Trending

    Move to Jagran APP
    pixelcheck

    इलेक्ट्रिक बाइक खरीदने का है प्लान, पहले जान लें ये 7 जरूरी बातें

    Updated: Sun, 04 Jan 2026 10:02 AM (IST)

    आपको इलेक्ट्रिक बाइक खरीजने से पहले दैनिक जरूरतों को समझना, बैटरी रेंज और क्षमता की जाँच करना, बैटरी जीवन और वारंटी पर विचार करना और चार्जिंग सुविधाओं ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    भारत में इलेक्ट्रिक बाइक खरीदने की सात जरूरी बातें।

    ऑटो डेस्क, नई दिल्‍ली। अगर आप इलेक्ट्रिक बाइक खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो यह खबर आपके लिए ही है। हाल के समय में इलेक्ट्रिक बाइक केवल एक ट्रेंड नहीं, बल्कि रोजाना के कामकाज के लिए एक ऑप्शन व्हीकल बनती जा रही है। वर्तमान भारतीय बाजार में कई इलेक्ट्रिक बाइक आ चुकी है। यह इलेक्ट्रिक बाइक कई बेहतरीन फीचर्स और लंबी ड्राइविंग रेंज के साथ आती है। इसे देखते हुए हम यहां पर आपको विस्तार में बता रहे हैं कि एक इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल खरीदने के दौरान किन खास बातों का ध्यान रखना चाहिए?

    1. जानें अपनी रोजमर्रा की जरूरत

    1. किसी भी इलेक्ट्रिक बाइक को खरीदने से पहले यह समझना बेहद जरूरी है कि आप उसे किस तरह इस्तेमाल करने वाले हैं। क्या आपका रोज का सफर शहर के अंदर 30–40 किलोमीटर तक सीमित है? या फिर आपको अक्सर 60–80 किलोमीटर की लंबी राइड करनी पड़ती है? कहीं रास्ते में फ्लाईओवर, चढ़ाई या ट्रैफिक ज्यादा तो नहीं?
    2. अक्सर हम सिर्फ ऑफिस आने-जाने की दूरी गिनते हैं और बाकी छोटे-बड़े चक्कर भूल जाते हैं। इन छोटे-बड़े चक्करों में बच्चों को क्लास से लाना, वीकेंड पर रिश्तेदारों के यहां जाना या अचानक किसी काम से निकलना।
    3. हकीकत में, EV लेने के बाद लोग ज्यादा चलाने लगते हैं। इसलिए बेहतर यही है कि आप ऐसी इलेक्ट्रिक बाइक चुनें, जो आपकी जरूरत से थोड़ा ज्यादा रेंज दें।

    2. रेंज और बैटरी कैपेसिटी

    1. रेंज वो सवाल है जो हर खरीदार सबसे पहले पूछता है। आज भारत में मिलने वाली ज्यादातर इलेक्ट्रिक स्कूटर और बाइक एक बार चार्ज करने पर लगभग 90 से 200 किलोमीटर तक चलने का दावा करती हैं।
    2. महंगी और प्रीमियम EVs में बड़ी बैटरी (करीब 4–5 kWh) होती है, जो बेहतर कंडीशन में 150 किलोमीटर से ज्यादा भी चल सकती हैं। वहीं, सिटी-फोकस्ड और किफायती मॉडल आमतौर पर 70–100 किलोमीटर की रियल-यूज रेंज देते हैं।
    3. यह समझना जरूरी है कि कंपनी की बताई रेंज हमेशा असली नहीं होती। ट्रैफिक, रुक-रुक कर चलाना, वजन, पिलियन, मौसम और सड़क की हालत ये सभी रेंज पर असर डालते हैं।
    4. आम तौर पर समझदारी से चलाने पर असली रेंज, क्लेम की गई रेंज का लगभग दो-तिहाई होती है। इसलिए टेस्ट राइड में ध्यान दें कि ट्रैफिक में रेंज कितनी तेजी से गिरती है। इसके साथ ही मौजूदा मालिकों से भी उनका अनुभव पूछें।

    3. बैटरी लाइफ और वारंटी

    1. आजकल लगभग सभी इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर लिथियम-आयन बैटरी के साथ आते हैं। ये हल्की होती हैं, जल्दी चार्ज होती हैं और रोजमर्रा के इस्तेमाल के लिए बेहतर मानी जाती हैं। कंपनियां आमतौर पर बैटरी पर 3 साल या तय किलोमीटर की वारंटी देती हैं, और कुछ एक्सटेंडेड वारंटी का ऑप्शन भी देती हैं।
    2. जब आप इलेक्ट्रिक बाइक खरीदने जाए, तो डीलर से जरूर पूछें कि वारंटी में बैटरी की क्षमता (capacity) कितनी गिरने पर कवर खत्म मानी जाएगी। साथ ही, यह जानना भी बहुत जरूरी है कि वारंटी खत्म होने के बाद नई बैटरी बदलवाने में कितना खर्च आएगा। यह खर्च आपके कुल ओनरशिप कॉस्ट को काफी प्रभावित करता है।

