यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 01, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Budget 2023: पिछले साल ऑटो इंडस्ट्री को मिली थी ये सौगात, इस साल इन घोषणाओं पर रहेगी नजर
जैसा कि हम सब जानते हैं कि भारत का ऑटोमोबाइल क्षेत्र 2019 से बिक्री में मंदी का सामना कर रहा ...और पढ़ें

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। ऑटो सेक्टर के लिए Budget 2022 उतना खास नहीं रहा, लेकिन इस साल के बजट से ऑटो मैन्यूफैक्चरर्स को काफी उम्मीदे हैं। पिछले साल वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केवल बैटरी स्वैपिंग नीति लागू किए जाने की घोषणा की थी। जैसा कि आप सब जानते हैं कि आज Automobile Sector Budget 2023 पेश होने वाला है, ऐसे में समझें कि पिछले साल क्या कुछ हुआ था खास?
पिछले साल बजट 2022 पर नजर
Budget 2022 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने घोषणा की थी कि इलेक्ट्रिक व्हीकल इकोसिस्टम में और दक्षता को बढ़ावा देने के लिए बैटरी स्वैपिंग नीति लागू की जाएगी, जिससे बड़े पैमाने पर बैटरी स्टेशन स्थापित करने के लिए एक बैटरी स्वैपिंग नीति लाई जाएगी और इंटरऑपरेबिलिटी मानक तैयार किए जाएंगे। निजी क्षेत्र को एक सेवा के रूप में बैटरी और ऊर्जा के लिए टिकाऊ और अभिनव मॉडल विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जो ईवी ई में दक्षता बढ़ाएगा।
जैसा कि हम सब जानते हैं कि भारत का ऑटोमोबाइल क्षेत्र 2019 से बिक्री में मंदी का सामना कर रहा है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार से ऑटो इंडस्ट्री लगातार आग्रह कर रही है कि कस्टम ड्यूटी को घटाया जाए, जिससे वाहनों की कीमत में कटौती हो। हालांकि, केंद्रीय बजट 2022-23 में कई खास चीजों की घोषणा की गई। लेकिन वाहन उद्योग को लिए कोई राहत की खबर नहीं दिखी है। कयास लगाया जा रहा है कि इस साल 2023-24 के बजट में ऑटो इंडस्ट्री के लिए कई खास फैसले सुनाएं जा सकते हैं।
