यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 21, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अफगानिस्तान में भारत की 'शून्य' भूमिका देखता है पाकिस्तान
अमेरिका, अफगानिस्तान में भारत की भूमिका की सराहना कर रहा है। लेकिन जब पाक पीएम अब्बासी से अफगानिस्तान में भारत ...और पढ़ें

न्यूयॉर्क, पीटीआइ। प्रधानमंत्री शाहिद खाकन अब्बासी का कहना है कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान में भारत के लिए 'शून्य' राजनीतिक और सैन्य भूमिका देखता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने युद्धग्रस्त देश में शांति और स्थिरता लाने के लिए नई दिल्ली से ज्यादा मदद मांगी है। ट्रम्प ने पिछले महीने अपनी नई अफगान और दक्षिण एशिया नीति की घोषणा करते हुए पाकिस्तान की आतंकवादियों को आश्रय देने की आलोचना की थी। अमेरिका के राष्ट्रपति ने भारत को अफगानिस्तान की और अधिक सहायता करने के लिए कह है, खासतौर से आर्थिक सहायता और विकास के क्षेत्र में।
अमेरिका, अफगानिस्तान में भारत की भूमिका की सराहना कर रहा है। लेकिन जब पाक पीएम अब्बासी से अफगानिस्तान में भारत की भूमिका के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, 'शून्य, हम अफगानिस्तान में भारत के लिए किसी राजनीतिक या सैन्य भूमिका की उम्मीद नहीं करते हैं। मुझे लगता है कि यह सिर्फ स्थिति को मुश्किल करेगा और यह कुछ भी हल नहीं करेगा इसलिए यदि वे आर्थिक सहायता करना चाहते हैं, तो उनका विशेषाधिकार है, लेकिन हम अफगानिस्तान में भारत के लिए राजनीतिक या सैन्य भूमिका को स्वीकार या नहीं देखते हैं।'
उन्होंने कहा, 'हम अफगानिस्तान में भारत के लिए कोई राजनीतिक अथवा सैन्य भूमिका नहीं देख रहे हैं। मेरा मानना है कि यह स्थिति को और जटिल बना देगा और इससे कोई हल नहीं निकलेगा। तो अगर वे आर्थिक सहयोग देना चाहते हैं तो यह उनका विशेषधिकार है, लेकिन हम अफगानिस्तान में न तो भारत की किसी भी राजनीतिक अथवा सैन्य भूमिका को देख रहे हैं और न ही स्वीकार करते हैं।'
अफगानिस्तान में भारत को निवेशक के तौर पर देखे जाने के प्रश्न पर उन्होंने कहा, 'यह उन पर निर्भर है। सभी देशों को एक दूसरे के साथ व्यापार करने, निवेश करने का हक है। इसलिए अगर वे ऐसा करना चाहते हैं, तो कर सकते हैं भारत ने पहले भी अफगानिस्तान में निवेश किया है।' अब्बासी ने आतंकवादी संगठन हक्कानी नेटवर्क और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के बीच संबंध वाले प्रश्न को सिरे से खारिज कर दिया।
पाक प्रधानमंत्री ने कहा, 'देखिए, हम किसी संगठन की किसी भी गतिविधि को पाकिस्तान के अंदर आतंकवादी खतरा पैदा करने अथवा अन्य देशों में इसे फैलाने की अनुमति नहीं देते।' उन्होंने कहा कि किसी भी अन्य देश से ज्यादा पाकिस्तान चाहता है कि अफगानिस्तान में शांति हो।
अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने चरमपंथियों पर अंकुश लगाने के लिए पाकिस्तान से एक साथ मिल कर काम करने की अपील की। गनी की इस अपील को एक अवसर के रूप में देखा जा रहा है क्योंकि अमेरिका ने अफगानिस्तान में और सैनिक भेजे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा में गनी ने अपने संबोधन में कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई अफगान रणनीति ने तालिबान छापामारों को संदेश दे दिया है कि वह युद्ध के मैदान में जीत नहीं सकते और उन्हें शांति के लिए वार्ता करनी चाहिए।
