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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 31, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पारले जी कंपनी की एजेंसी दिलाने के नाम पर ठगी करते थे शातिर ठग, नालंदा से एक हुआ गिरफ्तार; दूसरे तलाश जारी

By Jagran NewsEdited By: Mohit Tripathi
Published: Thu, 31 Aug 2023 01:14 AM (GMT+05:30)

बिहार के अररिया में पारले कंपनी की एजेंसी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी किए जाने का मामला सामने आया ...और पढ़ें

साइबर पुलिस ने एक युवक को नालंदा से किया गिरफ्तार। (प्रतीकात्मक फोटो)
साइबर पुलिस ने एक युवक को नालंदा से किया गिरफ्तार। (प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. कंपनी की एजेंसी दिलाने के नाम पर छह लाख की ठगी।
  2. साइबर पुलिस ने एक युवक को नालंदा से किया गिरफ्तार।
  3. साइबर अपराध थाना अररिया में नीलम पांडे ने ठगी का दर्ज कराया था मामला।
  4. अररिया में जोगबनी की नीलम पांडे ने साइबर ठगी का दर्ज कराया था मामला।

जागरण संवाददाता, अररिया: बिहार के अररिया में पारले कंपनी की एजेंसी दिलाने के नाम पर साइबर ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। इसमें पुलिस ने नालंदा भागनवीड़ा निवासी सूरज नामक शख्स को गिरफ्तार किया है।

उस पर अररिया जिले की जोगबनी निवासी नीलम पांडे ने साइबर अपराध थाना अररिया में छह लाख रुपये की ठगी का केस दर्ज कराया था।

सूरज के भाई की तलाश में पुलिस

सूरज के पास से पुलिस ने 83910 रुपये एवं साइबर ठगी में प्रयुक्त तीन मोबाइल, चार बैंक पासबुक एवं पांच बैंक चेकबुक भी बरामद किए हैं।

इस मामले में पुलिस को सूरज के बड़े भाई रोहित कुमार सहित नालंदा के इस्लामपुर निवासी विकास कुमार की तलाश है।

ऐसे करते थे ठगी

साइबर अपराध थाना अररिया के सहायक थानाध्यक्ष निर्मल कुमार यादवेंदु ने बताया कि सूरज पारले कंपनी की एजेंसी दिलाने के नाम पर फर्जी वेबसाइट खोलकर लोगों से ठगी करता था।

इस पर वह पहले ऑनलाइन आवेदन करवाता था, फिर एग्रीमेंट बनवाकर सिक्योरिटी मनी जमा करवाता था।

नीलम पांडे से छह लाख से अधिक जमा कराने के बाद भी जब पैसे की मांग बढ़ने लगी और सामान नहीं दिया गया, तो उनका संदेह बढ़ने लगा। इसके बाद नीलम ने साइबर ठगी का मामला दर्ज कराया।

छह बैंक खातों को किया होल्ड

इस गिरोह में सूरज का बड़ा भाई रोहित कुमार और इस्लामपुर का विकास भी शामिल है। पैसा विकास के बोकरो स्थित बैंक खाते में आता था, उसके बाद उसे सूरज के बिहारशरीफ स्थित बैक ऑफ इंडिया के खाते में ट्रांसफर करता था।

इस मामले में छह बैंक खातों को होल्ड किया गया है। इनमें एसबीआई के बड़ी पहाड़ी स्थित तीन खाते, बिहारशरीफ स्थित बैंक ऑफ इंडिया का एक खाता और बोकारो का एक इंडियन बैंक और एक एक्सिस बैंक का खाता शामिल हैं। इसमें विकास के नाम से दो, रोहित के नाम से तीन और सूरज के नाम से एक बैंक खाता है।