नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। PM Narendra Modi की Modi 2.0 ने जब अपना कार्यभार संभाला तो सरकार से कई उम्मीदें थी। ऐसे में केंद्र सरकार के सामने दो सबसे बड़ी चुनौतियां थी। पहला देश में सड़क हादसों में होने वाली मौतों कम करना और दूसरा पेट्रोल और डीजल के मुकाबले किसी तीसरे विकल्प को बढ़ावा देना। आज हम आपको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार के दो ऐसे बड़े फैसलों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने इस साल सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं। इस अलावा यह भी जानेंगे कि सरकार के सामने इन फैसलों को लेकर क्या चुनौतियां थी। इसके साथ ही यह भी जानेंगे कि आने वाले समय में इनका क्या असर देखने को मिल सकता है। तो डालते हैं PM Narendra Modi की Modi 2.0 के इन दो बड़े फैसलों के बारे में,

सस्ती हो गई इलेक्ट्रिक गाड़ियां

इस साल केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों और इलेक्ट्रिक चार्जर पर GST की दरें घटा दीं। इससे पहले इलेक्ट्रिक वाहनों पर 12% का GST लगता था, जो अब घट कर 5% हो गया है। इससे इलेक्ट्रिक स्कूटर से लेकर इलेक्ट्रिक कार की कीमतों में कमी आई है।

  • क्या होगा बदलाव- इस फैसले के पीछे सरकार का मकसद देश में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग को बढ़ाना है।
  • क्या है चुनौती- दरअसल बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए सरकार और कंपनियां इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर काफी गंभीर हो गई हैं। ऐसे में पहले यह कहा जा रहा था कि सरकार 150 सीसी से कम पावर वाली गाड़ियों के डीजल और पेट्रोल मॉडल को बंद कर सकती है। इस लिंक पर क्लिक कर पढ़ें सरकार का सबसे बड़ा डर

नया मोटर व्हीकल संसोधन कानून

कहना गलत नहीं होगा कि New Motor Vehicles Act (नया मोटर व्हीकल संसोधन कानून) ने इस साल सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोरी हैं। दरअसल यह PM Narendra Modi सरकार का एक ऐसा क्रांतिकारी फैसला रहा जिसने देशभर में Traffic Police, Traffic Challan और Traffic Rules को लेकर सालों पुरानी सोच को बदल दिया। New Motor Vehicles Act देशभर में 1 सितंबर से लागू हो चुका है। इस कानून के तहत ट्रैफिक नियमों को तोड़ने पर ट्रैफिक पुलिस की तरफ से 10 गुना ज्यादा तक का चालान काटा जा रहा है। इसी नियम से तहत एक आदमी का हाल ही में 9 लाख रुपये से भी ज्यादा का ट्रैफिक चालान काटा गया है।

  • क्या हो रहा है बदलाव- हाल ही केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने लोकसभा में एक सवाल के जवाब में कहा कि, इस कानून के लागू होने के महीने भर के अंदर ही कई राज्यों में सड़क हादसों में होने वाली मौतों में कमी आई है। इस कानून के लागू होने के बाद Kerala में 2.1%, उत्तर प्रदेश में 2.1%, बिहार में 10.5% और गुतरात में 13.8% सड़क हादसों में होने वाली मौतों में कमी आई है। (यहां क्लिक करके पढ़ें एक फैसले से कितने लोगों की बची जानें)
  • क्या थी चुनौतियां- इस कानून को कई राज्यों में लागू नहीं किया गया है। वहीं, कई राज्यों ने चालान की कीमतों में कटौती भी की है। (यहां क्लिक करें और पढ़ें मोदी सरकार की 5 बड़ी चुनौतियां)

 

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