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    भागलपुर क्रिकेट लीग अवैध, बीसीए ने मैच पर लगाई रोक; होगा मुकदमा

    Updated: Mon, 05 Jan 2026 11:01 AM (IST)

    भागलपुर क्रिकेट लीग (बीसीएल) को बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) ने नियमों के उल्लंघन के कारण अवैध घोषित कर रोक दिया है। खिलाड़ियों की नीलामी, बाहरी राज ...और पढ़ें

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    भागलपुर सैंडिस कंपाउंड स्टेडियम में रविवार को नहीं हुआ बीसीएल क्रिकेट खेल । (जागरण)

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। नियमों को ताक पर रखकर शुरू की गई भागलपुर क्रिकेट लीग (बीसीएल) पर क्रिकेट की शीर्ष संस्थाओं का शिकंजा कस गया है।

    बिना अनुमति खिलाड़ियों की नीलामी, अन्य राज्यों के खिलाड़ियों की भागीदारी और मैचों के लाइव टेलीकास्ट जैसे गंभीर उल्लंघनों को देखते हुए बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) ने टूर्नामेंट के आयोजन पर तत्काल रोक लगा दी है। बीसीए ने इसमें भाग लेने वाले खिलाड़ियों पर कार्रवाई और आयोजक पर मुकदमा दर्ज कराने के आदेश दिए गए हैं।

    सैंडिस कंपाउंड स्टेडियम में आयोजित बीसीएल के खिलाफ शिकायत बीसीसीआई तक पहुंचने के बाद बीसीए ने आनन-फानन में अपनी वेबसाइट पर आदेश जारी कर लीग को गैर-मान्यता प्राप्त घोषित कर दिया। इसका असर यह हुआ कि रविवार को प्रस्तावित मैच नहीं हो सका और स्टेडियम में सन्नाटा पसरा रहा।

    इधर, सैंडिस कंपाउंड का संचालन करने वाली एजेंसी सेन एंड पंडित ने स्मार्ट सिटी से शिकायत कर मैदान शुल्क की वसूली का आदेश मांगा है।

    आयोजक पर प्राथमिकी नहीं तो खुद दर्ज कराऊंगा : आदित्य वर्मा

    क्रिकेट एसोसिएशन आफ बिहार के चेयरमैन आदित्य वर्मा ने कहा कि यह मैच भागलपुर के बच्चों का होता तो अच्छी बात होती। लेकिन भागलपुर क्रिकेट लीग के नाम पर जो कुछ हुआ है, वह नियमों का खुला उल्लंघन और फिक्सिंग की आशंका को जन्म देता है।

    उन्होंने बीसीसीआई को ई-मेल के जरिए शिकायत दर्ज कराई है। वर्मा ने स्पष्ट किया कि जिला स्तर की किसी भी लीग में न तो खिलाड़ियों की नीलामी हो सकती है, न ही बाहरी राज्यों के खिलाड़ी खेल सकते हैं और न ही लाइव टेलीकास्ट की अनुमति है।

    बीसीएल में 102 रजिस्टर्ड खिलाड़ियों के साथ जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के 18 खिलाड़ियों को शामिल किया गया। चीयर गर्ल्स रखा गया। यह पूरी तरह नियमविरुद्ध है। यदि बीसीए आयोजक पर प्राथमिकी दर्ज नहीं कराता है तो वह स्वयं भागलपुर आकर केस दर्ज कराएंगे।

    अवैध लीग में खेलने पर खिलाड़ियों पर होगी कार्रवाई

    बीसीए ने साफ कर दिया है कि बीसीएल नाम से आयोजित किसी भी लीग को उसकी ओर से कोई मान्यता नहीं दी गई है। भागलपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन ने भी इसे गैर-स्वीकृत करार देते हुए आयोजक (एग्रीगेटर) को संघ से बाहर कर दिया है।

    बीसीए ने अपने अधीन पंजीकृत सभी खिलाड़ियों को निर्देश दिया है कि वे किसी भी अवैध लीग, गैर-मान्यता प्राप्त टूर्नामेंट या प्रदर्शनी मैच में भाग न लें। आदेश की अवहेलना करने पर बीसीए संविधान के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    संघ का लोगो हटेगा, कोई अनुमति नहीं दी गई

    भागलपुर जिला क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव डॉ. जयशंकर ठाकुर ने कहा कि बीसीएल के लिए न बीसीए और न ही जिला संघ से कोई अनुमति ली गई है। संघ का लोगो अवैध रूप से इस्तेमाल किया गया है। इसे हटाना होगा। संघ से पंजीकृत खिलाड़ी इस लीग में हिस्सा नहीं लेंगे।

    नाम बदलकर मैच कराने की तैयारी में आयोजक

    बीसीएल के डायरेक्टर विजय कुमार यादव ने कहा कि बीसीए निजी आयोजन पर रोक नहीं लगा सकता। उन्होंने स्वीकार किया कि जिला संघ का लोगो नहीं इस्तेमाल किया जाना चाहिए था। इसे हटा दिया जाएगा। उनका दावा है कि टूर्नामेंट का नाम बदलकर मैच शुरू किए जाएंगे और दो दिनों में बीसीए से पंजीकरण भी करा लिया जाएगा।