जागरण संवाददाता, भागलपुर : तातारपुर थानाक्षेत्र के काजवलीचक में तीन मार्च की रात 11.30 बजे हुए भीषण धमाके में मरने वालों की संख्या 15 पहुंच गई। शनिवार को उपचार के दौरान जख्मी लड़की आयशा की मौत एक निजी क्लिनिक में हो गई। स्वजनों ने उसकी मौत की पुष्टि की है। जवाहर लाल नेहरू अस्पताल भागलपुर में आयशा को धमाके बाद भर्ती कराया गया था। उसके सिर के पिछले हिस्से में गहरे जख्म लगे थे, हाथ और शरीर के अन्य हिस्से में भी चोटें आई थी। उसके पिता मुहम्मद मंसूर जो खुद में धमाके में जख्मी हुए थे, उसे जख्मी हालत में अस्पताल में खुद स्ट्रेचर पर लाद आपातकालीन कक्ष में भर्ती कराया था।

अस्पताल में आयशा की हालत बिगड़ती देख उसे बेहतर उपचार के लिए सिलीगुड़ी ले जाया गया जहां आयशा उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। इसके पूर्व शुक्रवार तक 14 लोगों की मौत हो गई थी। घायल नौ लोगों का उपचार भागलपुर में चल रहा है। इधर घटनास्थल को पुलिस टीम ने पूरी तरह सील कर क्षतिग्रस्त मकानों को भी तोड़ने का काम एसडीआरएफ, नगर निगम कर्मियों और मजदूरों की मदद से शुरू करा दिया गया है।

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शनिवार की दोपहर जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन और एसएसपी बाबू राम घटनास्थल का दौरा कर हालात का जायजा लिया। इस दौरान धमाके में प्रभावित हुए परिवार के बचे सदस्यों के लिए राहत और पुनर्वास के लिए पूर्व उप महापौर डा. प्रीति शेखर ने दोनों अधिकारियों के समक्ष सवाल उठाया कि आखिर उनके भोजन-पानी और रहने की कोई व्यवस्था प्रशासन कराएगी।

तीन दिनों से उनके लिए पड़ोसी मददगार बने हुए हैं। जिलाधिकारी ने उनके आवासन और भोजन-पानी की व्यवस्था को आश्वस्त करते हुए पदाधिकारियों को इस दिशा में त्वरित कदम उठाने को कहा है। प्रशासनिक अमले ने इस दिशा में फौरी उपाय तीन दिनों बाद ही सही आरंभ कर दिया है।

पटना से आई एटीएस की टीम ने धमाके वाली जगह का मुआयना कर वहां से जांच के लिए जरूरी नमूने संग्रह कर मामले में आगे की जांच कार्रवाई शुरू कर दी है। एटीएस की बीडी टीम ने धमाके वाले स्थल का नमूना एकत्रित कर जांच को गति दे दी है। टीम में शामिल पदाधिकारी धमाके में इस्तेमाल विस्फोटक के स्त्रोत, तस्करी और भंडारण को लेकर भी जांच शुरू कर दी है।

धमाके के बाद पुलिस की तरफ से दर्ज किये गए केस में मुख्य आरोपित मुहम्मद आजाद की तलाश में पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। फिलहाल वह गिरफ्त से दूर है। एसएसपी बाबूराम ने कहा कि मुख्य आरोपित की गिरफ्तारी के लिए एसआइटी लगी हुई है। जल्द ही उसकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी। एसआइटी विस्फोटक पदार्थ की तस्करी और उसके भंडारण के अलावा उसकी आपूर्ति आरोपित कहां-कहां करते थे इसका पता एसआइटी लगा रही है।

एसएसपी ने माना कि स्थानीय तातारपुर थानाध्यक्ष की लापरवाही सामने आई है। उन्होंने कहा कि ऐसे जरायम पेशेवरों की बाकायदा सूची थाने में बना कर उसकी निगरानी कराई जाती है। थानाध्यक्ष इस निगरानी में बिल्कुल लापरवाह रहे।

Edited By: Shivam Bajpai