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    Bihar Farmer Card: पंचायत भवनों में शिविर लगाकर बनाए जाएंगे किसान आईडी, तैयार रखें डॉक्यूमेंट

    Updated: Sat, 03 Jan 2026 02:13 PM (IST)

    कृषि विभाग धोरैया (बांका) द्वारा किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ देने के लिए किसान आईडी बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। पंचायत सरकार भवनों में ...और पढ़ें

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    प्रतीकात्मक तस्वीर

    संवाद सूत्र, धोरैया (बांका)। कृषि विभाग द्वारा किसानों को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ दिलाने के उद्देश्य से किसान आईडी निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके तहत पंचायत सरकार भवनों में विशेष शिविर आयोजित कर किसानों का केवाईसी किया जा रहा है। 

    शिविर में कृषि समन्वयक द्वारा किसानों का केवाईसी किया जाएगा, जिसके बाद अंचल कार्यालय के हल्का कर्मचारी द्वारा जांच कर किसान आईडी बनाई जाएगी। किसान आईडी बन जाने से विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों को सीधे उनके खाते में मिल सकेगा। 

    दो चरणों में लगेगा शिविर

    प्रखंड कृषि पदाधिकारी देवाशीष कुमार ने बताया कि यह शिविर दो चरणों में सभी पंचायतों में आयोजित किए जा रहे हैं। पहले चरण में छह से नौ जनवरी तक और दूसरे चरण में 18 से 21 जनवरी तक पंचायत सरकार भवनों में शिविर लगाया जा रहा है। 

    छह जनवरी को मकैता बबुरा, बटसार, चंदाडीह, पैर, जयपुर और कुरमा पंचायत में शिविर लगेगा। सात जनवरी को काठबनगांव बीरबलपुर, करहरिया, खड़ौधा जोठा, लौगाय, अहिरो और चलना पंचायत में शिविर आयोजित होगा। 

    आठ जनवरी को महिला विशनपुर, बटसार, चंदाडीह, सैनचक, भेलाय, घसिया और रणगांव पंचायत में शिविर लगाया जाएगा, जबकि नौ जनवरी को ताहिरपुर गौरा, सिझत बलियास, खड़ौधा जोठा, करहरिया, लौगाय, चलना और गचिया बसबिट्टा पंचायत शामिल हैं। 

    द्वितीय चरण में 18 जनवरी को मकैता बबुरा, बटसार, जयपुर, कुरमा, चंदाडीह और पैर पंचायत में शिविर होगा। 19 जनवरी को काठबनगांव बीरबलपुर, करहरिया, लौगाय, चलना, अहिरो और खड़ौधा जोठा पंचायत, 20 जनवरी को महिला विशनपुर, चंदाडीह, बटसार, भेलाय, रणगांव, घसिया और सैनचक पंचायत तथा 21 जनवरी को चलना, गचिया बसबिट्टा, लौगाय, करहरिया, सिझत बलियास और ताहिरपुर गौरा पंचायत में शिविर आयोजित किया जाएगा। 

    2019 से पहले का दाखिल खारिज लाना अनिवार्य

    बीएओ ने बताया कि शिविर में किसानों को आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और अपने नाम से जमीन की रसीद लाना अनिवार्य है। जिस जमीन की रसीद दी जाएगी, उसका दाखिल-खारिज वर्ष 2019 से पहले किसान के नाम से होना आवश्यक है।