सर्दी में सिकुड़ती हैं शरीर की नसें, बीपी-शुगर और हृदय रोगियों के लिए हेल्थ एडवाइजरी जारी
शंभुगंज, बांका में कड़ाके की ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त है, जिससे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। चिकित्सक बीपी, शुगर और हृद ...और पढ़ें

संवाद सहयोगी, शंभुगंज (बांका)। पछुआ हवा के साथ बढ़ती ठंड और कनकनी ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। बीते तीन दिनों से ठंड अपने चरम पर है, जिसका सीधा असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।
ठंड बढ़ने के कारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। अस्पताल के ओपीडी में प्रतिदिन डेढ़ सौ से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं।
चिकित्सकों के अनुसार इन दिनों अस्थमा, सर्दी-खांसी, बुखार और कोल्ड डायरिया के मरीजों की संख्या सबसे अधिक है। सोमवार को भी आधा दर्जन से अधिक मरीज केवल अस्थमा और बुखार की शिकायत के साथ अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों ने उन्हें दवा के साथ जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी।
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि ठंड के मौसम में शरीर की नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्त प्रवाह पर असर पड़ता है। इसका सबसे अधिक खतरा बीपी, शुगर और हृदय रोग से पीड़ित मरीजों को होता है। ऐसे मरीजों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए।
उन्होंने सलाह दी कि ठंड के समय सुबह जल्दी मॉर्निंग वॉक से बचें और धूप निकलने के बाद ही टहलें। गुनगुने पानी का सेवन करें और ताजा, गर्म भोजन लें। रात में शौच के लिए उठते समय शरीर को पूरी तरह गर्म कपड़ों से ढककर रखें।
लापरवाही बरतने पर ब्रेन स्ट्रोक या हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है। बीपी और शुगर के मरीज नियमित रूप से दवा लें और समय-समय पर जांच कराते रहे।

कमेंट्स
सभी कमेंट्स (0)
बातचीत में शामिल हों
कृपया धैर्य रखें।