नई दिल्ली (अंकित दुबे)। मॉडर्न क्लासिक लुक के साथ रॉयल एनफील्ड ने कैफे रेसर बाइक कॉन्टिनेंटल GT 650 को फिर से एक नए अंदाज में भारतीय बाजार में उतारा है। गोवा में हमें इंटरसेप्टर 650 और कॉन्टिनेंटल GT 650 दोनों ही बाइक्स को चलाने का मौका मिला और हम दोनों ही बाइक्स से काफी प्रभावित हुए हैं। इंटरसेप्टर की फर्स्ट राइड रिव्यू हम आपको पहले ही दे चुके हैं। बेहतर राइड क्वालिटी, नए इंजन और हैडलिंग के साथ कॉन्टिनेंटल GT 650 इस बार रॉयल एनफील्ड की एक दमदार कैफे रेसर बाइक के तौर पर उभरकर सामने आई है। जी हां, हम ऐसा इसलिए कह रहे हैं क्योंकि हमने इसका वास्तविक परीक्षण गोवा की गर्मी, उमस भरे मौसम, भारी ट्रैफिक और उबड़-खाबड़ सड़कों पर किया है और हम इसके बारे में क्या कुछ सोचते हैं वह आपको बताने जा रहे हैं।

डिजाइन

दिखने में तो यह आपको काफी आकर्षक लगेगी क्योंकि डिजाइन टीम ने इसे हर एंगल से साधारण, आक्रामक और शिष्ट बनाया है। अगर आप कॉन्टिनेंटल GT के क्रोम वाले टैंक के साथ देखेंगे फिर तो आप इस बाइक पर फिदा ही हो जाएंगे। पुराने कॉन्टिनेंटल के मुकाबले नई कॉन्टिनेंटल GT 650 में पूरी तरह बदलाव किए गए हैं। हालांकि, इसका लुक कैफे रेसर ही रखा है या फिर हमारे हिसाब से इसे रॉयल एनफील्ड की एक स्पोर्टी बाइक भी कह सकते हैं।

दूर से देखने पर रॉयल एनफील्ड कॉन्टिनेंटल GT का एक आकर्षक ऊर्जस्वी चरित्र निखर कर आता है। कॉन्टिनेंटल GT में इंटरसेप्टर 650 वाली ही समान चैसी, व्हील्स, टायर्स, ब्रेक्स और इलेक्ट्रिकल्स दिए गए हैं। इसमें भी समान ओल्ड-स्कूल लुक के साथ गोल हैडलैंप और आयताकार इंडीकेटर दिए गए हैं, लेकिन इसके फ्यूल टैंक, हैंडलबार और सीट काफी अलग हैं। इसके अलावा यहां केवल अंतर यह भी है कि सस्पेंश पर प्रीलोड को इंटरसेप्टर की तुलना में थोड़ा ऊपर बढ़ाया गया है।

पिछले हिस्से पर बड़े क्रोम एग्जॉस्ट काफी आकर्षक दिखते हैं ये भी इंटरसेप्टर की तरह इंजन से लेकर पिछले हिस्से तक गए हैं। इंटरसेप्टर की तरह ही कॉन्टिनेंटल GT में भी पूर्ण प्रदर्शन इंजन दिया गया है, जो देखने में काफी आक्रामक लगता है और वहीं, अगर दूर से देखें तो एल्यूमीनियम वायर-स्पोक रिम्स और क्लासिक लुक को काफी गहरा कर देते हैं। दुर्भाग्यवश, उन रिम्स को पूरा करने के लिए बाइक में ट्यूब वाले टायर लगाए गए हैं, जो एक अनिवार्य पंचर पर दर्द देते हैं। हालांकि, इसमें भी घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि कंपनी ने टायर हाई क्वालिटी वाले Pirellis Phantom Sportscomp के लगाए हैं, जो इंटरसेप्टर भी दिए गए हैं।

कॉन्टिनेंटल GT को स्टैंडर्ड डुअल-सीट के साथ बेचा जा रहा है और यह लंबी सीट हल्के गुमड़े की है जिसके चलते राइडर और पीछे बैठे यात्री के लिए काफी आरामदायक है। यानी लंबी दूरी पर भी यह राइडर को थकान महसूस नहीं होने देती और यह काफी अच्छा भी है क्योंकि ज्यादातर लोग लंबी दूरी की यात्रा के लिए सिर्फ क्रूजर बाइक ही चुनते हैं। मगर, अब कॉन्टिनेंटल GT के बाजार में आने से उन्हें एक अच्छा विकल्प मिल जाएगा, जो उन्हें कैफे रेसर लुक के साथ स्पोर्टी फील कराएगा। ऐसा हम इसलिए भी कह रहे हैं क्योंकि यह पुरानी बाइक की तरह तकलीफदेह नहीं है, लेकिन यह अभी भी एक स्पोर्ट राइडिंग की स्थिति में है।

राइडिंग के दौरान कैसी है परफॉर्मेंस?

