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    भागलपुर में सिर्फ स्वर्णकार नहीं, कोई भी खरीद सकता है एसिड; सोनापट्टी में खुलेआम बिकता है तेजाब

    Updated: Tue, 06 Jan 2026 12:24 AM (IST)

    सरकार के प्रतिबंधों के बावजूद, भागलपुर में तेजाब खुलेआम बिक रहा है, जिससे पिछले दस वर्षों में कई एसिड हमले हुए हैं। एक पड़ताल में रिपोर्टर को आसानी से ...और पढ़ें

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    प्रतीकात्मक तस्वीर

    जागरण संवाददाता, भागलपुर। देशभर में एसिड अटैक पर रोक लगाने के उद्देश्य से सरकार ने भले ही तेजाब की बिक्री पर कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं, लेकिन भागलपुर में तेजाब बेरोकटोक-खुलेआम बिक रहा है।

    बीते दस वर्षों में भागलपुर, बांका और नवगछिया जिले में एसिड अटैक की कई घटनाएं हो चुकी हैं। फिर भी तेजाब किसी को भी आसानी से उपलब्ध हो जा रहा है। जो चाहे, पैसे देकर तेजाब खरीद ले।

    दैनिक जागरण की पड़ताल में तेजाब बिक्री पर चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। स्टिंग में 400 रुपये में रिपोर्टर के हाथ दो बोतल तेजाब आसानी से आ गए। जबकि सुनार को डेढ़ सौ रुपये में नाइट्रिक एसिड यानी पक्का तेजाब और सल्फ्यूरिक एसिड यानी खट्टा तेजाब सहज तरीके से मिल रहा है। शहर के सोनापट्टी इलाके में एसिड की निर्बाध उपलब्धता किसी को भी हैरान कर सकती है।

    इससे पहले बबरगंज थानाक्षेत्र में अप्रैल 2019 में छात्रा पर एसिड अटैक के बाद पुलिस ने सख्ती दिखाई थी। तब सोनापट्टी के तेजाब बिक्रेता भूमिगत हो गए थे। उस समय 2000 रुपये प्रति बोतल तेजाब की बिक्री होती थी। पुलिस थानावार तेजाब बिक्री करने वालों की सूची बनाई थी।

    सोना की पहचान और सफाई में होता है एसिड का इस्तेमाल

    बताया गया कि सुनार सोने की पहचान के लिए पक्का तेजाब का इस्तेमाल करते हैं। इसलिए इसे वे अपने व्यवसाय के लिए जरूरी मानकर इस्तेमाल करते हैं। स्वर्णकार कहते हैं कि नाइट्रिक एसिड सोना को नहीं खा सकता, जबकि अन्य किसी धातु को उसमें डुबो देने पर उस धातु को गला देता है। वहीं खट्टा तेजाब सोना-चांदी के जेवर की सफाई में इस्तेमाल होता है। दोनों एसिड मानव शरीर के लिए खतरनाक हैं। यह त्वचा को तुरंत जला देता है।

    केस 1: 19 अप्रैल 2019 को बबरगंज थानाक्षेत्र में छात्रा पर फेंका गया था तेजाब, छात्रा का गहन उपचार भागलपुर, वाराणसी और नई दिल्ली में कराया गया। सफदरजंग अस्पताल में 27 मई को छात्रा की मौत हो गई।

    केस 2: केस 2 : 31 दिसंबर 2025 को औद्योगिक थानाक्षेत्र के ज्योति बिहार कालोनी में पूनम देवी पर उसके पति ने एसिड फेंक दिया। वह पटना के अस्पताल में जिंदगी से जूझ रही है।

    केस 3: एक जनवरी 2026 को भागलपुर के पूनम के पति दुलाल गोस्वामी ने एसिड पी ली जिससे उसकी मौत हो गई।