कार केबिन के बीच में क्यों नहीं दिया जाता स्टेयरिंग व्हील? इसके पीछे के असल कारण को समझें
इंडियन गाड़ियों में केबिन के राइट साइड स्टेयरिंग व्हील लगा हुआ होता है। वहीं विदेशी गाड़ियों में लेफ्ट साइड। लेकिन डैशबोर्ड के बीच के हिस्से में स्टेयरिंग व्हील नहीं लगाया है। ऐसा क्यों होता है जानने के लिए पूरी खबर पढ़ें।

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। आपने गाड़ी की स्टेरिंग व्हील को या तो लेफ्ट साइड में लगा हुआ देखा होगा या फिर राइट। आपने सेंट्रल यानी गाड़ी के बीचो-बीच स्टेयरिंग को किसी भी कार में लगा हुआ नहीं देखा होगा। ऐसा क्यों होता है इस खबर के माध्यम से आपको हम बताने जा रहे हैं, ताकि आपको मन चल रहे सभी सवालों के जवाब मिल पाएं।
दरअसल किसी भी व्हीकल को चलाने के लिए ड्राइवर की जरूरत पड़ती है और ड्राइवर की विजिबिलिटी उस पर डिपेंड करता है कि वह किस जगह पर बैठा है। गाड़ी के रियर व्यू में नजर रखना काफी डिफकल्ट काम है, यही वजह है कि बीच में स्टेयरिंग व्हील नहीं दिया जाता है।
विदेशों से कितनी अलग है भारतीय कारें
बहुत सी ऐसी विदेशी गाड़ियां हैं, जो इंडियन मार्केट में बिकती हैं। जैसी ही ये गाड़ियां इंडियन मार्केट में आती हैं इसके स्टेयरिंग व्हील प्वाइंट में बदलाव किए जाते हैं। इंडियन गाड़ियों में केबिन के राइट साइड स्टेयरिंग व्हील लगा हुआ होता है। वहीं विदेशी गाड़ियों में लेफ्ट साइड। इसके पीछे का असल कारण ड्राइव को चारों तरफ एक बेहतरीन विजिबिलिटी देना है।
गाड़ी की स्टेयरिंग पकड़ने का सही तरीका
जितने भी बिगिनर ड्राइवर हैं वो कार चलाने के दौरान स्टीयरिंग को ज्यादातर दोनों साइड से पकड़ते हैं। मतलब एक हाथ एकदम दाईं तरफ और दूसरा हाथ एकदम बाईं तरफ। ये तरीका आपको ड्राइविंग सीखने के दौरान दिक्कत दे सकता है और आप कार को मोड़ने के दौरान स्टीयरिंग को ज्यादा घुमा देंगे जिससे गलती होने की संभावना ज्यादा होती है।
ज्यादातार लोग ड्राइविंग में परफेक्ट हो जाने के बाद ही इस तरह से स्टीयरिंग का इस्तेमाल करते हैं, हालांकि स्टीयरिंग पकड़ने का ये तरीका सही नहीं है।
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