यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Skanda Sashti 2025: स्कंद षष्ठी के दिन इन मूलांकों को मिलेगी गुड न्यूज, इन बातों का रखें ध्यान
अंक ज्योतिष (Mulank 1 and 7 Jyotish) और टैरो कार्ड रीडर पल्लवी एके शर्मा के अनुसार जून महीने का पहला ...और पढ़ें

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, आज यानी 1 जून को स्कंद षष्ठी का पर्व मनाया जा रहा है। इस शुभ अवसर पर भगवान स्कंद की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही श्रद्धा अनुसार अन्न और धन समेत आदि चीजों का दान करना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, स्कंद षष्ठी के दिन पूजा करने से साधक को शुभ परिणाम मिलते हैं।
ज्योतिष गणना के अनुसार, स्कंद षष्ठी के दिन (1 June 2025 Numerology Prediction) मूलांक 1 और 7 के लोगों को शुभ फल की प्राप्ति होगी। साथ ही रुके हुए काम पूरे होंगे। मूलांक 1 के स्वामी सूर्य देव और मूलांक 7 के स्वामी केतु देव हैं। आइए अंक ज्योतिष और टैरो विशेषज्ञ पल्लवी एके शर्मा से जानते हैं कि मूलांक 1 और 7 के लिए जून का पहला दिन कैसा रहने वाला है।
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(Pic Credit- Freepik)
इन बातों का रखें ध्यान
- जीवन में आगे बढ़ें और नई शुरुआत करें।
- अपने जीवन के सभी पहलुओं में समृद्धि और शांति प्रकट करें।
- जून के महीने की शुरुआत में नई शुरुआत की सुंदरता को अपनाएं और हर पल को यादगार बनाएं।
- स्वयं प्रेम की प्रेरणा के साथ जून का स्वागत करें। क्योंकि जब आप अपने मूल्य को समझते हैं और अपनी जरूरतों को पूरा करते हैं, तो खुशी आपको मिल जाती है। भले ही यह कठिन लगे।
- महीने का पहला दिन अपने आप को लक्ष्य दें। विभिन्न लक्ष्यों के लिए योजना बनाएं।
- प्रकृति से जुड़ने के अपने तरीकों की सराहना करें।
इन कार्यों से बनाएं दूरी
- स्वार्थी होना।
- सबके लिए हां में हांमिलाने वाला व्यक्ति होना।
- घमंडी होना।
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आज कुछ देर के लिए बिना रुके इसका जाप करें - ''मैं अपने विकास के लिए प्रतिबद्ध हूं, मुझे ब्रह्मांड का समर्थन प्राप्त है।''
ॐ गं गणपतये नमः।
ओम नमो भगवते वासुदेवाय।
ॐ नमः शिवाय
ॐ हुं हनुमते नमः
रोजाना पूजा के दौरान हनुमान चालीसा का पाठ करें। साथ ही सच्चे मन से जीवन में सुख-शांति की प्राप्ति के लिए कामना करें।
सूर्य पौराणिक मंत्र
जपाकुसुम संकाशं काश्यपेयं महाद्युतिम ।
तमोsरिं सर्वपापघ्नं प्रणतोsस्मि दिवाकरम ।।
सूर्य वैदिक मंत्र
ऊँ आकृष्णेन रजसा वर्तमानो निवेशयन्नमृतं मर्त्यण्च ।
हिरण्य़येन सविता रथेन देवो याति भुवनानि पश्यन ।।
कामना पूर्ति के लिए करें भगवान सूर्य के इन मंत्रों का जाप
- ॐ घृणिं सूर्य्य: आदित्य:
- ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः ।
- ॐ सूर्याय नम: ।
- ॐ घृणि सूर्याय नम: ।
- ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।।
- ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:।
- ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ
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