मोटरसाइकिल में ABS से क्या होता है फायदा, कैसे करता है काम, क्या Non ABS तकनीक से ज्यादा होता है बेहतर, पढ़ें पूरी खबर
Motorcycle ABS System भारत में बड़ी संख्या में मोटरसाइकिल से हादसे होते हैं। लेकिन लगातार नई तकनीक के साथ इनको बेहतर और सुरक्षित बनाया जा रहा है। मोटरसाइकिल में सुरक्षा बढ़ाने के लिए एबीएस जैसे सेफ्टी फीचर को दिया जा रहा है। इससे किस तरह से फायदा मिलता है यह कैसे काम करता है और क्या यह नॉन एबीएस तकनीक से ज्यादा बेहतर होता है? आइए जानते हैं।

ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। देश में रोजाना बड़ी संख्या में सड़क हादसे होते हैं। इन हादसों में सबसे ज्यादा संख्या मोटरसाइकिल की होती है। हादसों को कम करने और मोटरसाइकिल को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए कई तरह के कदम उठाए जा रहे हैं। कई निर्माताओं की ओर से अपनी मोटरसाइकिल में अब एबीएस जैसे सेफ्टी फीचर को दिया जाने लगा है। एबीएस और नॉन एबीएस तकनीक में क्या अंतर (ABS Vs Non ABS) होता है। इनमें से किसके साथ मोटरसाइकिल (Motorcycle ABS System) को चलाते समय ज्यादा सुरक्षा मिलती है। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।
ABS Vs Non ABS में क्या है अंतर
एबीएस और नॉन एबीएस (ABS Vs Non ABS) तकनीक में अंतर को समझना काफी आसान है। एबीएस के साथ जिन बाइक्स को ऑफर किया जाता है उनको कंट्रोल करना नॉन एबीएस बाइक्स की तुलना में ज्यादा और बेहतर और आसान होता है। खासतौर पर खराब सड़कों, गीली सड़कों और पैनिक ब्रेकिंग जैसी स्थिति में जब ब्रेक लगाए जाते हैं तो एबीएस तकनीक के कारण बाइक पर कंट्रोल बनाए रखना भी आसान हो जाता है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक एबीएस के साथ आने वाले वाहनों के मुकाबले बिना एबीएस के साथ आने वाले वाहनों से 35 फीसदी ज्यादा हादसे होते हैं। राहत की बात यह है कि ABS तकनीक के साथ आने वाली बाइक्स के इंजन में किसी तरह का बुरा असर नहीं होता।
ABS के साथ मोटरसाइकिल में मिलते हैं फायदे
एबीएस वाली बाइक्स को बिना एबीएस वाली बाइक्स (motorcycle ABS benefits) के मुकाबले में तेज ब्रेक लगाकर रोकने पर बाइक फिसलती नहीं है। एबीएस वाली बाइक्स में ड्राइवर का पूरी तरह से कंट्रोल रहता है। इसके साथ ही तेज ब्रेक लगाने पर पहिए भी पूरी तरह से लॉक नहीं होते और बाइक बिना दिशा बदले आसानी से रूक जाती है।
ABS तकनीक किस तरह करती है काम
बाइक में एबीएस सिस्टम को तैयार करने के लिए कई पार्ट्स का एकसाथ काम करना (how ABS works in bikes) जरूरी होता है। एबीएस बाइक में स्पीड सेंसर, ईसीयू और हाइड्रोलिक कंट्रोल यूनिट मिलकर काम करते हैं और बाइक को सुरक्षित रखने में मदद करते हैं। एक बार ब्रेक लगाने के बाद काफी कम समय में ईसीयू में जानकारी जाती है। वहां से यह तय किया जाता है कि बाइक के किस पहिए में कितनी तेजी से ब्रेक लगाने हैं। जिसके बाद बाइक मे ब्रेक लगाए जाते हैं।
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