कॉन्टिनेंटल GT 650 के साथ हम थोड़ा और वक्त गुजारना चाहेंगे। क्योंकि हम इसे इंटरसेप्टर जितना समय नहीं दे पाए और गोवा की सड़कों पर इसे करीब 150 किलोमीटर तक ही चलाया। हालांकि, हमें जो सबसे ज्यादा दिलकश अंदाज तब लगा जब सबसे पहले इस बाइक को स्टार्ट किया और इसकी एग्जॉस्ट आवाज पर हम फिदा हो गए। सुनने में यह आवाज ज्यादा तेज नहीं है बल्कि काफी नरम है। अगर आप इसे शहर में तेज गति से राइड करते हैं तो यह आवाज आपको एक स्पोर्टी बाइक चलाने में गर्व महसूस कराएगी और इस आवाज के चलते ट्रैफिक के दौरान गोवा की सड़कों मौजूद लोगों की इससे नजर ही नहीं हटती, यहां तक कि गोवा यात्रा करने आए एक विदेशी यात्री ने ऐसा भी कहा 'WOW' क्या आवाज है।

कॉन्टिनेंटल GT की मोटर एक शांत गति से शुरू होती है और यह बात टॉर्क के बारे में कर रहे हैं क्योंकि इसकी पर्याप्त सेवा केवल 2,000 rpm के बाद से उपलब्ध होती है। बाइक का पीक पावर 7,250 rpm पर सामने आता है। अगर आप इसे 4,000 rpm पर 100 kmph की रफ्तार से चलाते हैं तो इसका इंजन काफी शांत प्रतिक्रिया देता है। हालांकि 5,000 rpm पर 120 kmph की रफ्तार पर भी इंजन बराबर शांत प्रतिक्रिया ही देता रहता है। लेकिन, यह आक्रामक कब होता है जब आप इसे 5,000 rpm से 7,000 rpm के बीच चलाते हैं। वाइब्रेशन तो इस इंजन के साथ कोई चिंता का विषय नहीं है, लेकिन 270 डिग्री फायरिंग ऑर्डर, बैलेंसर शॉफ्ट के साथ पेग्स और बार्स में कुछ सनसनी पैदा (सीटी जैसी आवाज) करते हैं, जो कि इस मशीन के अनुभव और किरदार को बढ़ाने के लिए एक आकर्षक कदम है। हमने कॉन्टिनेंटल GT को अधिकतम 155 kmph तक की रफ्तार से चलाया और यह मेरे लिए एक बेहत रोमांचकारी अनुभव रहा।

 

सबसे खास बात तो यह कि गोवा की दोपहरी में करीब 35 डिग्री तापमान में 100 से ज्यादा किलोमीटर चलाने पर भी बाइक का इंजन उतना ज्यादा गर्म नहीं होता जितना हमने सोचा। लिक्विड कूलिंग की अनुपस्थिति के बावजूद भी हमें इंजन की गर्माहट को लेकर कोई परेशानी नहीं हुई। बाइक में बड़ा एयर-कूल्ड इंजन लगा है, जो ज्यादा तर मामले में गर्म हो जाते हैं, लेकिन जब-जब मेरे पैर इंजन से टच हुए तब-तब मुझे ज्यादा गर्माहट महसूस नहीं हुई। हालांकि, मैने राइडिंग के दौरान घुटने पर पैड लगाए हुए थे। बाइक में कंपनी ने नया 649 cc ट्विन-सिलेंडर इंजन लगाया है, यह इंजन 7250rpm पर 47bhp की पावर और 5250rpm पर 52Nm का टॉर्क जनरेट करता है। इंजन 6-स्पीड गियरबॉक्स से लैस है, जो कि इस गियरबॉक्स के साथ रॉयल एनफील्ड की पहली बाइक है।

हमारा फैसला

रॉयल एनफील्ड कॉन्टिनेंटल GT 650 में हमें जो कमी महसूस हुई वह यह कि एक कैफे रेसर या स्पोर्टी बाइक होने के नाते इसमें ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक्स और फीचर्स मौजूद नहीं है, जो कि हम दूसरी प्रीमियम मोटरसाइकिल्स में देखते हैं। हालांकि, यह बाइक आपको अपनी सादगी और परफॉर्मेंस के साथ किफायती कीमत से ही आपको अपनी ओर खींच लेगी। अगर आप रॉयल एनफील्ड की क्लासिक और थंडरबर्ड जैसी बाइक्स चलाकर थोड़ा ऊब गए हैं और रॉयल एनफील्ड की नई सुरक्षित टेक्नोलॉजी और ट्विन सिलेंडर इंजन का आंनद उठाना चाहते हैं तो यह बाइक आपके लिए काफी बेहतर साबित होगी। इतना ही नहीं, यह बाइक उन नए ग्राहकों के लिए भी है जो एक किफायती कीमत में मध्य-वजनी बाइक चलाना चाहते हैं।

यहां हम इस बात को जरूर कहेंगे कि अगर आपके पास क्लासिक 500 है तो आपको एक बार कॉन्टिनेंटल GT 650 की टेस्ट राइड जरूर लेनी चाहिए। बाइक का ट्विन सिलेंडर इंजन, रॉयल एनफील्ड द्वारा पहली बार दिया गया 6-स्पीड गियरबॉक्स, एग्जॉस्ट आवाज और राइडिंग पॉजिशन आपको बेहद पसंद आएंगी।

कीमत (एक्स शोरूम)

कॉन्टिनेंटल GT 650 स्टैंडर्ड - 2,65,000 रुपये

कॉन्टिनेंटल GT 650 कस्टम - 2,72,500 रुपये

कॉन्टिनेंटल GT 650 क्रोम - 2,85,000 रुपये

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Posted By: Ankit Dubey