Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck
    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    Begusarai: दो दिनों से ई-रिक्‍शा पर माइक लगाकर पिता को ढूंढ रही थी बेटी, अचानक सामने आई मनहूस खबर

    By rupesh kumarEdited By: Prateek Jain
    Updated: Thu, 21 Sep 2023 10:09 PM (IST)

    Begusarai News एक बेटी दो दिनों से ई रिक्शा पर बैठ माइक से अपने पिता का हुलिया बता लोगों से उनके बारे में सूचना देने की गुहार लगाते चल रही थी। गुरुवार को एक राहगीर ने उसकी तलाश समाप्त कर दी परंतु पिता जीवित नहीं मिले उनका शव मिला। दरअसल राहगीर ने वॉट्सऐप ग्रुप में प्रसारित अज्ञात शव के चित्र के आधार पर सूचना दी...

    Hero Image
    मृतक की पुत्री जास्मिन खातून और स्वजन

    संवाद सहयोगी, तेघड़ा (बेगूसराय): एक बेटी दो दिनों से ई रिक्शा पर बैठ माइक से अपने पिता का हुलिया बता, लोगों से उनके बारे में सूचना देने की गुहार लगाते चल रही थी। गुरुवार को एक राहगीर ने उसकी तलाश समाप्त कर दी, परंतु पिता जीवित नहीं मिले, उनका शव मिला।

    विज्ञापन हटाएं सिर्फ खबर पढ़ें

    दरअसल, राहगीर ने वॉट्सऐप ग्रुप में प्रसारित अज्ञात शव के चित्र के आधार पर सूचना दी थी, कि एक शव तेघड़ा थाने में रखा है, वह जाकर देख ले, शायद उसके पिता ही हों। आशंकित मन से बेटी थाने पहुंची, वहां शव देखा तो वह उसके पिता ही थे।

    ब‍िना पोस्‍टमार्टम के शव ले गई बेटी

    थाना अध्यक्ष संजय कुमार ने बताया कि तेघड़ा थाना क्षेत्र की बरौनी-एक पंचायत के वार्ड संख्या तीन स्थित भोला दास ठाकुरबाड़ी के प्रांगण के कुएं से शव बरामद किया गया। मृतक की बेटी के आग्रह पर उसका बयान दर्ज कर बिना पोस्टमार्टम कराए शव उसे सौंप दिया गया।

    मृतक मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा मेहंदी हसन चौक के मूल निवासी चुलाई कुरैशी के पुत्र समद कुरैशी थे, उनकी पुत्री 20 वर्षीय जास्मिन खातून ने बताया कि वह सपरिवार दो दशकों से असम के डिब्रूगढ़ में रह रही थी।

    कुएं से बाहर निकाला गया शव, मौके पर जुटी ग्रामीणों की भीड़

    गलत स्‍टेशन पर उतरकर बिछड़े पिता

    15 सितंबर को डिब्रूगढ़ से अपने बीमार पिता के साथ पुश्‍तैनी घर मुजफ्फरपुर के लिए आ रही थी। वह दोनों लगभग 10 वर्षों के बाद घर लौट रहे थे। रास्ते में 16 सितंबर की सुबह आठ बजे पिता भ्रमित होकर मुजफ्फरपुर समझकर बरौनी जंक्शन पर ही उतर गए।

    जब तक समझ आता, ट्रेन आगे बढ़ गई। वहां उन दोनों ने भोजन किया, दिन के लगभग एक बजे पिताजी पानी की बोतल खरीद लाने की बात कहकर निकले, इसके बाद कई घंटे तक वापस नहीं आए।

    इसके बाद उसने मुजफ्फरपुर अपनी बुआ से बात की, तो उन्होंने मुजफ्फरपुर आने को कहा। बाद में वह मुजफ्फरपुर अपने घर चली गई।

    वहां से बुआ व एक चचेरे भाई के साथ दो दिनों से तेघड़ा व बरौनी में ई-रिक्शा पर माइक से प्रचार करके पिता की तलाश कर रही थी। इसी दौरान गुरुवार को एक राहगीर ने माइकिंग सुनकर एक शव बरामद होने की सूचना दी।

    यह भी पढ़ें- नीतीश कुमार अपने मंत्री के गले लगे... पहले भिड़ाया था ललाट, माहौल देख तेजस्वी यादव भी मुस्कुराते रहे

    यह भी पढ़ें- भाजपा नेताओं पर लाठीचार्ज का मामला: DGP-DM समेत 7 अधिकारियों को तत्काल पेशी से मिली राहत