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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 11, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

BS Emission Norms: क्या है गाड़ियों का भारत स्टेज मानदंड? जानें BSI, BSII, BSIII, BSIV और BSVI का आधार

By Sonali SinghEdited By: Sonali Singh
Published: Wed, 11 Jan 2023 01:16 PM (GMT+05:30)Updated: Wed, 11 Jan 2023 05:09 PM (GMT+05:30)

BS Emission Norms भारत में गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण का मानक तय करने के लिए भारत स्टेज उत्सर्जन मानदंड ...और पढ़ें

BS Emission Norms- What are Bharat Stage norms of vehicles? Bs1, Bs 5, Bs 6
BS Emission Norms- What are Bharat Stage norms of vehicles? Bs1, Bs 5, Bs 6

नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। हाल के दिनों में आपने जरूर सुना होगा कि सरकार BSIII और BSIV वाले वाहनों पर प्रतिबंध लगा रही है। ऐसा बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण उत्पन्न हुई गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए किया गया है। फिलहाल तो चर्चा में सिर्फ BS-3 और BS-4 हैं, लेकिन इससे पहले भारत में BSI, BSII वाली गाड़ियों का चलन भी था।

सवाल उठता है कि आखिर ये भारत स्टेज (BS) क्या है और किस आधार पर गाड़ियों में भारत स्टेज के विभिन्न चरण तय किए जाते हैं? इस दुविधा को दूर करने के लिए आज हम आपको इसके बारे में विस्तार से बताएंगे। अगली बार जब भी आप अपनी गाड़ी को सड़कों पर निकालें तो आपको इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि आपकी गाड़ी किस स्टेज में आती है।

क्या होता है Bharat Stage?

2000 में इंजन से निकलने वाले वायु प्रदूषण को देखने के लिए Bharat Stage Emission Standards (BSES) की शुरुआत की गई थी। इसे भारत में वन एवं पर्यावरण मंत्रालय और जलवायु परिवर्तन के तहत (CPCB) लाया गया था। कई संशोधनों के बाद वर्तमान में इसका छठा स्टेज इस्तेमाल में है। भारत स्टेज उत्सर्जन मानक यूरोपीय मानदंडों पर आधारित हैं, जिन्हें आमतौर पर 'यूरो 2', 'यूरो 3' जैसे नाम से लाया गया है।

भारत स्टेज के विभिन्न स्तर

सबसे पहला भारत स्टेज उत्सर्जन मानक 1 अप्रैल, 2000 को लाया गया था, जो यूरो 1 मानकों पर आधारित था। इसके बाद 2001 में भारत स्टेज II (BSII), 2005 में BSIII, 2017 में BS-4 और 1 अप्रैल, 2020 में BS-6 लाया गया था। भारत स्टेज के तहत विभिन्न स्तरों को लाने के साथ-साथ हर स्तर पर गाड़ियों के लिए कुछ मानदंडों को तय किया गया था। इसके बारे में विस्तार से नीचे देखें।

भारत स्टेज-I (BSI)

भारत स्टेज-I (BS-1) देश का पहला उत्सर्जन मानदंड था, जिसे यूरोपीय मानकों के संदर्भ में 2020 में लाया गया था। इस मानदंड के तहत उन गाड़ियों को शामिल किया गया था, जो 2.72 ग्राम/किमी कार्बन मोनोऑक्साइड उत्सर्जन और 0.97 ग्राम/किमी हाइड्रोकार्बन और नाइट्रोजन ऑक्साइड का उत्सर्जन करती थीं।

भारत स्टेज-II (BSII)

2001 से 2010 के बीच बिकने वाली गाड़ियां भारत स्टेज-II (BS-2) के तहत आईं। इस स्टेज में उत्सर्जन मानदंड को बढ़ा कर कार्बन मोनोऑक्साइड उत्सर्जन 2.2 ग्राम/किमी, हाइड्रो कार्बन + नाइट्रोजन ऑक्साइड 0.50 ग्राम/किमी कर दिया गया था। साथ ही, ईंधन में सल्फर की मात्रा को 500 पीपीएम तक सीमित कर दिया गया था। इस स्टेज के आने से कार निर्माता कंपनियों को कार्बोरेटर में जरूरी बदलाव करने पड़े थे।

भारत स्टेज-III (BSIII)

भारत स्टेज-II के दौरान ही प्रदूषण के बढ़ते मामलों को देखते हुए नए बनने वाले वाहनों के लिए 2005 में भारत स्टेज-III (BS-3) लाया गया। यह स्टेज भी 2010 तक चला और इसमें कार्बन मोनोऑक्साइड उत्सर्जन 2.3 ग्राम/किमी, हाइड्रो कार्बन+नाइट्रोजन ऑक्साइड 0.35 ग्राम/किमी डिस्चार्ज,और रेस्पिरेबल सस्पेंडेड पार्टिकुलेट मैटर डिस्चार्ज 0.05 कर दिया गया था।

इसी स्टेज में डीजल से चलने वाले वाहनों से निकलने वाले धुएं पर भी लगाम कसी गई थी। डीजल मॉडलों के लिए 0.64 ग्राम/किमी का चरम कार्बन मोनोऑक्साइड, 0.50 ग्राम/किमी का नाइट्रस ऑक्साइड और 0.56 ग्राम/किमी का हाइड्रो कार्बन+नाइट्रोजन ऑक्साइड का उत्सर्जन मानक तय किया गया था। इसके आलवा सल्फर की मात्रा को 100 पीपीएम तक सीमित कर दिया गया था।

भारत स्टेज-IV (BSIV)

BSIV (BS-4) मानदंड को अप्रैल 2017 में लाया गया था। इसमें पेट्रोल से चलने वाले यात्री वाहनों में 1.0 ग्राम/किमी के कार्बन मोनोऑक्साइड उत्सर्जन, 0.18 ग्राम/किमी के हाइड्रो कार्बन+नाइट्रोजन ऑक्साइड और डीजल वाले वाहनों में 0.50 ग्राम/किमी का चरम कार्बन मोनोऑक्साइड, 0.25 ग्राम/किमी का नाइट्रस ऑक्साइड और 0.30 ग्राम/किमी का हाइड्रो कार्बन + नाइट्रोजन ऑक्साइड उत्सर्जन स्तर को तय किया गया था।

वर्तमान में दिल्ली जैसे शहरों में इस स्टेज की गाड़ियों पर प्रतिबंध लगाया गया है और 20 साल से ज्यादा पुराने हो चुके वाहनों को नष्ट करने की सलाह गई है।

भारत स्टेज-VI (BSVI)

यह वर्तमान समय में सबसे लेटेस्ट स्टेज है और सभी गाड़ियों में उत्सर्जन स्तर के लिए भारत स्टेज-VI (BS-6) का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसे अप्रैल 2020 में लाया गया था और वैसी गाड़ियां जो इस स्तर से नीचे हैं, उन्हें अपडेट करने की सलाह दी जा रही है।

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