मोदी सरकार - 2.0 के 100 दिन

नई दिल्ली, अंकित दुबे। Man vs Wild तो आपने देखा ही होगा, जिसमें देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिटिश एडवेंचरर बियर ग्रिल्स के साथ डिस्कवरी के लिए शूटिंग की। डिस्कवरी के इस एपिसोड को शूट करने के लिए उत्तराखंड में स्थित जिम कॉर्बेट नेशल पार्क को चुना गया। हालांकि, पीएम मोदी ने ये शूटिंग सर्दियों में की थी, लेकिन इस एपिसोड को 12 अगस्त रात 9 बजे प्रसारित किया गया। अब इसी एपिसोड को देखने के बाद मेरे मन में कुछ विचार आए और मन किया चलो वीकेंड में जिम कॉर्बेट चला जाए और मानसून में वहां की वादियों को थोड़ा करीब से समझा जाए। इसके लिए हमने Renault Duster का AMT वेरिएंट चुना क्योंकि यह काफी रफ एंड टफ गाड़ियों में से एक मानी जाती है। हमें ज्यादा ऑफ रोडिंग नहीं करनी थी, इसलिए हमने ऑल व्हील ड्राइव (AWD) को ना चुनकर AMT ही चुनी क्योंकि थोड़ी बहुत ऑफ-रोडिंग के लिए यह कॉम्पैक्ट एसयूवी पहले से ही सक्षम है।

तो पहले दिन सफर हमारा ऐसा रहा कि दिल्ली से जिम कॉर्बेट ढिकाला तक की दूरी कुल मिलाकर करीब 260 किलोमीटर है और ये सफर पूरा करने में हमें मात्र 6 घंटे का समय लगना था। इसलिए हमने अपना समय शनिवार सुबह 5 बजे चुना और निकल पड़े दिल्ली से जिम कॉर्बेट की ओर। इस सफर में हमें सबसे तेज और अच्छी सड़कें दिल्ली से गाजियाबाद-हापुड़-मुरदाबाद-काशीपुर-रामनगर में Eastern Peripheral एक्सप्रेसवे, NH9 और रामपुर रोड पर मिली, जहां आप तेज और सुरक्षित गाड़ी चला सकते हैं। बाकी सड़कों पर आपको थोड़े बहुत गढ्ढे और भीड़-भाड़ मिलेगी। खैर, ये हमारा सुबह का वक्त था, अगर आप रात में इन सड़कों से गुजर रहे हैं तो आपको भले ही भीड़-भाड़ न मिले, लेकिन खराब सड़कें और उनपर गढ्ढे आपके सामने जरूर होंगे।

हमारे पास Renault Duster मौजूद थी, जो हमेशा से एक आरामदायक एसयूवी मानी जाती है और इस दौरान हमें भी कुछ ऐसा ही अनुभव मिला। वास्तव में, हमें रेनो डस्टर चलाने में काफी आरामदायक महसूस हुई और इसमें दिया गया क्रूज कंट्रोल अगर आप AMT वेरिएंट चला रहे हैं, तो ये आपको काफी रोमांचक लगेगा। पूरे रास्ते आप डस्टर AMT को क्रूज कंट्रोल के सहारे चला सकते हैं। सुबह करीब 11 बजे के आसपास हम जिम कॉर्बेट पहुंचे। हल्की-हल्की बारिश और हरे-भरे पहाडों के बीच से गुजरता रास्ता आपको किसी जन्नत से कम नहीं लगेगा। हालांकि, हम सबसे पहले गर्जिया देवी मंदिर वाले रास्ते पर प्राकृतिक का थोड़ा लुत्फ उठा रहे थे और मानसून के चलते हर एक वादी इतनी खूबसूरत लग रही थी कि पहले दिन कॉर्बेट पार्क की सफारी करने का मन नहीं किया।

गर्जिया देवी मंदिर के पास ही एक होटल लेकर हमने अपनी Duster AMT को पार्क किया और कुछ देर आराम करने और फ्रेश होने के बाद वापिस घूमने निकल पड़े। बारिश का कुछ पता नहीं था कभी भी तेज हो जाती इसलिए हम अपनी Duster में ही घूमने निकल पड़े और मोहान के रास्ते हमें सड़क पार करते कुछ जानवर भी दिखाई दिए जिसमें लोमड़ी और बंदर शामिल थे। ऑफ-सीजन का समय था इसलिए हमें यहां ज्यादा भीड़ नहीं मिली। रामनगर से मोहान वाली सड़क पर बेहता पानी और छोटे-मोटे झरने काफी प्यारे लग रहे थे।

