नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। Volkswagen AG ने फैंकफर्ट कार शो में न केवल नए मॉडल्स को तैयार कर रही है, बल्कि इलेक्ट्रिक युग में दनिया की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी के रूप में नया लोगो भी पेश किया है। द्वीतीय विश्व युद्ध के बाद से लोगो थोड़ा सा बदल गया है और इस नए VW प्रतीक को वुल्फसबर्ग में अपने मुख्यालय में रखा गया। इसके बाद कंपनी ने फ्रैंकफर्ट में VW ब्रांड के इलेक्ट्रिक पावर्ड ID.3 को पेश करेगी, जो कि आम जनता के लिए बैटरी से चलने वाले वाहनों को बनाने के लिए अभूतपूर्व 33 बिलियन डॉलर निवेश का पहला मॉडल है।

दोनों कदम - प्रतीकवाद के साथ भारी फॉक्सवैगन की दुनिया में इलेक्ट्रिक कारा लीडर बनने की महत्वाकांक्षाओं में शामिल उच्च दांव को चार साल बाद दर्शाते हैं, जब डीजल-धोखाधड़ी घोटाले ने इसे अपने इतिहास के सबसे बुरे संकट में डाल दिया था। कार निर्माता का लक्ष्य ID.3 हैचबैक के लिए एक ट्रेंडसेटर बनाना है और इसकी प्रतिष्ठित Beete के समान स्थिति लेना है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ये Nissan Leaf को कड़ी टक्कर देगी।

नया फॉक्सवैगन लोगो दो-डायमेशनल है, जो तीन डायमेशनल नीले और सिल्वर वर्जन को रिप्लेस कर रहा है, जिसे साल 2000 में पेश किया गया था। नई फॉक्सवैगन की जड़े एख बोर्ड बैठक के बाद शुरू हुईं जब हर्बर्ट डायस ने संकट के मद्देनजर फर्म की शीर्ष भूमिका संभाली। इस बैठक में VW ने डीजलगेट से आगे, कई मॉडलों की घटती लाभप्रदता, आगामी EU 95g/km उत्सर्जन लक्ष्य और अमेरिका जैसे प्रमुख क्षेत्रों में फर्म के संघर्ष को देखा है। इसका परिणाम रुपांतरण 2025+ की योजना थी, जिसके तहत कई मॉडलों को हटा दिया गया और VW रेंज के विस्तार पर अतिरिक्त ध्यान केंद्रित किया गया था।

Diess ने MEB प्लेटफॉर्म के डेवेलपमेंट और इलेक्ट्रिक कारों पर जोर देने के साथ-साथ डिजिटल सेवाओं में भारी निवेश को भी मंजूरी दी है।

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Posted By: Ankit Dubey

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