हर कार के लिए जरूरी होता है व्हील अलाइनमेंट, खराब होने पर हो सकता है मोटा खर्च, जानें बचने का तरीका
भारत में रोजाना लाखों कारें सड़कों पर उतरती हैं। कार का सड़क से संपर्क भी टायर के कारण होता है। ऐसे में टायर्स का सही कंडीशन में होना काफी जरूरी होता है। टायर्स को सही रखने के लिए व्हील अलाइनमेंट करवाना क्यों बेहतर रहता है। इसके साथ ही इनके खराब होने पर किस तरह नुकसान हो सकता है। आइए जानते हैं।
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। भारत में हर रोज लाखों कारें सड़क पर उतरती हैं। इन दौरान कार का सड़क से संपर्क भी टायरों के कारण होता है। अगर टायर खराब हो जाएं तो फिर मोटा खर्च भी होता है। लेकिन किन बातों का ध्यान रखते हुए खर्च को बचाया जा सकता है। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।
क्यों जरूरी होता है व्हील अलाइनमेंट
कार को चलाते समय पूरा वजन गाड़ी के टायर पर ही आ जाता है। टायर ही कार और सड़क के बीच संपर्क बनाने का काम करते हैं। ऐसे में अगर टायर में खराबी आ जाए तो फिर कई तरह की परेशानियां आने का खतरा भी बढ़ जाता है। खराब स्थिति में हो हादसा होने का खतरा भी हो जाता है। इसलिए टायर्स की देखभाल के लिए व्हील अलाइनमेंट करवाना काफी जरूरी हो जाता है।
मिलते हैं कई फायदे
अगर समय पर कार में व्हील अलाइनमेंट करवाया जाता है, तो इससे टायर की उम्र बढ़ाने में मदद मिलती है। इसके साथ ही राइड क्वालिटी को भी बेहतर करने में मदद मिलती है। कार चलाते हुए अगर वह एक दिशा में ही जाती है और चलाते हुए स्टेयरिंग में कंपन भी होता है तो भी व्हील अलाइनमेंट करवाने से समस्या को हल किया जा सकता है।
कैसे बचेगा खर्चा
खराब टायर होने के बाद होने वाले मोटे खर्च को सिर्फ 200 से 400 रुपये में ही बचाया जा सकता है। इस कीमत पर व्हील अलाइनमेंट करवाना चाहिए। लेकिन इसके पहले कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। कोशिश करनी चाहिए कि नियमित अंतराल पर व्हील अलाइनमेंट करवाना चाहिए। जानकारों के मुताबिक तीन से चार हजार किलोमीटर के बाद व्हील अलाइनमेंट करवाना बेहतर होता है।
भरोसे की जगह करवाएं अलाइनमेंट
अपने घर के पास किसी अच्छी जगह से व्हील अलाइनमेंट करवाना चाहिए, जिससे अगर कभी अलाइनमेंट बिगड़ जाए तो फिर ठीक करवाने में आसानी होती है। सेंटर पर ऑटामैटिक सेट-अप हो तो और बेहतर तरीके से अलाइनमेंट होती है।
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