यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 27, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अमेरिका जाने वाले वाले यात्री हो जाएं सतर्क, अब इन सुरक्षा प्रक्रियाओं से पड़ेगा गुजरना
ये नए नियम सिर्फ विदेशियों के लिए ही नहीं, बल्कि अमेरिकी नागरिकों के लिए भी हैं। दुनियाभर के कई एयरपोर्ट पर इसे लागू कर दिया गया है।

एपी, वाशिंगटन। अमेरिका जाने वाले विमान यात्रियों को अब सुरक्षा के नाम पर और अधिक असुविधाजनक परिस्थितियों का सामना करना पड़ेगा। गुरुवार से दुनिया भर के एयरपोर्ट पर अमेरिका जाने वाले विमान यात्रियों के लिए नए सुरक्षा नियम लागू हो गए। ट्रांसपोर्टेशन सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन के एक प्रवक्ता ने बताया कि इसके अंतर्गत रोजाना करीब 2,100 विमान प्रभावित होंगे।
सबसे पहले आपको बता दें कि दूसरे देशों से अमेरिका जाने वाले सभी विमानों पर नए नियम लागू होंगे और ये सिर्फ विदेशियों के लिए ही नहीं बल्कि अमेरिकी नागरिकों के लिए भी हैं। अमेरिका जाने से पहले अब सभी यात्रियों को एक पूछताछ प्रक्रिया से गुजरना पड़ेगा।
एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, यात्रियों से उनके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बारे में पहले से ज्यादा और विस्तार से पूछताछ की जा सकती है और उन्हें विमानन कर्मचारियों द्वारा सुरक्षा संबंधी साक्षात्कार का सामना करना पड़ सकता है।
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, फिलहाल दुनिया में लंबी दूरी की यात्रा कराने वाली पांच बड़ी विमानन कंपनियों ने इस सुरक्षा नियम को लागू करने की घोषणा की है। इनमें एयर फ्रांस, कैथी पैसिफिक, इजिप्ट एयर, एमिरेट्स और लुफ्थांसा शामिल हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुरोध पर यह कदम उठाया गया है।
हालांकि विमानन कंपनियों के साक्षात्कार के तरीके एक दूसरे से अलग हो सकते हैं। जैसे कि एयर फ्रांस ने कहा है है कि वह नए सुरक्षा साक्षात्कार गुरुवार से पेरिस के ऑर्ली एयरपोर्ट पर शुरू कर देगा। इसके एक हफ्ते बाद इसे चार्ल्स द गॉल एयरपोर्ट पर भी शुरू किया जाएगा। इसके लिए सभी यात्रियों को सवालों वाला एक नया फॉर्म दिया जाएगा। फॉर्म में मौजूद सवालों के जवाब यात्रियों को लिख कर देने होंगे।
उधर, एमिरेट्स ने एक बयान में कहा है कि वह दुबई से जाने वाले यात्रियों से चेक-इन काउंटर और बोर्ड-इन काउंटर पर साक्षात्कार शुरू कर रहा है। उसने अपने यात्रियों से कहा है कि दुबई के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से यात्रा करते समय अतिरिक्त समय लेकर आएं।
वहीं हांगकांग की कैथी पेसिफिक एयरवेज ने अपनी वेबसाइट पर कहा है कि उसने अमेरिका जाने वाले सभी यात्रियों के लिए खुद से सामान चेक इन करने की सुविधा बंद कर दी है। इजिप्ट एयर ने भी बयान में कहा है कि नए उपायों में यात्रियों और उनके सामान की जांच होगी, साथ ही उनसे पूछताछ होगी।
जर्मनी की लुफ्थांसा ने कहा है कि अमेरिकी ट्रांसपोर्टेशन सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन के नए नियम आए हैं। उसके मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस कंट्रोल पहले से ही लागू कर दिया गया है। हालांकि अभी यह पता नहीं चल सका है कि दूसरे विमानन कंपनियों पर इसका क्या असर होगा। ट्रंप प्रशासन पहले ही लैपटॉप बैन और ट्रैवल बैन को लेकर दुनिया की तमाम विमानन कंपनियों को उलझन में डाल चुका है।
