नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। Covid-19 महामारी के चलते लोगों में सुरक्षा को लेकर जागरुकता बढ़ाने और अर्थव्यवस्था का स्तंभ कही जाने वाली ऑटो इंडस्ट्री के कामकाज पर नजर डालने के लिए Jagran Hitech की नई सीरीज #NayaBharat अभियान शुरू हो चुका है। आज #NayaBharat का दूसरा एपिसोड है, जिसमें Jagran Hitech के एडिटर सिद्धार्थ शर्मा ने आज Hyundai India के सीनियर जनरल मैनेजर, ग्रुप हैड - कॉर्पोरेट अफेयर्स, पुनीत आनंद से बातचीत की। इस एपिसोड मे Covid-19 के ग्लोबल महामारी बनने से इंडस्ट्री किस प्रकार उभरेगी और मैन्युफैक्चरिंग समेत तमाम तरह के मुद्दों पर बातचीत हुई। साथ ही नए भारत के लिए नया सामान्य क्या हैं इसका भी जिक्र हुआ। आइए इस बातचीत को विस्तार से जानते हैं।

सिद्धार्था शर्मा - Covid-19 और लॉकडाउन का Hyundai के कारोबार पर क्या असर पड़ा?

पुनीत आनंद - Covid-19 का भारत के साथ पूरे विश्व पर असर पड़ा है। भारत इस वक्त एक बड़ी सुपर पावर है। हम 1.3 बिलियन जनसंख्या वाले लोग हैं। हमारे माननीय प्रधानमंत्री जी ने एक बात कही है कि जब यूरोप लॉकडाउन की तरफ जा रहा था, उस वक्त हमारे यहां इतनी समस्याएं शुरू भी नहीं हुई थी, फिर भी एक बड़ी सोच समझ के साथ प्रधानमंत्री जी ने भारत में 22 मार्च 2020 से लॉकडाउन का ऐलान किया था। मुझे लगता है कि भारत काफी अच्छी और सराहनीय स्थिति में है। भारत Covid-19 को लेकर बाकी देशों की तुलना में काफी मजबूत है। अगर मैं ऑटो जगत की बात करूं तो Covid-19 का साफ असर देखा जा रहा है। पिछले दो सालों से ऑटो जगत एक नकारात्मक दौर से गुजर रहा है। ऑटो सेक्टर में हमेशा कुछ न कुछ चुनौतियां रही हैं फिर चाहें हम केरल की बाढ़ की बात करें या फिर ऑटो सेक्टर में लागू हुए नए मानकों की। इन सभी की वजह से हमारी अर्थव्यवस्था में थोड़ी गिरावट देखी गई है। बीते वित्त वर्ष में ऑटो सेक्टर 18% नीचे रहा, इसके बावजूद भारत एक मजबूत देश है जहां पर प्रति 1000 लोगों पर 26 गाड़ियां मौजूद हैं। साथ ही अभी इसमें काफी गुंजाइश भी है। इसके चलते हमें अभी भी कॉन्फिडेंस है कि धीरे-धीरे इस महामारी को पीछे छोड़कर आगे निकल जाएंगे। इस तरह सुधार भी होगा और एक बार फिर भारत की ऑटो इंडस्ट्री रफ्तार पकड़ने में कामयाब होगी।

सिद्धार्था शर्मा - लॉकडाउन के बाद Hyundai का क्या प्लान हैं और कैसे कंपनी के बिजनेस में सुधार आएगा?

पुनीत आनंद - 4 मई को लॉकडाउन खुलने के साथ हमने Hyundai की चेन्नई स्थित फैक्ट्री को शुरू करने के लिए पूरी तैयारियां कर ली थी। हमारी टीम हमारी, एडमिनिस्ट्रेशन, सारे कर्मचारी आपस में कनेक्टेड थे और हमारे लिए फैक्ट्री का शुरू होना एक बड़ी महत्वपूर्ण बात है क्योंकि इसके साथ करीब दस हजार लोग जुड़ें हैं। अब हम छोटे छोटे स्टेप्स के साथ आगे बढ़ सकते हैं पर मेरे ख्याल से आने वाले समय में जैसे जैसे फैक्ट्री और खुलेंगी, तो अर्थव्यवस्था में सुधार दिखेगा।

सिद्धार्था शर्मा - आपको लगता है कि आने वाले दिनों में ऑटोमोटिव इंडस्ट्री डिजिटलीकरण की तरफ रुख करेगी?

