नई दिल्ली, ऑटो डेस्क। आज के समय में वाहन निर्माता ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अपनी गाड़ियों में कई लेटेस्ट फीचर्स को शामिल कर रहे हैं। ट्रैक्शन कंट्रोल, लेन कीप असिस्टेंस, एम्बिएंट लाइट सेंसर इन्ही में से एक है। पर ड्राइव की मदद के लिए एक नए फीचर को भारतीय गाड़ियों में शामिल किया जा रहा है, जिसे हेड अप डिस्प्ले (HUD) नाम से जाना जाता है। यह सिर्फ एक डिस्प्ले नहीं है, बल्कि यह वो एडवांस तकनीक है जिसने पूरे ड्राइविंग एक्सपीरियंस को ही बदल कर रख दिया है। तो चलिए आज की लेटेस्ट कारों में मिलने वाले इस फीचर के बारे में जानते हैं।

क्या है हेड अप डिस्प्ले या HUD?

जैसा कि नाम से ही पता चलता है हेड अप डिस्प्ले ड्राइवर के सिर के बिल्कुल सामने और स्टियरिंग व्हील के पीछे होता है। यह सामान्य टचस्क्रीन डिस्प्ले से अलग होता है और पूरी तरह से ट्रांसपैरेंट होता है। इस वजह से इसे देखने के लिए ड्राइवर को रास्तों से नजर हटाने की जरूरत नहीं पड़ती और वें रास्तों के साथ-साथ डिस्प्ले को भी देख सकते हैं। आमतौर पर इस डिस्प्ले में स्पीडोमीटर, टैकोमीटर और नेविगेशन सिस्टम दिखाई देते हैं।

कैसे करता है काम ?

HUD के काम करने का तरीका बाकी मॉडल्स से बिल्कुल अलग है। HUD तकनीक अक्सर सिस्टम पर निर्भर करती है और इसकी पूरी जानकारी लेजर लाइटों पर टिकी होती है। लेजर लाइट के जलने पर डिस्प्ले पर जानकारियां दिखाई देने लगती है। कार के डैशबोर्ड में लगा एक प्रोजेक्टर पारदर्शी इमेज को विंडस्क्रीन पर भेजता है, जिससे ड्राइवर को इमेज दिखाई देने लगती है।

इस तरह मिलता ड्राइविंग का शानदार एक्सपीरियंस

HUD एक डिस्प्ले सिस्टम तो है, लेकिन यह ड्राइविंग के बेहतर अनुभव को भी शामिल करता है। इसकी बहुत-सी खूबियां हैं, जो HUD एक एडवांस कैटेगरी का फीचर बनाता है।

सेफ्टी का पूरा ध्यान- हेड अप डिस्प्ले की सबसे खास बात है कि यह अपने पारदर्शी फीचर के कारण ड्राइवर का ध्यान भटकने नहीं देता। इसके लिए डिस्प्ले पर ही पूरे डेटा को प्रोजेक्ट किया जाता है ताकि ड्राइवर का ध्यान सेलफोन या डैशबोर्ड कंट्रोल की तरफ न जाए। साथ ही HUD के विंडस्क्रीन पर सारी आवश्यक जानकारी दिखाई जाती है, इसलिए उसे इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर पर किसी भी तरह की सर्च की जरूरत नहीं होती है।

फीचर्स प्रेमियों को करता फील गुड- एक एडवांस फीचर्स जो आपके कार के केबिन में किसी AI तकनीक के होने का एहसास करवाता हो, किसे पसंद नहीं है। HUD को देखने पर ऐसा ही फील होता है, जिससे यह कार के केबिन में फील-गुड वाइब को बढ़ा देता है।

एक साथ बहुत-सी सर्विस- HUD का काम सिर्फ सिर्फ जानकारी को डिस्प्ले करना नहीं है। इसमें ब्लूटूथ, जीपीएस और नेविगेशन सिस्टम देखने को मिलता है। वहीं, रात के समय में इसके नाइट विजन फीचर की वजह से इसे देखना बहुत आसान हो जाता है।

ये भी पढ़ें-

एक्सीडेंट के समय लॉक हो जाती हैं ज्यादातर गाड़ियां, जान बचाने के लिए ये टिप्स बनेंगी संजीवनी

क्या आपके पास भी हैं दो ड्राइविंग लाइसेंस? जाने लें इससे जुड़े नियम नहीं तो भुगतने होंगे परिणाम

Edited By: Sonali Singh

जागरण फॉलो करें और रहे हर खबर से अपडेट