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    बांका पर टूटा आवारा कुत्तों का कहर, शहर से लेकर गांव तक दहशत; अस्पतालों में मरीजों की लंबी लाइन

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 01:03 PM (IST)

    बांका में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है, जिससे हर महीने सैकड़ों लोग शिकार हो रहे हैं। सदर अस्पताल और रेफरल अस्पतालों में एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगवाने ...और पढ़ें

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    बांका पर टूटा आवारा कुत्तों का कहर

    राहुल कुमार, बांका। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों पर लगाम का आदेश का क्या दिया, बांका में इन कुत्तों ने महाभारत मचा रखा है। वे हर महीने में लोगों को काटने का शतक बनाने लगे हैं। सदर अस्पताल से लेकर रेफरल अस्पताल तक में कुत्ता काटे की कतार लग रही है। उन्हें एंटी रेबीज की डोज देकर डॉक्टर बचाने में लगे हैं। 

    हालत यह कि शहर से लेकर गांव की गलियों तक और घर से लेकर खेत-खलिहानों तक आवारा कुत्तों का खौफ मचा है। इस कारण कहीं बच्चों को उसके घरों में बंद किया जा रहा है तो कहीं बड़े भी डरे सहमे बाहर निकल पा रहे हैं। 

    नगर परिषद प्रशासन को खुली चुनौती

    शहरी क्षेत्र में कुत्तों को पकड़ने और इसकी सूचना देने का जगह-जगह बोर्ड लगाया गया है। मगर ये कुत्ते उन बोर्ड के पास ही जमघट लगाकर नगर परिषद प्रशासन को खुली चुनौती देते दिख रहे हैं। कुत्तों की इस चुनौती को देखकर नगर प्रशासन भी उस पर हाथ डालने का साहस नहीं जुटा पा रहा है। 

    कुत्ता पकड़ने में नगर परिषद भी अपना रिकॉर्ड बना रहा है। उसने दो महीने में जितने पोस्टर-बैनर लगाए, इसके बदले किसी ने ना एक कुत्ते को पकड़वाने की सूचना दी, ना ही नगर परिषद ने कुत्ता पकड़ने का साहस ही दिखाया। 

    हर दिन आ रहे 10 मरीज

    बहरहाल, पिछले दो महीने में कुत्तों के काटने के मामलों ने रिकार्ड खड़ा कर रखा है। दिसंबर महीने का कोई दिन ऐसा नहीं गुजरा, जब कुत्ता काटा कम से कम 10 मरीज सदर अस्पताल नहीं आया। इसकी संख्या एक दिन में 36 तक पहुंचने पर चिकित्सक से लेकर कर्मियों तक का दिमाग हिल गया। 

    कुत्तों का सबसे अधिक आतंक 27 और 29 दिसंबर को

    नवंबर पूरे महीने में कुत्तों के शिकार बने 337 लोग एंटी रेबीज का टीका लेने सदर अस्पताल पहुंचे। किसी को एक तो किसी को दो से तीन टीके का भी डोज दिया गया। इसमें मरीजों की संख्या 120 तक रही। दिसंबर में कुत्तों ने सबसे अधिक आतंक 27 और 29 दिसंबर को मचाया। 

    साल के अंतिम दिनों में उसका कहर बच्चों से युवाओं तक पर टूटा। इन कुत्तों ने महिलाओं और बुजूर्गों तक को नहीं छोड़ा। 27 दिसंबर को 34 तो 29 दिसंबर को 36 मरीज अस्पताल पहुंचे। कुत्ते केवल गांव ही नहीं शहर में भी खूब काट रहे हैं। 

    आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में डालने का आदेश 

    पिछले दिनों करहरिया मुहल्ले में दो कुत्तों ने खूब आतंक मचाया। इसके पहले कटोरिया, अमरपुर, पंजवारा, रजौन में कई मामले लगातार आते रहे। मालूम हो कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के एक मामले में संज्ञान लेते हुए आवारा कुत्तों को शेल्टर होम में डालने का आदेश जारी किया है।

    अंतिम सप्ताह दो दिनों की ओपीडी में उनके पास दो दर्जन कुत्ता काटा मरीज आया। इसका मतलब बांका में कुत्तों का खौफ खतरनाक है। सभी मरीजों को एंटी रेबिज का टीका दिया जा रहा है। मरीजों को पहले दिन, तीसरे दिन, सातवें दिन, 14वें दिनि और 28 वें दिन यानी सब मिलाकर पांच एंटी रेबिज की डोज लेना अनिवार्य है।- डॉ. पवन कुमार झा, चिकित्सा पदाधिकारी, सदर अस्पताल

    सदर अस्पताल में एंटी रेबिज की पर्याप्त दवा उपलब्ध है। रेफरल अस्पताल से पहुंचे मरीजों को इसकी डोज उपलब्ध कराई जा रही है। पिछले कुछ दिनों से इसका केस बड़ा हुआ दिख रहा है।- सुनिल कुमार चौधरी, प्रबंधक, सदर अस्पताल

    अब तक नगर परिषद क्षेत्र में किसी आवारा कुत्ते को नहीं पकड़ा गया है। उनलोगों को पागल कुत्ता पकड़ने का आदेश है। पागल कुत्ता की सूचना मिलने पर उसका रेस्क्यू किया जाएगा।- राजीव झा, हेल्पलाइन नंबर