पुनीत आनंद - हमने पिछले साल ही इसकी तैयारी शुरू कर दी थी। हमने पिछले साल ही पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया था, जिसे Click to buy प्लेटफॉर्म कहते हैं। वो अब काफी हद तक तैयार हो गया है। इस वक्त हमारे सभी डीलर्स Click to buy प्लेटफॉर्म को एक्सेस कर सकते हैं। यह ऐसा प्लेटफॉर्म है, जहां कस्टमर अवेयरनेस, कंपैरिजन, टेस्ट ड्राइव, फाइनेंस ऐप्लिकेशन जैसे हर तरह की सुविधा मौजूद है। ऐसा बोला जाता है कि गाड़ी खरीदने में लोगों को 26 प्वाइंट से होकर गुजरना होता है। मौजूदा वक्त में हमने कस्टमर के लिए प्लानिंग से लेकर गाड़ी की डिलीवरी हर प्वाइंट को डिजिटलीकरण कर दिया है। इसमें टेस्ट ड्राइव भी शामिल है। मतलब ग्राहक अपनी सुविधा के अनुसार टेस्ट ड्राइव के लिए गाड़ी को घर बुला सकता है और शोरूम डिलीवरी के बजाए अब हम घर पर डिलीवरी कर सकते हैं।

सिद्धार्था शर्मा - पीएम नरेंद्र मोदी की सरकार ने 20 लाख करोड़ रुपये का राहत पैकेज पेश किया है, इसे लेकर आप क्या सोचते हैं?

पुनीत आनंद - पीएम मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से राहत पैकेज में हर एक मुद्दे पर किसी न किसी तरह का इन्वेस्टमेंट दिखाया गया है। इसमें सरकार ने सारे लोगों को ध्यान में रखकर राहत पैकेज का ऐलान किया है, जो खासकर छोटे कारोबारियों के लिए था। उनके लिए यह राहत पैकेज काफी जरूरी था। लेकिन लंबी अवधि में सरकार को मैन्युफैक्चरिंग और हेवी इंडस्ट्रीज के लिए भी राहत पैकेज या छूट का ऐलान करना बेहतर होगा। अभी तक राहत पैकेज काफी बैलेंस रहा है।

सिद्धार्था शर्मा - ऑटोमोटिव इंडस्ट्री के लिए आपका क्या मैसेज होगा कि इस संकट के दौर में कैसे स्थिति से पार पाया जा सकता है?

पुनीत आनंद - मेरा मैसेज न सिर्फ ऑटोमोटिव इंडस्ट्री के लिए होगा, बल्कि पूरे देश के लोगों के लिए होगा। मेरा मानना है कि यह लड़ाई अकेले नहीं जीती जा सकती। इसलिए मेरा मैसेज है कि अपना और अपने परिवार को सुरक्षित रखें और सरकार की गाइडलाइन्स का पालन करें। आज कहते हैं कि जान है, तो जहान है। अगर हमारे लोग सशक्त हैं, काबिल हैं, तो हमारे देश की उत्पादकता हमेशा बढ़ती रहेगी। अर्थव्यवस्था भी हमारी सुरक्षा के साथ ही चलती है। ऐसे में मेरा लोगों से अनुरोध है कि हर स्तर पर अर्थव्यस्था को बढ़ाने में मदद करें। कोविड-19 बीमारी जल्द नहीं जाने वाली है। ऐसे में हमें इसके साथ जीना सीखना होगा, यही न्यू नॉर्मल होगा और उसके लिए हमें अपने अंदर आत्मविश्वास लाना होगा और भारत को एक ताकवर देश के तौर पर पेश करना होगा और आखिर में नमस्कार भी एक न्यू नॉर्मल है, जिसे लोगों को फॉलो करना सीखना चाहिए। 

Posted By: Ankit Dubey

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