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    EV Market: दुनिया के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल बाजार बनने की राह पर हम, ये वैश्विक ऑटो दिग्गज भारत आने को बेताब

    By Rammohan MishraEdited By: Rammohan Mishra
    Updated: Sun, 13 Aug 2023 02:22 PM (IST)

    EV Market india दुनिया की कुछ दिग्गज कार कंपनियां भारत में अपनी एंट्री को लेकर काफी उत्साहित हैं और वे देश के अंदर कार की मैन्युफैक्चरिंग व बिक्री करना चाहती हैं। इन कंपनियों के नाम BYD और Tesla हैं। हाल ही में पीएम मोदी के साथ एलन मस्क की बातचीत के बाद अमेरिकी ईवी दिग्गज के लिए चीजें आशाजनक दिख रही हैं। वहीं BYD भी काफी समय से प्रयासरत है।

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    BYD और Tesla भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में एंट्री के लिए बेताब हैं।

    नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। EV Indian Market आजादी के बाद से लगातार देश की सूरत और सीरत बदल रही है। साल 1947 से अब तक भारत ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं और हमारे मुल्क ने अनगिनत सफलताएं हासिल की हैं। मौजूदा समय में भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल निर्माता देश बन चुका है।

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    उम्मीद है कि आजादी के 100 वर्ष पूरे हाने तक हिंदुस्तान दुनिया का सबसे बड़ा वाहन निर्माता देश बनकर उभरेगा। मौजूदा समय में भारत के अंदर Tata और Mahindra जैसी पॉपुलर देसी कार कंपनियों के साथ-साथ Maruri Suzuki और Hyundai जैसी विदेशी कार कंपनियां व्यापार कर रही हैं।

    ऐसे में दुनिया की कुछ दिग्गज कार कंपनियां भारत में अपनी एंट्री को लेकर काफी उत्साहित हैं और वे देश के अंदर कार की मैन्युफैक्चरिंग व बिक्री करना चाहती हैं। इन कंपनियों के नाम BYD और Tesla हैं, जो दुनिया के तीसरे सबसे बड़े ऑटोमोबाइल बाजार यानी भारत में अपना कारोबार स्थापित करना चाहती हैं। आइए, अपने इस लेख में जान लेते हैं कि ये दोनों ऑटो दिग्गज घरेलू बाजार में क्यों आना चाहते हैं और इनकी अब तक की प्रक्रिया क्या रही है।

    Tesla ने बढ़ाए कदम

    BYD और Tesla दुनिया की दो सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनियां है। हाल ही में पीएम मोदी के साथ एलन मस्क की बातचीत के बाद, अमेरिकी ईवी दिग्गज के लिए चीजें आशाजनक दिख रही हैं। नवीनतम रिपोर्टस् के अनुसार, टेस्ला के अधिकारी भारत में ईवी के निर्माण और बिक्री की योजना के संबंध में भारत सरकार के अधिकारियों से बातचीत कर रहे हैं।

    जैसे-जैसे टेस्ला अपने वैश्विक परिचालन का विस्तार कर रहा है, वे मौजूदा शंघाई कारखाने में सुधार करना चाहता हैं। गीगा फैक्ट्री स्थापित करने के लिए भारत एक बेहतरीन विकल्प है। आने वाले समय में इसमें टेस्ला के लिए एक प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में उभरने की क्षमता है। भारत सरकार टेस्ला को स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों के साथ साझेदारी में भारत में काम करने के लिए कह रही है।

    BYD भी कर रही प्रयास

    दूसरी ओर, BYD है जो पहले से ही भारत में अपनी इलेक्ट्रिक कारें बेच रही है। कंपनी ने भारत में 1 बिलियन डॉलर के निवेश के लिए सरकार से अनुमति लेने का प्रयास किया है। इसने लगभग एक साल पहले अनुमति के लिए आवेदन किया था। लेकिन इसे अभी तक मंजूरी नहीं मिली है।

    2020 में दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीमा पर झड़प के बाद भारत सरकार चीनी कंपनियों को भारत में लाने के लिए अनिच्छुक बनी हुई है। अब, नवीनतम समाचारों को देखते हुए, BYD से पहले Tesla को भारतीय बाजार में अपनी जगह लेते हुए देखने को मिल सकता है।

    भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार 

    हाल ही में, भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा ऑटोमोबाइल बाजार बना है। पिछले कुछ वर्षों में देश के अंदर ईवी सेगमेंट तेजी से बढ़ा है। वहीं, अपेक्षाकृत किफायती ईवी बाजार पर टाटा मोटर्स का कब्जा है और उच्च स्तर पर कई अंतरराष्ट्रीय कार ब्रांड्स के सभी प्रकार के Electric Vehicles मौजूद हैं। इसलिए, टेस्ला इसमें आसानी से फिट हो सकता है।

    अगर Tesla भारत में कार बनाती है, तो यह भारतीय ग्राहकों को अच्छी कीमतों पर अपने उत्पाद पेश करने में सक्षम होगी। इसके बाद, टेस्ला का लक्ष्य विभिन्न वैश्विक बाजारों को सस्ती ईवी प्रदान करना होगा। वहीं, BYD भी भारतीय बाजार में अपनी Electric Cars को सस्ता करने के लिए देश के अंदर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने की योजना बना रही है और लगातार भारत सरकार से संपर्क बनाए हुए है।