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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Diwali 2024 Firecrackers: दीपावली पर फूटा 'महंगाई बम', सख्ती के बावजूद पटाखों की हो रही बिक्री

Published: Wed, 23 Oct 2024 04:31 PM (GMT+05:30)

Diwali 2024 दीवाली के मौके पर पटाखों की बिक्री जोरों पर है। बाजार में ग्रीन फुलझड़ी से लेकर रॉकेट और ...और पढ़ें

पिछले साल की तुलना में इस बार सभी पटाखों की कीमत बढ़ी है। जागरण
पिछले साल की तुलना में इस बार सभी पटाखों की कीमत बढ़ी है। जागरण

संवाद सूत्र, सिकटी (अररिया)। दीपावली को लेकर पूरा बाजार पटाखों की वेरायटी से गुलजार है। मुख्य दुकानों के साथ फुटपाथ पर भी दुकानें सजी हुई हैं। ग्रीन फुलझड़ी से लेकर रॉकेट व तेज आवाज वाले बम, चकरघिन्नी भी ग्राहक को लुभा रहे हैं। सीमावर्ती प्रखंड क्षेत्र के कारोबारियों को सिर्फ दीपावली में लाखों की बिक्री का अनुमान है। हालांकि, प्रशासन भी अवैध पटाखों की बिक्री को लेकर काफी सख्त है।

कारोबारियों का कहना है कि इस बार पटाखा बनाने वाली कंपनियों ने ज्यादातर ग्रीन पटाखें सप्लाई किए हैं। शुरुआती खरीदी में लोग इसे पसंद भी कर रहे हैं। इस दिवाली 40 प्रतिशत ग्रीन पटाखें फूटने का अनुमान है।

महंगा हुआ पटाखों का रेट

प्रशासनिक सख्ती के बावजूद कारोबारी खरीद-बिक्री में पीछे नहीं हैं। पटाखों में इस बार भी काफी वेरायटी नई और खास है। पिछले साल की अपेक्षा पटाखों का रेट महंगा हो गया है। बावजूद डिमांड व सप्लाई में कोई खास असर नहीं है। ग्रीन फुलझड़ी से लेकर रॉकेट, तेज आवाज वाले आलू बम भी हैं।

7 सेंटीमीटर वाली चकरघिन्नी जिसे राधा चक्कर भी कहते हैं, वह पिछले साल 115 रुपये प्रति पैकेट बिकी था जो इस बार 40 रुपये प्रति पैकेट महंगी हो गई है। कमांडो नामक मशहूर आलू बम भी पिछले साल 120 रुपये प्रति पैकेट की अपेक्षा 30 रुपये अधिक महंगा है।

दुकानदारों ने कहा कि पिछले साल के मुकाबले इस बार पटाखों पर लगभग 60 से 80 रुपये प्रति पैकेट की बढ़ोतरी हुई है। व्यवसायियों का कहना है कि एक अनुमान के मुताबिक प्रतिवर्ष सिर्फ दीपावली में एक करोड़ से अधिक के पटाखे का कारोबार सीमावर्ती प्रखंड क्षेत्र में होता है।

थोक मार्केट में पटाखों की कीमत

  • ग्रीन फुलझड़ी- 800 रुपये यूनिट
  • मुर्गा छाप नागिन- 25 रुपये प्रति पैकेट
  • कोबरा छाप नागिन- 20 रुपये प्रति पैकेट
  • फुलझड़ी- 20 से 35 रुपये प्रति यूनिट
  • हाइड्रो बम- 120 रुपये प्रति पैकेट
  • कुलिया- 180 से 200 रुपये प्रति पैकेट
  • चक्करघिरनी- 180 से 340 रुपये प्रति पैकेट
  • कमांडो आलू बम- 180 रुपये प्रति पैकेट
  • हनुमान बम- 160 प्रति रुपये पैकेट
  • रॉकेट- 160 से 240 रुपये पैकेट
  • टॉर्च लाइट पटाखा- 200 रुपये प्रति पैकेट

लापरवाही घातक

विज्ञान के शिक्षक आलोक गुप्ता तथा प्रफुल्ल चंद्र दीपक बताते हैं कि पटाखों के जलने से कार्बन डाईऑक्साइड, कार्बन मोनोऑक्साइड और सल्फर ऑक्साइड जैसी गैसें निकलती हैं, जो कई गंभीर रोगों की वजह बनती हैं। इतना ही नहीं, अगर पटाखे जलाते समय सावधानी न बरती जाए तो इससे गंभीर चोट लगने की भी संभावना बनी रहती है, इसलिए पटाखों को खुली स्थानों में जलाना उचित होता है।

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