शाम का समय हो रहा था और हमें पहले गर्जिया देवी मंदिर की चढ़ाई करके थोड़ी देर बेहती गंगा के साथ कुछ पल गुजारने थे। इसके बाद हमारे पास थोड़ा सा ही समय था और समय कुछ 4 बज रहे थे, ऐसे में हमने गाड़ी घुमाई और निकल पड़े जिम कॉर्बेट म्यूजियम की तरफ जो शाम 6 बजे बंद हो जाता है। इसलिए हमारे पास थोड़ा सा ही समय था म्यूजियम घूमने के लिए जहां पुराने टाइगर की मूर्तियां और पेंटिंग लगी हुई थी।

बारिश भी थोड़ी तेज होती गई, ऐसे में हम वहां से निकल पड़े और होटल पहुंचकर कल की सफारी के लिए तैयार हो गए। ऐसे में हम चाहते थे कि सफारी के दौरान हम अपनी Renault Duster AMT का इस्तेमाल करें, लेकिन पार्क में चरम सीमा की ऑफ-रोडिंग होने के चलते निजी वाहनों का प्रवेश वर्जित था। इसलिए फिर हम Corbett Falls की ओर पूछताछ करने लगे जहां निजी वाहन का प्रवेश तो था, लेकिन यहां सिर्फ 4x4 गाड़ियां ही जा सकती थी और हमारे पास AMT मौजूद थी, इसलिए हमें यहां एंट्री नहीं मिल सकी। इस बात से थोड़ा परेशान होकर हम रातभर थोड़ा सोच विचार करके सो गए और दूसरे दिन जब उठे तो बारिश काफी तेज थी, जिसके बाद हमें पता चला कि कॉर्बेट फाल और सफारी के रास्ते भारी बारिश के चलते बंद कर दिए गए हैं।

खैर, अब हमें Duster AMT के साथ जंगल तो घूमना ही था और इसकी ऑफ-रोडिंग क्षमता भी चेक करनी थी ऐसे में हम बारिश हल्की होने पर वापिस गर्जिया देवी मंदिर से कुछ दूर आगे मोहान पहुंचे और वहां से गांव वाले रास्ते से नीचे उतरकर राम गंगा नदी के किनारे हमें सफारी करने का अच्छा रास्ता मिल गया और यहां जानवरों का ज्यादा खतरा भी नहीं था। सबसे अच्छी बात हमें यहां चरम सीमा पर ऑफ-रोडिंग भी नहीं मिली, लेकिन अच्छे खासे पत्थरों और मट्टियों से भरपूर गीली सतह हमारे सामने थी। Duster अपने आप में खुद इतनी सक्षम थी कि वह अपना रास्ता खुद बनाती गई।

Duster AMT में मौजूद फ्रंट में MacPherson Strut के साथ Coil Spring सस्पेंशन और रियर में Trailing arm के साथ coil springs और डबल एक्टिंग शॉक एब्जॉर्बर काफी अच्छे से अपना काम कर रहे थे, मानों आप एक 4x4 गाड़ी चला रहे हो। बड़े-बड़े गढ्ढे और छोटे-मोटे पत्थर तो ऐसे पार कर जा रही थी कि मानों इसके सामने कुछ नहीं। Duster AMT में Renault का पावरफुल 1.5 लीटर k9k डीजल इंजन मौजूद है, जो 110 PS की पावर और 245 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। Duster हमेशा से ही अपने डीजल इंजन के चलते काफी पॉपुलर रही है और इसकी पावर और रिफाइनमेंट आज भी लोगों को अपनी ओर खींचती है।

दिन के 3 बज रहे थे और नदी किनारे Duster खड़ी करके हम थोड़ी देर प्राकृति का आनंद उठा रहे थे। बेहते पानी का शोर, पक्षियों की चहल-पहल और दूर से आते जानवरों की आवाज हमें काफी रोमांचकारी लग रहा था। ठीक वैसे ही जैसे Man vs Wild में पीएम मोदी ने बियर ग्रिल्स को बताया, "प्राकृतिक से हमेशा प्रेम करते रहिए और अपने फायदे के लिए प्रकृति का दोहन न करें और आने वाली पीढ़ी के लिए इसे धरोहर छोड़ दें।" पीएम मोदी की यही बात हमें जिम कॉर्बेट खींच लाई। एक रात, दो दिन गुजारने के बाद हमें इसी खूबसूरत प्राकृतिक का एहसास भी हुआ और फिर वापिस Duster AMT के साथ हम अपने घर की ओर निकल पड़े। ऐसे में हम बस यही कहना चाहेंगे कि आप भी हमेशा एडवेंचर करते रहिए और इसके माध्यम से प्रकृति संरक्षण को आगे बढ़ाते रहिए।

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Posted By: Ankit Dubey

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