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    ब्लाइंड स्पॉट मानिटरिंग सिस्टम क्या होता है? गाड़ी चलाते समय इस तरह काम करता है ये सेफ्टी फीचर

    By Atul YadavEdited By: Atul Yadav
    Updated: Sun, 21 May 2023 08:00 PM (IST)

    इसमें सिस्टम सेंसर बेस्ड सिस्टम होता है जो पीछे से आ रही गाड़ियों की गतिविधियों पर नजर रखता है जैसे कोई गाड़ी पीछे के साइड से या फिर बगल से वाहन के करीब आती है तो इस मॉनिटरिंग फीचर ड्राइवर को चेतावनी देता है। (जागरण फोटो)

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    ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग फीचर को रियर व्यू मिरर पर लगाया जाता है

    नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। सड़क हादसों को कम करने के लिए वाहन बनाने वाली कंपनियां समय दर समय एक से बढ़कर एक एडवांस सेफ्टी फीचर्स को दुनिया के सामने प्रस्तुत किया है। इस समय सेफ्टी को लेकर इतने तगड़े फीचर ऑफर किए जा रहे हैं,जिनका कोई जवाब नहीं।

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    वर्तमान में सबसे अच्छी और भरोसेमंद सेफ्टी फीचर के तौर पर एडास सिस्टम को देखा जाता है, जिनके अंदर कई एडवांस सेफ्टी फीचर्स होते हैं, जो किसी भी सड़क दुर्घटना को रोकने में मदद करते हैं।

    इन्हीं फीचर में से एक ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग फीचर है जिसका जिक्र हम इस खबर के माध्यम से करने जा रहे हैं और आपको बताएंगे कि यह सेफ्टी फीचर्स आपको ड्राइविंग के दौरान किस तरीके की मदद करता है

    क्या होता है ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग फीचर?

    Blind Spot Monitoring (BSM) ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग यह फीचर दूसरी गाड़ियों को देखते हुए ड्राइवर को आगाह करता है, कि इस समय आप सही लेन में कार चला रहे हैं कि नहीं और लेन बदलना ठीक है कि नहीं। इसके अलावा ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग फीचर ड्राइवर को रियल टाइम रियर साइड में देखने की अनुमति देता है जिससे ड्राइवर जब भी चाहे अपने रॉयल के साइड होने वाली गतिविधियों पर अपने ड्राइविंग सीट से ही नजर रख सकता है।

    क्या सभी गाड़ियों में होते हैं ब्लांड स्पॉट?

    हर वाहन में ब्लाइंड स्पॉट होते हैं। कुछ अन्य की तुलना में बड़े होते हैं क्योंकि ब्लाइंड स्पॉट साइड ग्लास, छत के पिलर और मिरर के आकार और डिजाइन से प्रभावित होता है। कार की डिजाइन और ऊंचाई भी एक भूमिका निभाती है, एक तेज घुमावदार रियर रूफलाइन या मोटे साइड पिलर पूरे गाड़ी को देखने से छिपाने के लिए काफी बड़े ब्लाइंड स्पॉट बना सकते हैं। इसलिए इन जगहों के आस पास रियर व्यू मिरर की मदद से नजर रखने के लिए ये ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग फीचर को रियर व्यू मिरर पर लगाया जाता है।

    क्या सेंसर की मदद से काम करता है ये फीचर?

    प्रीमियम गाड़ियों में ब्लाइंड स्पॉट मॉनिटरिंग सिस्टम देखने को मिलता है, इसमें सिस्टम सेंसर बेस्ड सिस्टम होता है जो पीछे से आ रही गाड़ियों की गतिविधियों पर नजर रखता है जैसे कोई गाड़ी पीछे के साइड से या फिर बगल से वाहन के करीब आती है तो इस मॉनिटरिंग फीचर के माध्यम से रियर व्यू मिरर में रेड कलर की लाइट जलने लगती है जिससे ड्राइवर को एलर्ट होने में मदद मिलती है।