PM Kisan Samman Nidhi का लेना है लाभ तो जल्दी करा लें ये काम, वरना खाते में नहीं आएगी 22 वीं किस्त
बांका जिले में पीएम किसान सम्मान निधि की 22वीं किस्त पाने के लिए किसानों को फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है। अब तक केवल 9,200 किसानों ने ही यह रजिस ...और पढ़ें
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किसान सम्मान निधि। फाइल फोटो
संवाद सूत्र, बांका। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेना है तो किसानों को सबसे पहले फार्म रजिस्ट्री कराना होगा। अगर आपने फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराया है तो आपको PM Kisan Samman Nidhi की अगली किस्त (22वीं) नहीं मिलेगी। इसके लिए हर हाल में आपको फार्मर रजिस्ट्री कराना होगा, नहीं तो आप इससे वंचित रह जाएंगे।
जिले के कुल 11 प्रखंडों को मिलाकर करीब दो लाख 11 हजार किसान पीएम किसान सम्मान निधि योजना से निबंधित हैं। लेकिन, अबतक महज नौ हजार दो सौ किसानों का ही फार्म रजिस्ट्री हो सका है, जबकि केवाईसी की बात करें तो पीएम सम्मान निधि का लाभ ले रहे 76 हजार से अधिक किसानों का हो चुका है।
ऐसे में फार्मर रजिस्ट्री का काम तेजी से हो, इसके लिए छह जनवरी से कैंप लगाया जाएगा। पंचायत स्तर पर कैंप में किसान सलाहकार, कृषि समन्वय के साथ-साथ राजस्व कर्मचारी भी रहेंगे। दरअसल, फार्म रजिस्ट्री एक तरह का यूनिक आइडी है। यह आधार कार्ड की तरह ही होता है।
पिछले एक साल से इसको लेकर पूरे जिले में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। लेकिन इसके बाद भी अब तक महज नौ हजार दो सौ किसानों का ही फार्मर रजिस्ट्री हो सका है। फार्मर रजिस्ट्री में सबसे अधिक परेशानी राजस्व कर्मचारियों द्वारा ई-केवाईसी के सत्यापन और आईडी बनाने में अनदेखी के कारण हो रहा है।
हालांकि अब फिर से फार्मर रजिस्ट्री को लेकर विशेष अभियान चलाने को लेकर पहल की जा रही है। कैंप लगाकर ज्यादा से ज्यादा किसानों का फार्मर रजिस्ट्री किया जाएगा। इसमें कृषि विभाग के साथ साथ राजस्व विभाग को भी पूरी प्रक्रिया को धरातल पर उतारने का जिम्मा दिया गया है।
सबसे पहले कृषि समन्वय किसानों का सत्यापन करते हैं और उसका ई-केवाईसी करते हैं। इसके बाद दूसरे चरण में राजस्व कर्मचारी किसान की जमीन का सत्यापन कर यूनिक आईडी जेनरेट करते हैं।
डिजिटल डाटाबेस होगा तैयार
फार्म रजिस्ट्री के माध्यम से किसानों को एक यूनिक आइडी मिल जाता है। इसमें किसानों का रिकार्ड यानी उनके पास कितनी जमीन है, खेती-बाड़ी से संबंधित अन्य तरह की जानकारी का डाटाबेस तैयार हो जाता है।
इस यूनिक आइडी के माध्यम से किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना सहित अन्य तरह की सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और पारदर्शी तरीके से प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही किसानों को बार-बार ई-केवाईसी कराने के झंझट से छुटकारा मिल जाएगा।
इन कागजातों की है जरूरत
फार्म रजिस्ट्री के लिए किसानों को आधार कार्ड, जमीन का रसीद, आधार से लिंक मोबाइल नंबर देना होगा। यूनिक आइडी में किसान का नाम, पिता का नाम, उनके पास जो जमीन है उसका खाता-खेसरा, आधार से लिंक मोबाइल नंबर और आधार कार्ड को मिलाकर डाटाबेस तैयार किया जाता है।
सभी किसानों का फार्म रजिस्ट्रेशन होना है। इसके लिए छह जनवरी से कैंप लगाया जाएगा। कैंप में कृषि विभाग के कर्मियों के साथ-साथ राजस्व कर्मचारी भी रहेंगे। -त्रिपुरारी शर्मा, जिला कृषि पदाधिकारी

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