों ओर, सन्हौला हाट जाने वाले रास्ते, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के आगे, मवेशी अस्पताल के आगे, बारी आदर्श इंटरस्तरीय विद्यालय सन्हौला के आगे खिरीडांर-जयखुट चौक व नहर पर अतिक्रमणकारियों ने कच्ची के साथ पक्की काम भी कर लिया है।

    बिहपुर में सरकारी हाट के पास, बिहपुर मध्य पंचायत में सरकारी पोखर को स्थानीय लोगों द्वारा पूरी तरह से अतिक्रमण कर लिया गया है। घर व दुकान तक बनाया जा रहा है। इस संबंध में स्थानीय विधायक इ. शैलेंद्र ने पिछले सितंबर में प्रमंडलीय आयुक्त को पत्र भी लिखा था। कार्रवाई आजतक शून्य है।

    शाहकुंड में सरकारी जमीन पर झोपड़ी बना रह रहे लोग

    शाहकुंड में जगरिया केशोपुर सरकारी सड़क किनारे सरकारी जमीन को अतिक्रमण कर दर्जनों लोगों ने झोपड़ी बना ली है। इसके अलावा भी शाहकुंड में दर्जनों जगह सरकारी भूमि पर लोगों द्वारा अतिक्रमण कर कब्जा जमाए हुए हैं। रंगरा प्रखंड अंतर्गत रंगरा चौंक, सरकारी अस्पताल, पंचायत भवन रंगरा, मध्य विद्यालय रंगरा, कोशकीपुर सहोड़ा के सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा है।

    रंगरा चौक से गांव जाने के रास्ते में रोड के दोनों तरफ सरकारी जमीन का अतिक्रमण कर लिया गया है। अजगैवीनाथ धाम के मंदिर घाट, नमामि गंगे घाट, रेलवे स्टेशन के समीप एवं कासिमपुर में सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लोग सैकड़ों कच्ची व पक्की घर बनाकर वर्षों से रह रहे हैं।

    नवगछिया में गोशाला की जमीन पर विस्थापितों का कब्जा

    नवगछिया में भी गोपाल गोशाला की जमीन पर वर्षों से, पुनामा पंचायत व गोपालपुर प्रखंड के बुद्धूचक सहित कई प्रखंड के लोग गंगा व कोसी नदी कटाव से विस्थापित लोग एनएच-31 के किनारे रह रहे हैं। पीरपैंती से बटेश्वर स्थान तक स्थित रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण, किसनदासपुर में रानीदियारा के कटाव पीड़ितों को पांच साल पहले ही तबके जिलाधिकारी ने अस्थाई पुनर्वास के लिए जगह दी थी। अभी तक पुनर्वास नहीं कराया गया है। कटाव पीड़ित झोपड़ी, घर बनाकर रह रहे हैं।

    इसके अलावा उक्त जमीन पर किसान भी कब्जा जमाए हुए हैं। सरकारी तालाब के मेढ़ पर जगह-जगह अतिक्रमण कर घर बनाकर रह रहे हैं। पीरपैंती प्रखंड के बाखरपुर, परसबन्ना, एकचारी सहित एक दर्जन से अधिक पंचायत में बिहार सरकार की जमीन अतिक्रमित हैं। नारायणपुर रेलवे स्टेशन के दोनों तरफ भारत सरकार की जमीन पर लोगों ने अतिक्रमण कर लिया है।