    4. चार्जिंग टाइम और चार्जिंग की सुविधा

    1. अधिकांश भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन यूजर्स के लिए सबसे बड़ी राहत यही है कि बाइक को घर पर चार्ज किया जा सकता है। साधारण 15A सॉकेट से छोटी बैटरी वाली इलेक्ट्रिक स्कूटर 4–5 घंटे में चार्ज हो जाती है, जबकि बड़ी बैटरी वाली EVs को 6–8 घंटे तक लग सकते हैं।
    2. फास्ट चार्जिंग सुनने में आकर्षक लगती है, लेकिन असल सवाल यह है कि क्या आपके शहर में उस ब्रांड के चार्जर मौजूद हैं? क्या वे आपके रोज के रूट पर पड़ते हैं? और क्या वे सभी के लिए खुले हैं या सिर्फ उसी कंपनी के ग्राहकों के लिए? साथ ही, यह भी देखें कि आपके घर या ऑफिस में सुरक्षित चार्जिंग की जगह है या नहीं, जहां रोज़ बिना झंझट बाइक को प्लग इन किया जा सके।

    5. सब्सिडी, रजिस्ट्रेशन और रनिंग कॉस्ट

    1. पिछले कुछ वर्षों में सरकारी सब्सिडी ने इलेक्ट्रिक वाहन को किफायती बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। हालांकि ये स्कीम्स समय के साथ बदलती रहती हैं। इसलिए यह मानकर न चलें कि हर इलेक्ट्रिक बाइक पर भारी सब्सिडी मिलेगी।
    2. डीलर से साफ पूछें कि जो कीमत बताई जा रही है, उसमें सब्सिडी शामिल है या नहीं। लंबे समय में देखें तो इलेक्ट्रिक बाइक की बिजली लागत, पेट्रोल स्कूटर के मुकाबले काफी कम होती है। साथ ही मेंटेनेंस भी सस्ता रहता है क्योंकि इंजन ऑयल, क्लच जैसी चीजें होती ही नहीं।

    6. परफॉर्मेंस, राइडिंग मोड और ब्रेकिंग

    1. इलेक्ट्रिक मोटर की सबसे बड़ी खूबी है इसका इंस्टेंट टॉर्क होता है। कम पावर आंकड़े होने के बावजूद EVs शहर में काफी फुर्तीली लगती हैं। अक्सर इनमें Eco, Normal और Sport जैसे राइडिंग मोड होते हैं, जो पिकअप और रेंज दोनों को प्रभावित करते हैं।
    2. टेस्ट राइड के दौरान यह जरूर चेक करें कि जिस मोड में बाइक आपको सही लगती है, उसी मोड में वह आपकी रोज की दूरी आराम से कवर कर पा रही है या नहीं।
    3. ब्रेकिंग और सस्पेंशन पर भी ध्यान दें, खासकर खराब सड़कों पर। बैटरी का वजन नीचे होने से बाइक स्टेबल लगती है, लेकिन पार्किंग में थोड़ी भारी महसूस हो सकती है।

    7. बिल्ड क्वालिटी, सर्विस और सॉफ्टवेयर

    1. इलेक्ट्रिक बाइक को भी भारतीय सड़कों, बारिश और धूल में ही चलना है। इसलिए पैनल फिटमेंट, स्विच क्वालिटी, सीट कम्फर्ट और चार्जिंग पोर्ट की मजबूती जरूर जांचें। साथ ही यह चेक करें कि आपके आसपास सर्विस सेंटर है या नहीं और स्पेयर पार्ट्स आसानी से मिलेंगे या नहीं।
    2. आज की इलेक्ट्रिक बाइक सॉफ्टवेयर पर भी काफी निर्भर होती हैं। ओवर-द-एयर अपडेट फायदेमंद हैं, लेकिन यह भी सुनिश्चित करें कि लाइट, हॉर्न और राइड मोड जैसी जरूरी चीजें पूरी तरह टचस्क्रीन या ऐप पर निर्भर न हों।

    हमारी राय

    EV सेक्टर अभी नया है और कुछ ब्रांड बीच में ही गायब भी हो चुके हैं। इसलिए ऐसी कंपनी चुनना समझदारी है, जिसकी मौजूदगी आने वाले 5–7 साल तक बनी रहने की संभावना हो। मजबूत बैकग्राउंड, साफ प्लान और भरोसेमंद नेटवर्क वाला ब्रांड भविष्य के लिए ज्यादा सुरक्षित रहता है। अगर आप सही तैयारी और समझ के साथ इलेक्ट्रिक बाइक खरीदते हैं, तो यह कोई एक्सपेरिमेंट नहीं बल्कि एक समझदारी भरा फैसला बन सकता है। अपनी जरूरतों के हिसाब से रेंज चुनें, चार्जिंग और सर्विस की सुविधा पहले जांच लें।