ओल्ड इज गोल्ड या किंग ऑफ रोड, कहां गई 'लाल बत्ती' वाली वो कार
इस कार को लोग लाल बत्ती किंग ऑफ रोड्स और न जानें किन किन नाम से इस कार को पुकारा जाता है। उस समय इस कार को पावरफुल मतलब मंत्री नेता या फिर गिने चुने रईस इस्तेमाल करते थे। ये कार हिंदुस्तान मोटर्स की एंबेसडर थी। (जागरण फोटो)

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। आज हम यादों के कारवां से आपके लिए वो सफेद रंग की लाल बत्ती लगी कार के बारे में कुछ दिलचस्प जानकारी लेकर आए हैं। ये वो कार थी, जिसने भारतीय कार बाजार में आते ही हलचल मचा दी थी। इसने सरकारी कारों के लिए अपनी विशेष पहचान बना ली थी। जी हां... इतने से तो आप समझ ही गए होंगे की हम किसकी बात कर रहे हैं। बात हो रही है दिलों में एक समय राज करने वाली Ambassador कार की कर रहे हैं।
लाल बत्ती... किंग ऑफ रोड
इस कार को लोग 'लाल बत्ती', 'किंग ऑफ रोड' और न जानें किन-किन नामों से पुकारा जाता है। उस समय इस कार को पावरफुल लोग मतलब मंत्री, नेता या फिर गिने-चुने रईस इस्तेमाल करते थे। ये कार हिंदुस्तान मोटर्स की एंबेसडर थी। आजादी के पहले 1942 में बीएम बिड़ला ने हिंदुस्तान मोटर्स की स्थापना की थी। फिर 1954 में हिंदुस्तान मोटर्स और इंग्लैंड की मॉरिस मोटर्स (जिसे आज एमजी के नाम से जाना जाता है) के बीच कार मैन्युफैक्चरिंग को लेकर पार्टनरशिप हुई। लेकिन ये तालमेल अधिक दिन तक चला नहीं । देश के आजाद होने के बाद हिंदुस्तान मोटर्स कंपनी ने इस कार को पूरी तरह से स्वदेशी रखने का फैसला लिया था। 1958 में हिंदुस्तान मोटर्स ने एंबेसडर की पहली गाड़ी लैंडमास्टर को लॉन्च किया।
मारुति ऑल्टो 800
जब एंबेसडर आई, लोग इस कार के दीवाने हो गए। ये कार हर रईस के घर दिखाई देती थी। सभी ने इस कार को हाथों-हाथ खरीदा। उसमें शामिल सरकारी मंत्री से लेकर अफसर भी शामिल थे। करीब 30 साल बाद भारतीय बाजार में मारुति सुजुकी ने कदम रखा, जिसका दबदबा आज तक बाजार में कायम है। उस समय मारुति ने अपनी ऑल्टो 800 को मार्केट में लॉन्च कर दिया था। ये दिखने में काफी स्टाइलिश थी। हालांकि इससे एंबेसेडर को बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ा था, क्योकि उस समय भी इसकी फैन फॉलोइंग कुछ कम नहीं थी। लेकिन झटका कंपनी को तब लगा, जब मारुति और सुजुकी के कोलोब्रेशन ने दूसरी विदेशी कंपनियों को इंडिया की तरफ आने को मजबूर कर दिया ।
हिंदुस्तान मोटर्स
इसके बाद हिंदुस्तान मोटर्स ने एंबेसडर में कई बदलाव करने की कोशिश भी की और कई मॉडल्स को लॉन्च भी किया। कंपनी ने इसके बेसिक डिजाइन को बरकरार रखा। फिर भी इसको कुछ फायदा नहीं हुआ। अनुमान ये लगाया जा रहा है कि कंपनी वापसी कर सकती है, लेकिन अभी तक कंपनी पुख्ता तौर पर इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता।
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